LATEST SAD SHAYARI IN HINDI
जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब हम खुद को बेहद अकेला महसूस करते हैं और अपने दर्द को बयां करने के लिए सही शब्दों की तलाश करते हैं। Sad Shayari (सैड शायरी) वही जरिया है जो टूटे हुए दिल के जज्बातों को जुबां देती है। चाहे प्यार में मिला धोखा हो, अधूरी मोहब्बत हो, या फिर जिंदगी की उलझनें, शायरी के माध्यम से हम अपने अंदर छिपे तूफान को शांत कर सकते हैं।
इस पोस्ट में हमने आपके लिए Best Sad Shayari in Hindi, Heart Touching Broken Heart Quotes और Emotional Status का एक बेहतरीन संग्रह तैयार किया है। यहाँ आपको हर वो अहसास मिलेगा जो आपके दिल के करीब है। इन दर्द भरी शायरियों (Dard Bhari Shayari) को आप अपने WhatsApp, Facebook, Twitter या Instagram पर शेयर करके अपने दिल का हाल बयां कर सकते हैं।
ताल्लुक .. की कीमत चुकाता रहता हूं।
मैं उसके झूठ पर भी मुस्कुराता रहता हूं।।
मगर गरीब की बातों को कौन सुनता है।
मैं बादशाह था सबको बताता रहता हूं।।
वक्त की रेत हाथों से कुछ यूं फिसल गई।
जब तक समझ पाते, जिंदगी निकल गई।।
मलाल हमको है कि हम मना नहीं पाए।
मलाल उसको भी होगा कि मान जाना था।।
मतलब की दुनिया है फरेब का जमाना है।
दिलों में नफ़रत है और मुंह पर याराना है।।
बस इस सबक से तुझपे तो बहुत भरोसा था।
गिले अगर ना भी हों तो हैरानियां तो होंगी ना।।
तीर हल्का है अपना मुकद्दर की हवा से।
फेंकता कहीं और हूं, गिरता कहीं और है।।
ठहराव था ही नहीं, रूकती थी निकल लेती थी।
मैं कपड़े बदलते सोचता वो मर्द बदल लेती थी।।
पंख परिंदों के ही अच्छे लगते हैं,
इंसान के लगते ही बर्बादी शुरू हो जाती है।
उठाकर देखी मैंने आज यादों की पुरानी किताब,
पिछले साल इन्हीं दिनों की बात ही कुछ और थी।
घड़ी से लाख महंगा तो घड़ी का वक्त होता है।
जो इसकी कद्र करता है उसी का वक्त होता है।।
उदासी लुफ्त लेने को चली आती है महलों से।
हमारी झोपड़ी में जब भी खुशी का वक्त होता है।।
सितम यह है कि हम जैसे गरीबों की कलाई में।
घड़ी होती किसी की है किसी का वक्त होता है।।
पतझड़ में आज़मा लेना हमको ऐ साहिबा !
अभी तो सावन है हर पत्ता हरा ही नजर आएगा।।
धरा पे चंदा की चांदनी गगन पे तारा नहीं मिलेगा।
कद्र ग़र कुदरत की ना हुई तो ये नजारा ना मिलेगा।।
फ़िर से नया शख़्स मुझे समझने आया है,
मैं सोच रहा हूं उसे अपने पुराने किस्से सुना दूं।
दुनिया किरदार से नहीं हालात से इज्ज़त देती है,
फ़कीर बादशाह बने तो रिश्तेदार निकल आते हैं।
तुमने जो रचाई है अपने हाथों पर मेहंदी।
वह मेंहदी नहीं हमारे दिल का खून है।।
इस भरी गर्मी में कुछ तो सुकून आ जाए। ❣️
या तो आप आ जाइए या मानसून आ जाए।।
रोज़ सजते हैं जो कोठों पर हवस का दस्तर,
लोग अगर दरिंदे ना होते तो वो माएं होतीं !!
बेवफ़ाओं के किस्मत में प्यार नहीं होता,
उम्र बीत जाती है, महबूब बदलते बदलते।
मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते हैं।
और जागती आंखों में भी ख्वाब होते हैं।।
जरूरी नहीं कि गम में ही आंसू निकले।
मुस्कुराती आंखों में भी दर्द के सैलाब होते हैं।।
तेरी खता नहीं जो तूं गुस्से में आ गया।
पैसे का जोश था तेरे लहजे में आ गया।।
सिक्का उछाल करके तेरे पास क्या बचा।
देख तेरा गुरूर तो मेरे कांसे में आ गया।।
सिगरेट और गांजा तो बच्चे फूंकते हैं।
हमने तो अपना पूरा कैरियर ही फूंक रखा है।।
तुम आसान समझते हो उम्मीदों का टूट जाना।
हमसे पूछो सबकुछ पाकर कुछ ना पाना।।
मुस्कुराते हुए आंसू भी निकल आएंगे।
कभी वक्त के हाथों से तमाचा खाना।।
दुनियादारी में थोड़े कच्चे रह गए।
बस हमीं सभी के साथ अच्छे रह गए।।
करार दिल को सदा जिसके नाम से आया।
वह आया तो और किसी काम से से आया।।
जहां तक मुमकिन था कहानी सुनाई गयी।
जब गला भर आया तो फिर कलम उठाई गयी।।
एक हादसा कुछ यूं हुआ था एक बार, कि
उसके बाद जिंदगी कभी महसूस नहीं हुई..! ❤️🩹
तुम से बिछड़ के फिर कोई हसरत नहीं बची।
फिर तेरे जैसे शख्स़ से मिलना नहीं हुआ।। 🥀
उठोगे अगर तुम तो चल देंगे हम भी।
यह महफ़िल किसी की सगी तो नहीं है।।
सभी के जिस्म पर अच्छाई की मोहरें थी। 😊
❤️🩹 उस अंजुमन में अकेला खराब में ही था।
अदब की महफ़िलों में यूं हुआ सुखन घायल।
किसी का ज़ह्न था घायल कहीं कहन घायल।।
छुङा के हाथ गया है वो जब से महफ़िल से।
हुए हैं चहरे सभी ज़र्द अंजुमन घायल।।
बात दिन की नहीं अब रात से डर लगता है।
कच्चा मेरा मकान है बरसात से डर लगता है।।
प्यार को छोड़कर कोई और बात कर लो।
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है।।
कभी इस जुर्म पर सर काट दिए जाते थे।
अब तो इनाम दिया जाता है गद्दारी पर।।
तुमने कहा था हर शाम तेरा हाल पूछेंगे।
अब बदल गए हो या तुम्हारे शहर में शाम नहीं होती?
तकब्बुर नेकी को खा जाता है।
तुमने तो गुनाहों पर फक्र किया है।।
तकब्बुर = अहंकार, फक्र = घमंड।
यह खुली खुली सी ज़ुल्फ़ें इन्हें लाख तुम संवारो,
ये मेरे हाथ से संवरती तो कुछ और बात होती।
मुझे अपनी ज़िंदगी का कोई ग़म नहीं है लेकिन,
तेरे दर पे जाँ निकलती तो कुछ और बात होती!!
तुमने बस सुना है हम पर तो बीती है।
यह जो मोहब्बत है न सच में खून पीती है।।
तकाजा उम्र का ही समझो हम खतरे भांप लेते हैं।
और वो समझते हैं कि हमें परहेज है इश्क से।।
किसी धोखेबाज शख्स से इश्क़ का हो जाना।
समझो बद्दुआ लगी है किसी चाहने वाले की।।
बोतल पर बोतल पीने से क्या फायदा मेरे दोस्त!
रात जब गुजरेगी तो साली उतर जाएगी।
पीना ही है तो किसी की बेवफाई पीयो दोस्त !
कसम से सारी जिंदगी नशे में गुजर जाएगी।।
सुना है इश्क करने जा रहे हो? सुनो!
जिंदा तो आओगे पर जी नहीं पाओगे।
मैं हारता नहीं हूं कभी लफ़्ज़ों के सामने।
देख तन्हा खड़ा हूं तेरे वकीलों के सामने।।
भटकोगे तुम भी वफ़ा की तलाश में।
एक वक्त के बाद यह हुस्न ढल जाएगा।।
तो क्या हुआ जो आप नहीं मिलते हमसे।
मिला
रब भी नहीं मगर इबादत बंद नहीं की हमने।।
बड़ी मुख्तसर वजह है मेरे झुककर मिलने की।
मिट्टी का तो बना हूं गुरूर मुझपर नहीं जंचता।।
उड़ा दो हवा में सारी रंजिशें यारों।
दो पल की जिंदगी है कब तक नफ़रत करोगे।।
कड़वी दवाई नहीं पीते थे बचपन में जो कभी।
बच्चे बड़े क्या हुए इश्क में शराब पीने लगे।।
चलो हिसाब बराबर हुआ अब कोई गम नहींं!
मेरे पास तुम नहीं, तेरे पास अब हम नहीं।।
गुरूर कहाँ ठहरे, हममें "मैं" है ही नहीं,
तुम तो जो हो तुम हो, हम में “हम हैं ही नहीं” !
उसे बेवफ़ा जो बोलूं तो तौहीन-ए-वफ़ा होगी,
वो वफा निभा तो रहे है कभी इधर कभी उधर..!
वक्त आने पर खुलते हैं किरदार सारे,
पहली नजर में हर कोई वफादार लगता है।
तुम खाली होगे तो बताओगे हाल अपना!
मैं भीड़ में भी सोचता हूं कैसे होगे तुम।
यानी ये तड़पना भी कोई काम का नहीं ,
यानी मैं मर के बताऊं कि मैं दर्द में हूं ।
न आंख चुराके बात कर न आंखें दिखाके बात कर,
जब कभी तू साथ रहे तो बस मुस्कुराके बात कर।।
साफ दामन का दौर अब खत्म हुआ दोस्त ,
लोग अब अपने धब्बे पर गुरूर करने लगे हैं…।।
शरीक-ए-जुर्म न होते तो मुखबिरी करते।
हमें खबर है लुटेरों के हर ठिकाने की।।
मैंने सौ तरकीबें ढूंढ़ी होनी को भगाने की।
मगर वो इश्क था होकर ही माना …!
हमने हर दौर में इंसान से ही मोहब्बत की।
दौलत भी हुई तो कुत्ता नहीं पाला हमने..।।
तुमने मेरी आत्मा की गरिमा को ललकारा था।
तुम्हें त्यागना हमारा अंतिम विकल्प बन गया।।
कब तक अपमान सहा जाए,
द्वन्द्व कहां तक पाला जाए।।
तूं भी तो राणा का वंशज है।
फेंक जहां तक भाला जाए।।
जिस देश के लोग शहीदों को भूल जाते हैं।
वह देश नये शूरवीरों को पैदा नहीं कर सकता।।
तेरे बगै़र मुकम्मल नहीं कोई भी महफ़िल,,,
तेरा ख़्याल मेरी हर ख़ुशी में शामिल है…!!❤️
मैं वह 'समझदार' हूं जिसे पता है कि,
किसने मुझे कितना बेवकूफ बनाया है।
वैसे कमी तुम्हारी तो है ही नहीं,
बात यह है कि वक्त हमारा नहीं है।
बिगड़ी जुल्फें, बढ़ी दाढ़ी, गुमशुदा हालात।
यार तुमने तो जुदाई का ढोल पीट दिया।।
उड़ने दो रंगों को इस बेरंग जिंदगी में।
एक त्यौहार ही तो हैं जो हमें रंगीन बनाते हैं।।
मेरे होंठों से हंसी के ढंग छीन लिए।
मेरी हथेली से लकीरों के संग छीन लिए।।
अब मैं होली मनाऊं भी तो मनाऊं कैसे?
एक लड़की ने मेरे चेहरे के सारे रंग छीन लिए।।
HAPPY HOLI BHAI LOG 2025
सोचा नहीं था मैंने कभी तेरे जैसा शख़्स,
मुंह फेर लेगा मुझको परेशान देख कर।
तुम कहीं से भी फिसलते तो संभाल लेते तुम्हे,
तुमने नज़रों से गिरना चुना तो हम क्या करें।
जिंदगी है चार दिन की कुछ भी ना गिला कीजिए।
इश्क मिले या बेवफाई कुछ भी हो मजा लीजिए।।
कोई मौसम हो दुख सुख में गुजारा कौन करता है।
परिंदों की तरह सबकुछ गवारा कौन करता है।।
घरों की राख फिर देखेंगे पहले देखना यह है।
घरों को फूंक देने का इशारा कौन करता है।।
तुम पढ़ते हुए मायूश हो जाते हो,
हमारा सोचो हम तो इसे लिखते हैं।
एक शख्स बैठा रहा मेरी हां की इंतजार में।
एक तो मेरे इजहार के बाद भी मुकर गया।।
हिचकियों में वफ़ा ढूंढ रहा था,
कमबख्त गुम हो गई दो घूट पानी से।
जाने किस मुंह से वो करता है पलट आने की बात,
क्या उसे छोड़ के जाने का सबब याद नहीं।
इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी,
लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे।
वफ़ा कर के भी जमाने में हम बुरे रह गए।
सब बदल गये हम रस्मों से जुड़े रह गए।।
तुम्हारे सपनों को मिल गया मुक़द्दर का साथ।
और मेरे ख़्वाब बेबस आंखों में अधूरे रह गए।।
हम जैसे लोग गलती से कभी जो ख़्वाब देखें तो,
ग़रीबी ख़्वाब के मुंह पे तमाचा मार देती है।
दवा की बोतलों में प्यार भरकर बेंचों यार,
लोग बिमारी से ज्यादा तन्हाई में मरे जा रहे हैं।
इस जिस्म को भी चाट गई सांस की दीमक।
मैंने उसे देखा था किसी वक़्त हरा भी।।
किसी किताब में रखी निशानियों की तरह।
जहां वो छोड़ गया था हम वहीं पड़े हुए हैं।।
नायाब होते हैं वो पुरूष जिनके किरदार की
खुश्बू पाकर और मोहब्बत का इजहार करती है।
दिल वाले तो हम भी थे मोहब्बत में दिल जला बैठे,
तकदीर ही ऐसी की एक बेवफा से दिल लगा बैठे।
रास्ता बन दीवार ना बन, कुछ लोगों से
बैर भी कर, दुनिया भर का यार ना बन।
अभिमान कहता है -- किसी की जरूरत नहीं।
अनुभव कहता है — धूल की भी जरूरत पड़ेगी।।
बस धोखे खाते खाते हाय पी रहे हैं।
हम अपनी बर्बादी पर चाय पी रहे हैं।।
जन्म पर बंटी मिठाई, मृत्यु पर बंटी खीर।
कोई भी ना खा पाया, राजा रंक फकीर।।
गुनाह सबके याद है, मुस्कुराकर
मिलने को माफी मत समझ लेना।
मंजिल से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग,
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं लगता।।
खुद की समझदारी भी अहमियत रखती है,
वरना अर्जुन और दुर्योधन के गुरू तो एक ही थे।
बाबा मैंने तो अच्छा बनकर भी देखा है।
हमें तो लोग तब भी बुरा ही कहते हैं।।
कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना।
मुझे अपने जैसे लोग बहुत अच्छे लगते हैं।।
ना हक दो इतना की तकलीफ हो तुम्हें,
ना वक्त इतना दो कि गुरूर हो उन्हें..!!
मोहब्बत छिपाने की अदा, यूँ बेकार हो गयी,
जुबां तो रही बस में, आँखें गद्दार हो गई..!!
एक नौकरी की तलाश में जब से निकले हैं लोग।
उन्हें गाँव की साँझ भी अब नसीब नहीं होती।।
बंद पड़ी हैं किताबें सारी पुस्तकालय की।
माहिर हो गए हैं लोग आजकल ज्ञान देने में।।
जो तुम शौक में करते जा रहे हो,
बढ़ते बढ़ते यह कभी गुनाह हो जाएगा।।
सवालों में एक सवाल यह भी है।
मुझमें सिर्फ मैं हूं या तूं भी है।।
धड़कने मिलाकर हम धुन बना लेते हैं।
सूरज डूब जाता है तो हम दिल जला लेते हैं।।
पत्थर नहीं हूं मैं मुझमें भी नमी है।
दर्द बयां नहीं करता बस इतनी सी कमी है।।
इश्क में मत पूछो हाल मुझ जैसे फकीर से।
जिंदगी बर्बाद है हाथ भरा पड़ा लकीर से।।
सर्दियों की धूप सा है इश्क उसका,
थोड़ी देर ही दिखे पर सुकून मिलता है।
रद्दी तक तोली जाती हैं बिकने से पहले।
तुम्हें कोई परख रहा है तो बुरा क्या है।।
हर किसी को चांद नसीब नहीं होता।
हर किसी को सितारा नसीब नहीं होता।।
किसी के पैर के नीचे बिछते हैं मखमल के गलीचे।
किसी को ओढ़ने को कफन तक नसीब नहीं होता।।
आप तो गैरों की बात करते हो -2
हमने अपने भी आजमाएं हैं।
लोग कांटों से बचकर चलते हैं,
हमने तो फूलों से जख्म खाए हैं।।
खामोशियां भी बयां करती हैं दिल के जज्बातों को,
बातें कभी लफ़्ज़ों की गुलाम नहीं होती।
मोहब्बत लिबास नहीं जो हर रोज बदल जाए।
मोहब्बत तो कफ़न है पहनकर उतारा नहीं जाता।।
हम पलटते नहीं बेजान किताबों के वर्क,
हम वो पढ़ते हैं जो चेहरे पर लिखा होता है।
फलक तक साथ चलने की दुआ कीजिए।
जो जिंदा हैं पहले उनसे वफ़ा कीजिए।।
Heartfelt Sad Shayari Hindi
तुम मुझे भूल जाओ तो ए हक है तुमको।
मेरी बात और है मैंने तो मोहब्बत की है।
उसने ही हमें खेल से निकाल दिया।
हम तो राजी थे हारने के लिए।।
सवालों में ही खत्म हो गए कई रिश्ते।
शायद कोई जवाब देता तो संवर जाते।।
अब क्या कहूं कि उम्र गुजरी है किस तरह।
यह भी कोई सवाल है, कुछ और बात कर।।
मुझसे ना मिल सकेगा किसी का मिजाज भी।
मुझको तो गुलाब भी काले पसंद हैं।।
बहुत सोच समझकर संगत करना फकीरों से।
ये वो हैं जो सूखी दरीया से पानी मांग लेते हैं।।
हालात इस कदर हम पर ज़ुल्म ढा रहे हैं।
हम दर्द सुना रहे तो लोग तालियां बजा रहे हैं।।
वो तेरा शहर, तेरे लोग, रिवायत तेरी।
तुम अगर गांव में होते तो हमारे होते।।
तुम अगर पास ना बैठो, तो मुदारत कैसी।
बस एक चाय के खातिर तो नहीं आए हम।।
अपने भी तुमको अपनो में अब गिन नहीं रहे।
मान जा भाई अब, शायद तेरे दिन नहीं रहे।।
अपनी ना कोई रानी है ना महारानी।
बस बापू महाराज और बाप महारानी।।
ठिठुर रहा है बदन, सांस थम सी गई।
आज ठंड बहुत है, तो शायरी जम सी गई।।
ज़र्रे ज़र्रे पर खुदा की निगाहें करम है।
ना तुम पर ज्यादा ना ही हम पर कम हैं।।
पागलों की तरह दर बदर घूमते फिरोगे।
मेरे बारे में लोगों से पूछते फिरोगे।।
याद आएंगी तुमको पुराने साल की बातें।
नए साल में भी मेरे जैसा ढूंढते फिरोगे।।
खुशियों को बेहद नफ़रत है मुझसे,
मैं तो अवसादों का यार हूं।
हो गए खुरदुरे सब पन्ने 2024 के,
अब जो भी हो 2025 के लिए तैयार हूं।।
जितने दुश्मन हमारी जान के हैं,
उसमें आधे तो हमारे खानदान के हैं।
कम से कम मुझमें उतने तो फल आ जाएं,
जितने एहसान मेरे बाग़बान के हैं।।
तू ए कहता है कि रिश्तों की दुहाई देंगे,
अरे गौर से देख हर चेहरे में दिखाई देंगे।
हम तो महसूस किए जाते हैं खूश्बू की तरह,
कोई शोर नहीं हैं जो सुनाई देंगे।।
तन्हा गुजार लेते हैं दिन अपने,
शुकून की कभी शाम नहीं होती।
यकीन ना करना हाथों की लकीरों पर दोस्त,
लकीरें किसी काम की नहीं होती।।
तसल्ली से पढ़ा होता तो समझ में आ जाते,
कुछ पन्ने बिना पढ़े ही पलट दिया तुमने।
सर उठाकर चलने के लिए,
वजूद बेदाग रखना पड़ता है।
हम भी जरूर आएंगे तेरी शादी में - 2
यह देखने कि तकदीर वाले कैसे होते हैं।
अपनी हालत का मुझे ध्यान नहीं होता है,
इश्क सच्चा हो तो आसान नहीं होता है।
पहले से बढ़कर मुहब्बत है तुमसे अब,
क्यों तुमको यकीन मेरी जान नहीं होता है।।
सर बुलंदी का एक ओजीफा है,
जो बुजुर्गों से हमने सिखा है।
खुद को छोटा समझते रहिएगा,
यह बड़ा बनने का तरीका है।।
थोड़ी सी 'खुद्दारी' भी तो लाज़मी था,
जिसने भी हाथ छुड़ाया; छोड़ दिया।
गम बहुत हैं मगर खुलासा कौन करे।
मुस्कुरा देता हूं अब तमाशा कौन करे।।
जब तक घोड़ा रेस जीतता है,
मालिक को चने महंगे नहीं लगते।
चुप हूं किसी वजह से जिस दिन बरस जाऊंगा,
उस दिन किसी पर तरस नहीं खाऊंगा।
गांव का देखकर गंवार मत समझना,
हम फैशन पर नहीं इज्जत पर मरते हैं।
खूबसूरती से धोखा न खाइयो हुकूम,
तलवार खूबसूरत हो भी तो मांगती खून ही है।
ये देखकर कि आंख हमारी नम है,
तू कहता ही रहा कि गुनाहगार हम हैं।
गलती तेरी नहीं है, तेरे शहर में तो,
वफादार लोगों की तादाद ही कम है।।
जिंदगी में जिसे लोग मरहम-ए-गम जानते हैं,
जैसे हमने गुजारी है हम जानते हैं।।
मुझमें कोई शिकवा या शिकायत नहीं,
शायद मेरे नसीब में तेरी चाहत नहीं।
मेरी तकदीर लिखकर खुदा भी मुकर गया,
मैंने पूछा तो ये बोला ये मेरी लिखावट नहीं।।
माना की आग नहीं था फेरे नहीं थे,
इसका मतलब की हम तेरे नहीं थे।
कल रात तेरी यादों में तेरी तस्वीर बना डाली,
इतनी अच्छी लगी की गले से लगा डाली।
जब खौफ हुआ कि कोई चुरा ना ले,
हम इतनी रोए कि आंसुओं से मिटा डाली।।
इस अंजुमन में आपको आना है बार बार,
दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए।
कटी हुई टहनियां कहां छांव देती हैं,
हद से ज्यादा उम्मीदें हमेशा घाव देती हैं।
जिस दिन तुम मां बनोगी मेरी जान,
उस दिन लड़के खिलौने नहीं सोने लगेंगे सोने।
इस दौर-ए-तरक्की में हर काम है मुमकिन,
हैरत नहीं कि बाज़ कबूतर से डर गया।
और यह भी खबर थी आज के अखबार में छपी,
इंसान के काटने से कल एक सांप मर गया।।
बहुत बेहतर समझता है जो मतलब जिंदगानी का,
लुटा देता है बच्चों पर हर एक लम्हा जवानी का।
और भुलाया जा नहीं सकता किरदार मां का भी,
पर असल हीरो तो बाप है हर कहानी का।।
मैं जहां भी जाऊं उसकी याद सताती है,
भुला भी नहीं सकता जो उसकी याद आती है।
कभी मुश्किल से तो कभी आराम से होगी,
तेरी इज्जत जमाने में माना कि काम से होगी।
तू दौलत और शोहरत चाहे कितनी भी कमा ले, पर
तेरी पहचान तेरे बाप के ही नाम से होगी।।
तकलीफ़ हमारी गर तुम जान गये होते।
अब तक नाराज़ ना रहते मान गये होते।।
जान कहने से कोई जान नहीं होता है,
कोई कह भी दे तो नुकसान नहीं होता है।
वो तो मैं हूं जिसे छोड़ दिया छोड़ दिया,
वरना यह फैसला आसान नहीं होता है।।
अहम् की अकड़ ज्यादा चल नहीं सकती,
मौत की घड़ी कभी टल नहीं सकती।
लूट कर दौलत भले ही जमा कर लो,
पर पाप की कमाई कभी फल नहीं सकती।।
आसमानों को जमीनों से मिलाने वाले,
झूठे होते हैं ये तकदीर बताने वाले।
अब तो मर जाता है रिश्ता ही बुरे वक्तों पर,
पहले मर जाते थे रिश्ते को निभाने वाले।।
कभी तो खोद कर देखो क़ब्र अपने जिस्म की;
मिलेंगी ख़्वाहिशें जिन्हें तुम अंदर मार देते हो…!
परत-दर-परत मेरा दर्द ना कुरेदो, थक जाओगे।
हर परत में मेरा तजुर्बा मेरी उम्र से बड़ा पाओगे।।
करता नहीं है ख्याल मेरा इस ख्याल से,
तंग आ गया अगर तूं मेरी देखभाल से।
चल मेरे साथ और तबियत की फ़िक्र छोड़,
दो मिल दूर है मेरा घर अस्पताल से।।
अगली बार आना तो हाथ ना मिलाना,
तुम थाम नहीं पाओगे हम छोड़ नहीं पाएंगे।
मजबूरियों के नाम से सब छोड़ना पड़ा,
दिल तोड़ना कठिन था मगर तोड़ना पड़ा।
मेरी पसंद और थी सबकी पसंद और,
इतनी जरा सी बात पर घर छोड़ना पड़ा।।
ज़हर के काबिल भी ना थे कुछ लोग,
अफ़सोस हम उन्हें चाय पिलाते रहे।
कोई इतना अमीर नहीं कि पुराना
वक्त खरीद सके, कोई इतना गरीब नहीं
कि आने वाला वक्त ना बदल सके।।
तन्हाई मेरी किसी को समझ ही नहीं आई,
मुझे हथियाने में लगे रहे सब तेरे जाने के बाद।
ख़ामोशी गलत फैसला कर देगी,
बोलिए वरना मसला हो जाएगा।
खुदा ने यह सिफ़त दुनिया के हर औरत को बख्शी है, कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं।
ज्यों ज्यों सूरज की ओर बढ़ता गया,
उतना ही वो दूर होता गया।
वो डर कर भाग रहा है मुझसे,
इसी अहंकार में मैं चूर होता गया।।
Emotional Sad shayari in hindi
अपनी लिक्खी हुई तकदीर पर हंस लेते हैं,
दिल के जज्बात को जंजीर से कस लेते हैं।
ये तो मेरा तजुर्बा है कि वक्त आने पर,
सांप तो सांप है पर इंसान भी डंस लेते हैं।।
रक्खा है बाजुओं पर सदा अपने ऐतबार,
ताकत किसी का देखकर सयदा नहीं हुए।
मक़्सद है जिंदगी का हमारी तो जितना,
हम हारने के वास्ते पैदा नहीं हुए।।
दिल के अरमानों को जलाकर राख कर देगी,
तेरी जिंदगी को भी एक दिन ख़ाक कर देगी।
ये रात-रात भर जागकर जिससे बातें करता है दोस्त,
एक दिन ए नागिन तुझे बर्बाद कर देगी।।
काश उसका कहीं जिया ना लगे,
और उसको भी कारण का कुछ पता ना लगे।
और उसी के ऐब सुनाना है उसी को,
इस कदर की उसे कुछ बुरा भी ना लगे।।
सामने गैर के घुटने भी टिका सकता है,
ऐन मौके पर वो पीठ भी दिखा सकता है।
अब हमें करना है दस्तार बचाने का सफ़र,
जान जिसे प्यारी है वो जा सकता है।।
कहीं मेरा दिल सफेद रंग का तो नहीं,
जो भी दाग लगता है उतरता ही नहीं।
जहां तेरी याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बना दे वो खुदाई किस काम की।
बेसक हमें जाना है अपनी मंजिल तक, मगर
जहां से अपने ना दिखाई दें वो ऊंचाई किस काम की।।
उसके दिल में सुई की तरह खटकते रह जाओगे,
दर-बदर पागलों की तरह भटकते रह जाओगे,
वो दुल्हन बन किसी अफसर संग निकल लेगी दोस्त,
तुम कमरे में किसी पंखे से लटकते रह जाओगे।।
भला कब एक जैसी हर किसी की बात होती है,
हर एक इंसान की अपनी अलग औकात होती है।
किसी के बोलते ही फूल झड़ने लगते है, तो
किसी के बोलते ही ज़हर की बरसात होती है।।
कपड़े फट जाते हैं और बाल बिगड़ जाते हैं,
अच्छे अच्छों के यहां हाल बिगड़ जाते हैं।
कि हसीन के चक्कर में जो पड़ गया है तू,
ये वो चक्कर है कि कई साल बिगड़ जाते हैं।।
बागवान की गुलाब से दोस्ती थी,
मतलब उसे किसी नायाब से दोस्ती थी।
सबके हिसाब से हममें प्यार था,
बस उसके हिसाब से हमसे दोस्ती थी।।
"तलब भी उसी की है.. नशा भी उसी का है..
उसे सब ख़बर है… फिर भी वो बेख़बर है”..
मेरा बस नहीं चलता मैं बातें छोड़ दूँ करनी
मैं ख्वाबों को ज़हर दे दूँ, मैं आँखें नोच लूँ अपनी!!
रेल की पटरी की तरह हैं हमारे रास्ते,
साथ चलेंगे मगर मिलेंगे नहीं।
फिर भी उम्मीद यही होगी कि कहीं एक मोड़ पर,
हम फिर साथ चलेंगे जैसे कभी बिछड़े ही नहीं।।
एक रोज मार ही देगा मेरा गुजरा हुआ कल,
अपने ही गुनाहों का बोझ अब नहीं उठाया जाता।
कर रहे थे महफ़िल में वफाओं की बात,
हमने जैसे ही जूता उतारा सब चुप हो गए।
मोहब्बत में पड़ गए हो और इज्ज़त भी चाहते हो!
यार ग़ालिब तुम अभी बड़े नादान हो,
जहर भी खाना है और जिंदगी भी चाहते हो।
हमारे साथ बचपन से ही ऐसा होता है। जब जब पैसा जमा किए मनपसंद का खिलौना बिक गया।
जवानी की अकड़ में तेज खाकर बात करता हो,
बुढ़ापे को सदा नीचा दिखाकर बात करता हो।
खुदाया छिन ले उस शख्स के आंखों से रोशनी,
जो अपने बाप को आंखें दिखाकर बात करता हो।।
किसी का होना तो लाखों का ख़्वाब होता है,
पर इसमें कोई कोई कामयाब होता है।
और खराब होती है नियत अगर मैं कुछ न कहूं,
अगर कुछ कहूं तो फिर ताल्लुक खराब होता है।।
हर ऐब गरीबी से जुड़ा है। दौलत दलालों को भी ईमानदार बना देती है।।
सामने हो मंजिल तो रास्ता मत मोड़ना।
जो भी हो मन में वह सपना मत तोड़ना।।
हर कदम पर भले मिलें मुश्किलें आपको।
बस सितारे छूने के लिए जमीन मत छोड़ना।।
गुनाहों का हिसाब मुझसे मत मांग मेरे मालिक!
कलम तो तेरी ही चली थी मेरी तकदीर लिखने में।
तेरे जाने के बाद क्या कुछ नहीं हुआ।
तुझे क्या लगा यार; मुझे दुख नहीं हुआ।।
कुर्सी है तुम्हारा कोई जनाजा तो नहीं है,
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।
बड़ा बारीक नुक्ता है अगर समझ पाओ तो।
सुकरात जहर ग़र ना पीता तो भी मर जाता।।
पांव के लड़खड़ाने पर नजर तो सबकी है।
सिर पर कितना बोझ है कोई नहीं देखता।।
उजड़ गया वो रिश्ता दुबारा नहीं बसेगा। तुझे माफ
तो कर देता, पर तूं सांप है, दोबारा डसेगा।।
प्रश्नपत्र सी है जिंदगी जस की तस स्वीकार्य,
कुछ भी वैकल्पिक नहीं सभी प्रश्न अनिवार्य।
कोई ठुकरा दे तो हंस के जी लेना दोस्त !
मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती।
ख़ामोश रहूं तो मुश्किल है,
कह दूं तो शिकायत होती है।
एक जाहिल के साथ तख्त पर बैठने से तो अच्छा है, किसी ज्ञानी के साथ फर्श पर बैठना।
ऐ वक्त कभी फिर से वो जमाने लाओ,
हमसे मिलने वही लोग पुराने लाओ।
नहीं बदल सकते हम खुद को औरों के हिसाब से,
लिबास तो हमें भी दिया है खुदा ने अपने हिसाब से।
नजर का कोई ताल्लुक नहीं है ख्वाब के साथ,
जब जब उसको देखा ऐनक उतार ली हमने।।
गलती मानने के लिए बहादुर होना पड़ता है,
और बहस करने के लिए बदतमीज।
ना किसी की बुरी नज़र, ना किसी का मुंह काला;
होगा वही जो चाहेगा ऊपर वाला।।
मजबूत तरीन होते हैं वो रिश्ते,
जहां ऐब गिने नहीं छुपाए जाते हैं।
बिछाकर जुल्फ गालों पर सितम आबाद कर डाला, हसिनाओं ने जिसे चाहा उसे बर्बाद कर डाला।।
इतना तो असर होगा हमारी यादों का, हमारे ना होने पर भी तुम याद करके मुस्कुराओगे।
जिसको अपना जान माना, इज्जत दी, उसको ऐसे बदनाम थोड़ी ना कर देंगे। वो चाहे जिसपर दिल लुटाए, बस इतनी सी बात पर उसका नुकसान थोड़ी ना कर देंगे।। वो गलत भी है तो बैठा है न वो मालिक हिसाब करने, वो ऐसा है वैसा है, यह सब कहकर अपनी जुबान खराब थोड़ी ना कर देंगे।।
कोई नहीं है हमारा यह सोचकर नहीं जाते, अकेलेपन और तन्हाई से बिछड़कर नहीं जाते। बेरोज़गारी का ताना देकर जिन्हें निकाला गया था घर से, वो बेटे त्यौहारों पर भी घर नहीं जाते।।
कि लाख कसम खाई मगर एकर विश्वास ना बन पईबा, रिचार्ज करावत करावत गरीब हो जईबा मगर एकर खास ना बन पईबा। और तोहरे सामने पढ़के ई ANM-GNM कर लेई, और तू एकरे प्यार के चक्कर में हाईस्कूल पास ना कर पईबा।।
जो सीधा दिल को चीर दे बात ऐसी भी बोल दूं, जो दिल में छुपा रखे हैं राज सारे वो खोल दूं। मुझको नाकाम आवारा कहकर छोड़ने वाली लड़की, मैं चाहूं तो तेरे सौहर को नोटों से तौल दूं।।
कि जितना कम दुनिया से वास्ता होगा,
उतना ही खूबसूरत जिंदगी का रास्ता होगा।
पूछ कर मेरा पती वक्त ज़ाया ना करो,
मैं तो बंजारा हूं ना जाने किधर जाऊंगा।।
तुम्हें मदद के लिए जब दुहाई देने लगा,
तुम्हारी आंख में क्या था दिखाई देने लगा।
चला था जिक्र मेरी खामियों का महफिल में,
जो लोग बहरे थे उनको भी सुनाई देने लगा।।
मेरे खिलाफ तो अदालत भी था जमाना भी,
मुझे तो जुर्म बताना भी था और छुपाना भी।
और अबकी बार तो ऐसे कमान खींची है,
कि तीर ले उड़ा शाना भी निशाना भी।।
महफ़िल में हंसना मेरा मिज़ाज बन गया,
तन्हाई में रोना एक राज बन गया।
दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर ना होने दिया,
यही मेरे जीने का अंदाज बन गया।।
गलतियां भी होंगी और गलत भी समझा जाएगा, यह जिंदगी है जनाब, यहां तारीफें भी होंगी और ज़लील भी किया जाएगा।
मेरे लुटने तक मेरे मिटने तक, वो सितम पर सितम सिर्फ ढाती रही। मैं तड़पता रहा उसकी चाहत के खातिर, और गैरों की बाहों में मुस्कुराती रही।।
हम मेहमान नहीं रौनक-ए-महफ़िल, मुद्दतों याद रखोगे कि जिंदगी में कोई आया था।
भिन्न - भिन्न किरदार मेरे, मैं..
बदनसीबी और प्यार का मारा हूं।
कोई कहता है शायर मुझको तो
किसी कि नज़र में आवारा हूं..।।</p>
वो पूरी की पूरी दुनिया थी, जो मुझे ताउम्र ज़हर पिलाती रही। ईश्वरीय कार्य करने में संलग्न, मुझे नीलकंठ बनाती रही।।
वो एक पूरा खुद में शहर लिए बैठा है, वो एक शख्स मेरे लिए अपने अंदर ज़हर लिए बैठा है।
नाराज तो औरतें हुआ करती हैं, मर्द तो मुस्कुराकर महफ़िल छोड़ दिया करते हैं।
तरसे जो बरसों एक गुलाब की खातिर,
कब्र पर तो गुल - दस्ते हजार मिले।
जीते जी तो एक यार मिल ना सका,
सांसें थम गयी तो पूरे जहां में दिलदार मिले।।
वापस ले आया डाकिया चिट्ठी मेरी,
बोला; पता तो वही है पर लोग बदल गए।
फासला भी जरूरी था चिराग रोशन करते वक्त,
यह तजुर्बा हासिल हुआ जब हाथ जल गया।
कुछ देर बैठ गया मैं रईसों की महफ़िल में,
ऊंचे ऊंचे ख्वाबों ने तो चाल चलन बदल दिया।
पढ़ लिखकर खामोश हो तो कलम को तोड़ दो, ग़र हिन्दुत्व के लिए एक शब्द ना लिख सको तो सोशल मीडिया छोड़ दो।
सुना है यहांँ शायर बहुत है कोई,
हमें भी सुनाओ हम घायल बहुत हैं।
किस्से तो मोहब्बत के हमारे भी थे !!
पर अधूरी कहानी सुनता कौन है !!
मोहब्बत को दफा किया हमने,
अपनी कहानी में खुद को बेवफा किया हमने।
रूह कांप जाती थी जिनके दूर जाने के ख्याल से,
उनको हंसकर अलविदा किया हमने …!!!
Best Life Teaching shayari
उन्हें गुरूर है क्योंकि उनका वक्त बोल रहा है
हमें यकीन है हमारा सब्र बोलेगा …!!
उससे टकराकर मर गयी तितली,
किसी ने दीवार पर जो फूल बना रक्खा था।
वो अजनबी ही रहे तो अच्छा है, सुना है अहमियत खो जाती है अक्सर मुलाकात के बाद।
उन्होंने हमें देखकर जब मुंह मोड़ लिया,
तो तसल्ली हुई चलो पहचानते तो हैं।
चलेगा मुकदमा आसमान में सभी आशिकों पे,
जिसे देखो अपने महबूब को चांद जो बताता है।
आज से हम बदलेंगे रास्ता ऐ जिंदगी,
राब्ता सबसे होगा पर वास्ता किसी से नहीं।
इंसान की सोच ही उसे बादशाह बनाती है।
डिग्रियां हर किसी के पास होना जरूरी तो नहीं।।
सजा न दे मुझे बेकसूर हूं मैं,
थाम ले मुझको गमों से चूर हूं मैं।
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि बहुत मगरूर हूं मैं।।
तुझसे नाराज़ होने पर जताएंगे नहीं,
हम तेरे शहर आएंगे पर बताएंगे नहीं।
नींद में भी गिरते हैं मेरे आंखों से आंसू,
और तुम ख्वाबों में भी मेरा हाथ छोड़ देते हो।
तबियत क्या बिगड़ी मेरी लोगों ने नम्बर ले लेकर काल लगाया, और जिसका नम्बर मुझे मुंह जुबानी याद था एक उसी का काल नहीं आया।
बुरा यह नहीं लगा कि तुम्हें अजीज कोई और है,
बुरा तब लगा जब हम नजरअंदाज किए गए।
ओ मेरे सुख धीरे-धीरे गा अपना मधुर राग।
ऊंचे स्वर में सोयी पीड़ा जावे कहीं ना जाग।।
भूख से मुरझाए चेहरे घर में कब तक देखता,
फाड़कर डिग्री मुझे मजदूर होना पड़ा।।
फूलों से फूलों का हाल पूछते हो,
मगर काटों को हर बार क्यों छोड़ देते हो तुम,
हम हर बार तो तुम्हें मुस्कुराकर ही देखते हैं,
हर बार हमारा दिल क्यों तोड़ देते हो तुम?
इश्क के अलावा कई और भी गम हैं जमाने में,
उम्र गुजर जा रही सरकारी नौकरी पाने में ।
जुबान खराब नहीं विचार कड़क हैं,
रंगों में नहीं जनाब संस्कारों में फर्क है।
अजीब मुकाम से गुजरा है काफिला मेरा,
सुकून ढूँढने चले थे नींद गवां बैठे।
सच्ची है मोहब्बत मेरी चाहे आजमाकर देख लो,
यकीं नहीं तो मुझपर जुल्म ढ़ा कर देख लो।
बदलेगा नहीं मेरे मोहब्बत का रंग कभी भी,
चाहे जितनी बार हो दिल दुखा कर देख लो।।
फैक्ट्री गोदाम कोठी मिल मशीनें बिक गयी,
जेब कॉलर बिक गयी और आस्तीनें बिक गयी।
खाली बोतल बेचने वालों ने ले ली जायदाद,
और पीने वालों की तो जमीनें बिक गयी।।
सूखे पत्तों की तरह बिखरे हुए थे हम,
किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलाने के लिए।
संभल के बसाएं आंखों में किसी को,
जो गहराईयों को नापते हैं छलकते भी वही हैं।
ग़र सौ बार उतरेगा केचुली अपनी,
जो सांप से पैदा है वो सपोला ही रहेगा।
और दौलत से फक़त हो सकती है जेब ही भारी,
ग़र हल्का है खून तो हल्का ही रहेगा।।
किसी को धोखा देकर यह ना सोचो कि वह कितना बेवकूफ है, बल्कि यह सोचो कि उसे तुम पर कितना भरोसा था।
मेरी सांसों में समाया भी बहुत लगता है,
और वही शख्स पराया भी बहुत रहता है।
और उससे मिलने की तमन्ना भी बहुत है,
लेकिन आने जाने का किराया भी बहुत लगता है।।
हमारे खातिर तुम कुछ कर ना सके यह गम ना करना, हमारे बारे में आपने सोचा बस यही काफी है।
किसी भी सूरत किसी रंग में जीत लेता है,
मैं उस लड़की को किसी ढंग में जीत लेता।
अगर वो होती किसी रियासत की शहजादी,
मैं तलवार उठाता और उसे जंग में जीत लेता।।
पैसा कुछ नहीं होता, ऐसा कहने के लिए भी प्राय: बहुत पैसा होना चाहिए।
और तेरे प्यार पर लानत तेरे ऐतबार पर लानत,
मैने जो किया उस इन्तिज़ार पर लानत। और
दुनिया में होते हैं एक शक्ल के कई लोग, पर
तेरी फितरत के जैसे उन छिनार पर लानत।।
शुरुआत में ख्वाब तुमको प्यारे-प्यारे दिखाएगी,
उसके बाद तुमको फिर अपने रंग सारे दिखाएगी।
मोहब्बत में जिसको तुम अपना चांद बता रहे हो,
एक दिन वो लड़की तुमको दिन में तारे दिखाएगी।।
हर तरफ घात में बैठे हैं यहां दुशासन,
वीर अर्जुन जैसा लड़ाईया नहीं आने वाला।
खुद तुम्हें दुर्गा के अवतार में ढ़लना होगा,
घोर कलियुग है कन्हैया नहीं आने वाला।।
दुश्मन मेरी 'शिकस्त' पर मुंह खोलकर हंसें।
और दोस्त अपने ‘जिस्म’ के अंदर उछल पड़े।।
यह जो बुराइयां दिखती है मुझमें, यकीन
मानो बहुत सी अच्छाईयों के बाद आयी हैं।
समझ लेते थे पहले लोग अक्सर दिल की बातें भी,
मगर अब बोलने पर भी सुनाई क्यों नहीं देता ।
और सभी करते हैं दावे यूं तो अपनेपन की, पर
किसी रिश्ते में अपनापन दिखाई क्यों नहीं देता ।।
दिल के काले मिले और जहन के नापाक मिले,
मैनें चाहे थे समझदार वो चालाक मिले।
और दुश्मनों का तो भला जिक्र करूं क्या,
दोस्त भी तो मुझको दुश्मनों से खतरनाक मिले।।
कैरियर की चिंता भी अजीब होती है यार,
हंसते हुए चेहरे से रौनक छीन लेती है।
हाथ में पकड़े मोबाइल की अहमियत,
पास में बैठे इंसान से ज्यादा हो चुकी है।
जागे वो हैं तो सोए हम भी नहीं हैं,
गलत हम हैं तो दूध का धुला कोई भी नहीं।
इज्जत मैटर करती है जनाब वरना,
फालोवर्स तो _____________ के भी होते हैं।
खैरात में दे आया हूं जीती हुई बाजी,
दुनिया ये समझती है कि हार गया हूं मैं।
उम्र को हराना है तो शौक जिंदा रखिए,
जिंदगी का क्या आज है तो कल नहीं।
हम तो पहले से ही बदनाम है जनाब,
फ़िक्र वो करें जो दूध से धुले हैं।
कर्म ध्यान से कीजिए जनाब !
ना किसी की दुआ खाली जाती है ना बद्दुआ।
उठना बैठना साथ नहीं हो रहा, इसका मतलब;
ये नहीं कि मैं तुम्हें भूल गया मेरे दोस्त।
कुछ.. लोग.. तो; कहेंगे...,
वरना… जिंदा.. कैसे रहेंगे..।
घोलिए जहर ना ज्यादा भी; सोचिए,
ग़र खुद पीना, पड़ गया तो फिर।
परिणाम तो चाहे जो भी हो, पर प्रयास हमेशा लाजवाब होना चाहिए।
झूठ बोलने के लिए जुबां चाहिए,
पर सच बोलने के लिए आंखे ही काफी हैं।
जीवन में जितनी संतुष्टता है उतनी ही खुशी है,
और जितनी खुशी है उतना ही हल्कापन है।
खुद को अर्पण कर दिया तेरी कश्ती में।
मैं मगन हूं भोलेनाथ तेरी ही भक्ति में।।
मुझे बहस से नफरत है क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैंने अपना मुंह खोला, तो मैं नियंत्रण खो दूंगा।
आखिर तुम भी उस आइने की तरह ही निकले, जो भी सामने आया, उसी के हो गए।
बहुत संभालकर रक्खा था इस दिल को जमाने से,
लगता है यह चोरी हो जाएगा आपके मुस्कुराने से।
तुम्हीं से सीख रहा हूं हुनर नजर अंदाजगी का,
जो तुम पर आजमाऊं तो मतलबी ना समझना।
शौक नहीं था मैडम तुमसे इश्क करने का,
लेकिन इशारा भी तो तूने ही किया था।
भरोसा उठ गया प्यार के नाम से, साली;
अपनी भी रानी किसी और की दिवानी निकली।
ये चंद मयखाने ही हैं जो दर्द से मरने नहीं देते।
वरना कई इश्क के मारे खुदकुशी कर लेते।।
गजब की धूप है मेरे शहर में फिर भी,
लोग धूप से नहीं बल्कि मुझसे जल रहे हैं।
यूं ना खींच मुझे अपनी तरफ बेबस करके, ऐसा
ना हो खुद से बिछड़ जाऊं और तू भी ना मिले।
कसूर तो इन निगाहों का था,
जो चुपके से दीदार कर बैठी।
हमने तो खामोश रहने की ठानी थी,
कम्बख़त जुबान ही इजहार कर बैठी।।
जिंदगी सुंदर है पर जीना नहीं आता।
हर चीज में नशा है पर पीना नहीं आता।।
सब मेरे बगैर जी तो सकते हैं लेकिन,
मुझे ही किसी के बगैर जीना नहीं आता।।
हम भी तुम्हारी हर चाल से वाकिफ हैं मोहतरमा।
जिंदगी का एक हिस्सा जो हरामियों में गुजारा है।।
सही हो कर भी गलत होना आसान लगा मुझे,
क्योंकि खुद को साबित करना कठिन लगा मुझे।
अगली बार जब कोई पूछेगा मोहब्बत है तुमसे।
तब तो हम यही पूछेंगे की कब तक चलेगी।।
बहुत ही LOYAL बनती थी ओ,
अपने हर X की इच्छा पूरी करती थी।
ताल्लुक बरकरार रखना हो तो अच्छाई बखान करो, ताल्लुक खत्म करना हो तो सच्चाई बयान कर दो।
छोटी सी जिंदगी है अरमान बहुत हैं,
हमदर्द नहीं कोई इंसान बहुत हैं।
दिल का दर्द सुनाएं तो किसको सुनाएं,
जो दिल के करीब हैं वो अनजान बहुत हैं।।
लोग बुरे नहीं हैं "महोदय__"
आप हद से ज्यादा अच्छे हैं।
बिना खोए कुछ नहीं मिलता ऐ दोस्त,
जन्नत भी तो जान मांगती है।
रूखसत-ए-यार का मंजर भी क्या मंजर था,
हमने खुद को खुद से बिछड़ते हुए देखा।
मर्द ने जब जब क़लम उठाई,
औरत को खूबसूरत, चांद और बेदाग लिखा।
औरत ने जब जब कलम उठाई,
मर्द को झूठा, बेवफा और मक्कार लिखा।।
यह खुदगर्जियों का दौर है,
बचपन की कोई कहानी नहीं।
दिलों में अब नफ़रत भरते हैं लोग,
पक्षियों के लिए घड़ों में पानी नहीं।।
जिंदगी ने सवाल बदल डाले,
वक्त ने हालात बदल डाले।
हम तो आज भी वही हैं जो कल थे,
बस लोगों ने अपने जज्बात बदल डाले।।
ध्यान से पक्षियों को देते हो दाना पानी,
ग़र इतने अच्छे हो तो रिहा क्यों नहीं करते।
थोड़ा महंगा पड़ा औरों के लिए जिंदगी जीना,
उम्र खर्च भी हुई, कुछ हाथ भी नहीं लगा।
लौट कर नहीं आएंगे अब तेरी जिंदगी में,
शौक से रखो सिलसिला मुझे नजरअंदाज करने का।
केमेस्ट्री पढ़कर भी लोग नहीं समझते कि,
जब नया बांड बनता है तो पुराना टूट जाता है।
रवैया बहुत खराब है अभी मेरे हालातों का,
लोग जल्द बुरा मान जाते हैं हमारी बातों का।
क्या खाक तरक्की की है इस दुनिया ने,
इश्क के मरीज तो आज भी बे-इलाज हैं।
मैंने भगवान से शक्ति मांगी,
उन्होंने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया।
आज ना सही तो कल किया,
पर आलसियों ने तो बस कल - कल किया।
आजमाना अपनी यारी को पतझड़ में मेरे दोस्त,
सावन में तो हर पत्ता हरा नजर आता है।
दुखों में लिपटे हुए लोग,
दुआएं बड़ी कमाल की देते हैं।
अगर तेरी खामोशी एक मजबूरी है,
तो रहने दे इश्क भी कौन सा जरूरी है।
जिस पर बीतती है उसी को पता होता है,
कि टेंशन भी क्या गजब की चीज होती है।
ना कोई खुशी ना ही है कोई गम,
जिस तरफ ले जा रही जिंदगी, उधर जा रहे हम।
मैं किसी से नाराज़ नहीं हूं बस परेशान हूं खुद से,
मुझसे मेरे ही जिंदगी के मसले नहीं सुलझ रहे।
याद है टीचर कहा करती थी,
खाना खाना तो नहीं भूलते होगे।
अब उन्हें कोई जाकर बताएं,
हां ! अब खाना खाना भी भूल जाता हूं।।
यादें बनकर जो तुम साथ रहते हो मेरे,
इस एहसान के लिए सौ बार शुक्रिया।।
दोस्त भी जरूरी हैं जिंदगी की भीड़ में,
बिखर जाने पर महबूब समेटने नहीं आते।
इच्छाओं की सड़क तो बहुत दूर तक जाती है,
बेहतर है कि हम जरूरतों की गली में मुड़ जाएं।
रातों में नींद नहीं आती ठीक से खाया भी नहीं जाता,
दिल में बहुत कुछ है मगर बताया भी नहीं जाता।
उतार कर फेंक दी उसने तोहफे में मिली वो पायल,
उसे डर था कि छनकेगी तो याद जरूर आऊंगा।
जाते जाते वह बात ही कुछ ऐसी बोली की फिर,
मुझे अपनी ही पसंद से नफरत हो गयी।
सताया ना कर इस बदनसीब इंसान को ऐ जिंदगी,
जिसको लोग चाहते तो है मगर जरूरत पड़ने पर।
मुफ्त में नहीं सीखा उदासी में मुस्कुराने का हुनर,
बदले में जिंदगी की हर खुशी तबाह की है।
मुलाकात जरूरी है अगर रिश्ते निभाने हो,
लगाकर भूल जाने से पौधा भी सूख जाता है।
वही ताज है, वही तख़्त है,
वही ज़हर है वही जाम है।
ये वही ख़ुदा की ज़मीन है,
ये वही बुतों का निज़ाम है।।
बड़े शौक़ से मिरा घर जला पर,
कोई आँच तुझ पे न आएगी।
ये ज़बाँ किसी ने ख़रीद ली
ये क़लम किसी का ग़ुलाम है।।
तरस कर मिलने वाली चीज ___ मुर्शद!
अक्सर बाद में नफ़रत के काबिल होती है।
यही तो जिंदगी है दोस्त,
जीना सिखाए बिना ___ मरने नहीं देती।
सुबह से शाम हो गई लड़ते लड़ते, और
टापिक यह तो कि तुम बात क्यों नहीं करते।
खुद की ही तलाश में हूं आजकल मैं तो,
मुझे आवारा कहने वाले तेरी बातों में दम था।
अपना तो वो है जो किसी और के लिए
तुम्हें कभी नजरअंदाज ना करें।
उबलते वक्त तो पानी सोचता होगा जरूर,
अगर बर्तन ना होता तो बताता आग को।
बर्फ का वो शरीफ टुकड़ा जाम में क्या गिरा, बदनाम हो गया। देता जब-तक अपनी सफाई,
वो खुद श+राब हो गया।।
औकात नहीं थी जमाने में जो मेरी कीमत लगा सके ग़ालिब। कम्बख़त इश्क में क्या गिरे,
मुफ्त में नीलाम हो गए।।
कल तक सभी के साथ बड़ा 'मेल जोल' था,
बिगड़ा जो वक्त आज ‘बे मेल’ हो गए।
हर इम्तिहान पास किया जिंदगी का पर,
रिश्तों में तुम्हें परखने में हम ‘फेल’ हो गए।।
आपको दिल दिया है हमने नेक समझकर,
कहीं खा मत जाना आप उसे केक समझकर।
गिरा दे जितना पानी तेरे पास है ऐ बादल,
ये प्यास तो चु __ने से जाएगी तेरे बरसने से नहीं।
फकिराना तबियत है, मिले तो बांट देते हैं।
हमसे मुस्कुराहटों की जमाखोरी नहीं होती।।
फरमाइशें सिर्फ घर पर ही चलती थी साहब!
जब खुद बनाने लगे तो दाल भात भी खाने लगे।
सुना है जिंदगी इम्तिहान लेती है,
यहां तो इम्तिहान ने पूरी जिंदगी ले ली।
अच्छा आदमी तो वो भी है,
जिसका दोस्त और नौकर पुराने हैं।
शहर में रहकर भी तुमको गांव याद आएगा,
पुराने उन साथियों का साथ याद आएगा।
रोटियां जब खाएगा तो मां महसूस होगी,
सुबह काम पर जाएगा तो बाप याद आएगा।।
मुसीबत में बुजुर्गों के दिलासे काम आते हैं,
अगर सेनापति टूटे तो लस्कर टूट जाता है।
मेरा दुश्मन परेशां है मेरी मां की दुआओं से,
वो जब भी वार करता है तो खंजर टूट जाता है।
दौलत भीख मांगने पर भी मिल जाती है,
लेकिन इज्जत तो कमानी पड़ती है।।
मेरे बच्चों मुझे दिल खोल के तुम खर्च करो,
मैं अकेला ही कमानें के लिए काफी हूं।।
कुछ अलग करना है तो वफ़ा करो दोस्त,
मजबूरी के नाम से बेवफ़ाई तो सभी करते हैं।
हारता वो है जो शिकायतें बार बार करता है,
जीतता वो है जो कोशिश हजार करता है।
कबीरा कुआं एक है पानी भरें अनेक,
बर्तन में ही भेद है, पानी सब में एक।
शामे गम बांटने को शहर में कोई नहीं है,
कटती है तन्हा वक्त काटने को कोई नहीं है।
जह़न में ख्वाब है और जिंदगी पहेली है,
दिन में काम करता हूं और रात अकेली है।
असली खेल वहीं से शुरू होगा,
जहां आपको लगे कि सब खत्म हो चुका है।
हुस्न खुदा ने दिया, आशिक हम हो गए;
वो नसीब किसी और की थी बर्बाद हम हो गए।
Top sad shayari in Hindi
Life does not always move the way we plan, and in those quiet moments of pain, silence often speaks louder than words. Sad Shayari in Hindi gives a gentle voice to hidden emotions—heartbreak, loneliness, unspoken love, and the struggles that shape us from within. This collection of sad shayari is not just about sorrow, but about understanding feelings, accepting reality, and slowly gathering the courage to move forward.
Through simple yet deep Hindi words, sad shayari helps the heart feel lighter. It reminds us that pain is temporary, emotions are human, and every dark phase carries the seed of inner strength. Whether you are healing from loss, missing someone, or searching for emotional clarity, these shayaris offer comfort, patience, and hope—without negativity, harm, or despair.
Read, feel, and reflect—because sometimes, expressing pain is the first step towards peace and emotional balance.
हम तुम मिले न थे तो जुदाई का था मलाल,
अब ये मलाल है कि तमन्ना निकल गई।
तुम तो मोहब्बत को खेल कहते हो,
हम ने तो बर्बाद ज़िंदगी ही कर ली।
ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन,
वो तेरी याद में रहे हों या तुझे भुलाने में।
सबको याद करने वाला अब याद हो गया,
दर्द सहते - सहते दिल आबाद हो गया।
न जाने किसकी बद्दुआ खा गई मुझे,
मैं 25 साल की उम्र में ही बर्बाद हो गया।।
जिंदगी भर रोने के लिए मजबूर कर दिया,
तूने जिस दिन हमको अपने से दूर कर दिया।
अब तो _____ और शायरी की लत लग गई,
देख तेरी बेवफाई ने हमें मशहूर कर दिया।।
हमारे दर्द के किस्से हर एक अंजाम तक पहुंचे,
मुझे जानते थे जो, उनके तो बस कान तक पहुंचे।
जनाजा था मेरा गैरों के कंधों पर आरिफ,
जो अपने थे वो कारों से कब्रिस्तान तक पहुंचे।।
Tute Dil ke shayari in Hindi
आंसुओं के रास्ते आंखों से निकले हुए हैं हम,
किसी के खूबसूरत हाथों से छूटे हुए हैं हम।
परेशान ना कर ऐ जिंदगी जीने भी दे हमें,
तेरी कसम अब तो बुरी तरह से टूटे हुए हैं हम।।
झूठी मोहब्बत की कैद से आजाद हैं हम,
छोड़के जाने वाले क्या तुझको याद हैं हम।
क्या बताएं किसने हमको कितना किया बर्बाद,
बस इतना जान लो कि पूरी तरह से बर्बाद हैं हम।।
किसी शहर की किसी गली में वो महताब रहता है,
फटी हुई किताबों में सूखा हुआ गुलाब रहता है।
सब कहते हैं आजकल मैं बहकी सी बात करता हूं,
जबसे वह छोड़कर गई है दिमाग खराब रहता है।।
Top dard bhari Sad shayari
कम उम्र में कौड़ियों के दाम हो जाते हैं, सारे सपने बाजार में नीलाम हो जाते हैं। जिन कंधों पे परिवार की जिम्मेदारी होती है दोस्त, वो बेटे अक्सर इश्क़ में नाकाम हो जाते हैं।।
बदनामी में कांटे शामिल होते हैं, लोग तो अक्सर फूल से घायल होते हैं। लड़कियां अपना घर बसा लिया करती हैं, इश्क में तो हरदम लड़के पागल होते हैं।।
मरने के बाद की गई तारीफ और दिल दुखाने के बाद मांगी गई माफी का कोई महत्व नहीं होता।
कुछ वक्त की रवानी ने यूं बदल दिया ग़ालिब! वफा पर तो आज भी कायम है, मगर मोहब्बत करना छोड़ दी हमने।
तुमने देखा ही कहां है रुतबा हमारा,
एक दौर में चलता था सिक्का हमारा।
उल्टी चालें चली जाती हैं मोहब्बत के खेल में,
एक बेगम से काटा गया था इक्का हमारा।।
तेरी बेवफाई जमाने में सरेआम हो जाएगी,
तेरी आंखें भी छलकता हुआ जाम हो जाएगी।
है लाजमी कि मैं खामोशी से दर्द सहता रहा हूं,
अगर बोल पड़ा तो तू बदनाम हो जाएगी।।
किरदार से बद - माश चेहरे से प्यारे लड़के,
यह जो बैठे हैं बेरोजगार बेचारे लड़के।
भाभियों को देखकर ही तो अपना दिल बहलाते हैं,
और कर भी क्या सकते हैं ये कुंवारे लड़के।।
याद भूले हुए लोगों को किया जाता है, भूल जाओ कि तुम्हें याद किया जाएगा।
इतना कमजोर नहीं की वफादारी का ऐलान करते फिरूं, विश्वास है अपने किरदार पर जो खोएगा ढूंढता फिरेगा।
तुम कदर ना करो, मैं निभाता रहूं; मजाक है क्या?
इक आपके ना देखने से मर गया हूं मैं। यह देखकर भी आपको सदमा नहीं लगा।। इस मुफलिसी ने छीन ली लज्जत जुबान से, मेहनत का फल चखा भी तो मीठा नहीं लगा।
मोहब्बत में हम उन्हें भी हारे हैं, जो कहते थे कि हम सिर्फ तुम्हारे हैं।
यह तमन्ना भी तमन्ना ही रह गयी बचपने से, कि घर के हालत को एक रोज संभालता देखूं। मेरी कमजोर निगाहों की यही एक जिद है, तेरे पत्थर के कलेजे को एक रोज पिघलता देखूं।
दिन के सूरज को किसी शाम में ढलता देखूं,
इस बहाने ही सही चांद तो निकलता देखूं।
तेरी फितरत है भले रंग बदलना लेकिन,
मेरी हसरत है तुझे रंग बदलते देखूं।।
आंखें छोड़ो आंसू तक लाल हो चुके हैं,
जिंदगी से भी बदहाल हो चुके हैं।
अब तो भूल जा ए नासमझ दिल, अब तो
उसकी शादी के भी कई साल हो चुके हैं।।
इन होटल की रोटियां बुरी सी लगती हैं,
मेरे दिल पर रोज एक नई छुरी सी लगती है।
किन लफ़्ज़ों में मैं बयां करूं तेरी कमी को मां,
तेरे बगैर तो जिंदगी भी अधूरी सी लगती है।।
कम से कम जाते हुए मुझसे निगाहें ना बदल,
कल कहीं तुझे मुझसे कोई काम भी पढ़ सकता है।
दर्द तो तय है मेरे साथ ही जाएगा मगर,
तुम चले आओ तो आराम भी पढ़ सकता है।।
किस मुंह से इल्जाम लगाएं बारिश की बौछारों पर, हमने खुद तस्वीर बनाई थी मिट्टी की दीवारों पर।।
खाकर ठोकर मोहब्बत की लौट आए मयखाने में, मुझे देखकर शराब बोली बड़ी देर लगा दी आने में।।
किस्मत खराब है, हममें खराबी थोड़ी है, पी लूं उसे भुलाने के लिए वो नवाब थोड़ी है।।
यह ना पूछ कि मैं शराबी क्यों हुआ, यूं समझ लो गमों के बोझ से बोतल हल्की लगी।
पिला दो आज मयखाने की सारी बोतले हमें, अगर तुम्हारी श _ ब अच्छी लगी मयखाना खरीद लूंगा।
Broken heart shayari
खुद के साथ बुरे से बुरा होते देखा,
हमने अच्छे खासे लोगों को बेवफा होते देखा।
बांटकर अपने हिस्से की खुशियां भी गैरों में,
बैठकर आराम से खुद को तबाह होते देखा।।
जब लगा था तीर तब इतना दर्द ना हुआ ग़ालिब, दर्द का एहसास तब हुआ जब हमने, कमान को देखा अपनों के हाथ में।।
मिजाजे इश्क तो 'होम्योपैथिक' है उनका, हम दर्द बयां करते रहे वो मीठी गोलियां देते रहे।
जिनकी चैन से गुजरती हो रातें,
वह भला हमसे बात क्या करेंगे।
जिनको हजार चाहने वाले हों इस दुनिया में,
वह भला हमको याद क्या करेंगे।।
मैं तसल्ली से सुनता हूं उसके सारे झूठ, वो फरेबी सही मगर यकीन कमाल का दिलाती है।
दिल की धड़कन आंखों का पानी बना के रक्खा था,
हमने तो उसको अपनी जिंदगानी बना के रक्खा था।
सुना है आजकल वो किसी औरों की ठोकरों में है,
जिस लड़की को हमने रानी बनाकर रक्खा था।।
मैं चाहता था जिंदगी तेरे साथ कट जाए,
तुम सामने रहो और तुझे देखते ही रात कट जाए।
एक तूं है जो गैरों को बाहों में भर लेती है,
मैं तो किसी को छू भी लूं तो मेरे हाथ कट जाए।।
अब किसी और से मिलती है तूं ठिकाने पर हमारे,
तूने लगाया है नमक जख्म पुराने पर हमारे।।
उसे कहना कि आजकल थोड़ा होशियार रहे,
तेरा नया आशिक चढ़ गया है नि_शाने पर हमारे।।
उदासियों से भरी हुई रात देखकर,
तुम तो छोड़ गयी था मुझे मेरे हालात देखकर।
घर की जिम्मेदारियों ने मुझे रोक लिया वरना,
मर जाता मैं उसी दिन तेरी बारात देखकर।।
हुश्न और खूबसूरती से भरे हुए बाजार मिलेंगे,
लेकिन तुमको जिंदगी में हम जैसे एक बार मिलेंगे।
आज सालों बाद मुझे सामने देखकर खूब रोया वो,
जो कभी कह रहा था जा तेरे जैसे हजार मिलेंगे।।
किया बादलों में सफर जिंदगी भर, ज़मीं पर बनाया ना घर जिंदगी भर। मोहब्बत रही जो चार दिन जिंदगी में, चार दिन का रहा असर जिंदगी भर।।
भरोसा जिसपे होता है मुझे लोगों जमाने में।
वही आगे निकलता है हमेशा दिल दुखानें में।।
समझ में कुछ नहीं आता, यकि़ किस पर करूं।
मैं जिसको अपना कहूं, वही हमें रहता मिटाने में।
Sad Shayari in Hindi for lovers
गमों को अब मेरे ढोया करेगी।
न रातों में ठीक से सोया करेगी।।
अभी तो कर रही तूं अपने मन की।
अकेले में तू भी बहुत रोया करेगी।।
बहती हुई आंखों की रवानी में मरे हैं।
कुछ ख्वाब मेरे भरी जवानी में मरे हैं।।
कब्रों में नहीं, हमको किताबों में उतारो।
हम तो मोहब्बत की कहानी में मरे हैं।।
तू ही मेरे दिल के आस पास रहा।
तेरी मुहब्बत का मुझमें एहसास रहा।।
तूने खबर तक ना ली, कैसा हरजाई है।
तू लौट के आएगा, मुझे ऐसा विश्वास रहा।।
क्या मैं समझता था और क्या निकला।
वो मेरी सोंच से जुदा निकला।।
दिल जिसे देखता समझता रहा अब तक।
वो भी कमबख्त बेवफा निकला।।
आज के दौर में अब यार कहां मिलते हैं।
मिल भी जाएं तो वफादार कहां मिलते हैं।।
जान लुटाते हैं जो प्यार के खातिर।
किसी को ऐसे अब दिलदार कहॉ मिलते हैं।।
सितम तूने बहुत ढाए सितमगर।
स़रे महफिल तूने मेरा तोड़ा मुकद्दर।।
अब न है कोई साथी न रहबर।
प्यार में पागल भटक रहा हूं दरबदर।।
दर्द को भी तेरे हम दिल में छुपा लेते हैं।
तेरी नफरत को भी हम सीने से लगा लेते हैं।।
जब भी याद आती है मुझे तेरी।
हम तो तुझे अपने ख्यालों में बुला लेते हैं।।
तेरी नफरत के सागर में मेरे gum की रवानी है।
तेरे यादों की कस्ती में मेरे आंसुओं का पानी है।।
मुझे तेरी जुदाई हर एक लम्हा सताती है।
मेरे बर्बाद मुहब्बत की बस इतनी कहानी है।।
तुने जो दिल के अंधेरे में जलाया था कभी,
वो दीया आज भी सीने में जला रक्खा है।
देख आकर दहकते हुए जख्मों की बहार,
मैंने अब तक तेरे गुलशन को सजा रक्खा है।।
गमों से चूर होकर जा रहा हूं।
बहुत मजबूर होकर जा रहा हू।।
दिखाऊंगा नहीं सूरत तुझे मैं।
नजर से तेरे अब दूर होकर जा रहा हूं।।
न मन्नत से न चाहत से मिलेगा।
न हरगिज भी मुहब्बत से मिलेगा।।
तजुर्बा तो अब इतना हो गया है।
प्यार तो जब मिलेगा, किस्मत से मिलेगा।।
जब भी जुगनू तेरी यादों के चमक जाते हैं।
आंसूं आंखों से उदासी में छलक जाते हैं।।
जब भी आ जाता याद ऐ यार तेरा।
मेरी दुनिया मेरे दिन-रात महक जाते हैं ।।
जिसकी तलब मुझे थी वो दौलत नहीं मिली।
हकदार था जिसका मैं वह सोहरत नहीं मिली।
चाहा था तुझे टूटकर तू भी जुदा हुई।
बस नफरत मुझे मिली है मुहब्बत नहीं मिली।।
प्यार हद से ज्यादा बढ़ाना छोड़ दो।
मेरे दिल में आना जाना छोड़ दो।।
रोज रोज ए सिकवे शिकायत किस लिए।
बेवजह बातें बनाना छोड़ दो।।
किसी ने इश्क का जलवा दिखा के छोड़ दिया।
किसी ने प्यार में पागल बनाके छोड़ दिया।।
सता रही है अब तो मुझे दर्द की सिद्दत।
किसी ने तीर नजर का चला के छोड़ दिया।।
रश्में उल्फत की हमेशा निभाया हमने।
दर्दे गम हंसकर जमाने से छुपाया हमने।
अब तो सामने आते ही नजरों को चुरा लेते हैं।
अपनी पलकों पर सदा जिनको बिठाया हमने।।
तोड़ा है किसने ऐ बेवफा सोच रहा हूं।
तेरी खता या मेरी खता सोच रहा हूं।।
मैने तो तेरे इश्क में खुद को मिटा दिया।
अच्छा किया या बुरा, यह सोच रहा हूं।।
बहुत दिनों से वह नजरे करम नहीं देखी।
हसीन देखे मगर अपने सनम नहीं देखी।।
कहीं मैं देख के फोटो न रो पड़ू फिर से।
इसलिए तो मैने अब तक कोई तस्वीर नहीं देखी।।
चाहत के गुलाबों को खिला क्यों नहीं देते।
नफरत की अदाओं को मिटा क्यों नहीं देते।
अगर सच में जुदाई से परेशान हो हरदम।
हाथों से मुझे ..हर पिला क्यों नहीं देते ।।
दीप यादों के जलाओगे मेरे बाद भी तुम।
हाले दिल सबको सुनाओगे मेरे बाद भी तुम।।
दिल को बहलाना भी आसान नहीं है इतना।
मुझे पलकों पर फिर बिठाओगे मेरे बाद भी तुम।।
जख्म जब सीने के भर जाएंगे,
आँसू जब मोती बनकर बिखर जाएंगे।
मत पूछना किसने धोखा दिया,
वरना कुछ अपनों के चेहरे उतर जाएंगे।।
हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे,
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे।
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया,
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।।
तुमसे मिलकर के यह तजुर्बा हुआ, झूठे लोग भी क्या लाजवाब होते है..!!
प्रतीक्षा अगर सीमा से अधिक हो जाए तो, मिलने का मोह भी धीरे धीरे समाप्त हो जाता है!
हमने तो एक ही शख्स पर चाहत खत्म कर दी, अब मोहब्बत किसे कहते हैं मालूम नहीं।
मेरे मिज़ाज का इसमें कोई क़सूर नहीं, तेरे सुलूक ने तो मेरा लहजा बदल दिया।
Heart touching sad shayari
हमें बुझा दे पर हमारी 'अना' का कऽ-त्ल ना कर।
कि बेजरूरी ही सही, ‘बेज़मीर’ हम भी नहीं।।
धोखे भरे हैं दिल में पर चेहरे बहुत हसीन,
किस पर करें भरोसा किस पर करें यकीन।
मैंने परखा है अपनी बदकिस्मती को,
मैं जिसे अपना कहूं, वह फिर मेरा नहीं रहता।
गलती से भी कंधा न देना जनाजे को ऐ दोस्त,
कहीं जिंदा ना हो जाऊं तेरा सहारा देखकर।
जिंदा हूं मगर जिंदगी से दूर हूं,
आज क्यों इस कदर मैं मजबूर हूं।
बिना गलती की सजा मिल रही है मुझे,
पर किससे कह दूं कि मैं बेकसूर हूं।।
सब्र इतना रखो कि इश्क बेहूदा ना बने।
खुदा महबूब बन जाए पर महबूब खुदा ना बने।।
उतरा चांद हमारे आंगन में सितारों को गवारा न था,
हम तो बगावत कर लेते पर चांद हमारा ना था।
कैसे ना मर मिटूं यारों उस पर मैं,
पगली रूठ कर भी कहती है संभल कर जाना।
इतनी जल्दी छोड़ कर चल दिए 'साहब'... ,
हम तो बस उजड़े हैं, मरे तो नहीं हैं।
ना जी भर के देखा ना ही कुछ बात की,
पर ना जाने क्यूं बड़ी आरजू थी मुलाकात की।
गम तो यह है कि मेरे खरेपन का...
खोटे सिक्कों ने इम्तिहान लिया।
तू भी खामखा बढ़ रही है ए धूप,
इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं।
जिन पर लुटा चुका था मैं दुनिया की दौलतें
उन वारिसों ने तो कफन भी नाप कर दिया।
लहरों से लड़ता हूं मैं दरिया में उतरकर,
किनारों पर खड़ा होकर में साजिशें नहीं करता।
आंसूं भरी मुस्कान से जिद से मिलेगा,
सोचा था गले लगकर वो दिल से मिलेगा।
खुद देखते नहीं तो यकीन भी नहीं होता,
कि मेरा दोस्त जा मेरे का-ऽतिल से मिलेगा।।
मग़रूर दिन से करें या खामोश रात से करें,
उम्मीद करें किससे और किस बात से करें।
हमारी अच्छाई, सादगी और हुनर पचा गए,
मीठी जड़ थे हम, लोग खोदकर खा गए।
उसने मेरे लिए कोई दुआ की ही नहीं,
उसके दिल में तो मेरे लिए जगह थी ही नहीं।
आज दिन उल्टी दिशा में ढल गया कैसे,
हमें बुरा कहकर खुद बदल गया कैसे।
पलकों के दामन में दर्द को पिरोते हुए,
तुमने देखा है क्या हमें कभी रोते हुए।
छोटी सी उम्र में जिंदगी का हर मंजर देखा है,
क़रीबी लोगों के बगल में भी छुपा खंजर देखा है।
मेरे बेचैन दिल को आराम नहीं आता,
जब तक लबों पे तेरा नाम नहीं आता।
ना दिन में रहे और ना रात में रहे,
साथ अच्छे भी ना बुरे हालात में रहे।
सही थे वो मुझे तन्हा छोड़ कर भी,
बुरे हम ही मगर हर बात में रहे…।
ना मन को समझ पाए, ना मौन समझ पाए,
अब दर्द दूसरों का यहां कौन समझ पाए।
समझा था जिसे जिंदगी में उजाला हमने,
बरसों तक अंधेरों में हमें उसी ने रखा था।
तुम तो हो अंबर वाले, मैं जमी पर हूं;
तुम कभी आओ तो मैं यहीं पर हूं।
मोहब्बत में धोखे की सैड शायरी
कुछ तड़पता हूं कुछ तड़पा दिया जाता हूं,
जा मोहब्बत जुर्म है जिसकी सजा पाता हूं
एक धुन ऐसी भी होती है किसी की याद में,
जागता हूं दिल से और आंखों से सो जाता हूं।।
कोई हंसके तो कोई हंसा के टूट गया,
कोई था जो आंसू बहाके टूट गया,
पर मैं तो टूटा तेरी चाहत में, कमबख्त्
तू तो मुझको आजमाकर टूट गया।।
अब तेरी शिकायत करें भी तो किससे करें,
हर शख्स से कहा था तुझसे अच्छा कोई नहीं।
सोच समझकर ऐतबार किया करें,
यहां हर कोई सच्चा नहीं होता।
बावन पत्ते होते हैं ताश में,
मगर उनमें से हर कोई इक्का नहीं होता।
नशा मोहब्बत का हो या शराब का,
होश दोनों में खो ही जाते हैं। बस ..
फर्क इतना है कि शराब सुला जाती है,
तो वहीं मोहब्बत रुला जाती है..!
घर जाकर जब बच्चों को खाना खिलाया होगा,
बच्चे क्या जानें कि बाप कैसे कमाया होगा।।
कौन कश्ती में उतरता है अभी देखना है,
किसका शिराजा बिखरता है अभी देखना है।
तुम समझते हो कि तुम जीत गए हो लेकिन
वक्त क्या फैसला लेता है अभी देखना है।
सियासत किस हुनरमंदी से सच्चाई छुपाती है,
कि जैसे सिसकियों का दर्द शहनाई छुपाती है।
जो तह में जाता है वो फिर वापस नहीं आता,
नदी हर तैरने वाले से गहराई छुपाती है।।
मोबाइल के दौर के आशिक को क्या पता,
कि कैसे रखते थे खत में कलेजा निकालके।
मौजूद हैं मेरे दिल पर तेरे कदमों के निशान,
तेरे बाद किसी को हमने गुजरने नहीं दिया।
बहुत अमीर है उसका नया यार,
मेरी मोहब्बत ही खरीद ली उसने…!
चंद सांसें बची हैं बस आखिरी दीदार दे दो।
झूठा ही सही मगर एक बार प्यार दे दो।।
अब क्यों बात करोगे तुम मुझसे,
शायद हमसे बेहतर कोई मिल गया होगा!
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
आज मौसम की तरह लोग बदल जाते हैं।
उम्र भर जिनकी वफ़ाओं पर भरोसा किजै,
वक्त पड़ने पर वही लोग बदल जाते हैं।।
हम तो उम्र भर के मुसाफिर हैं। अब मत पूछ.. तेरी तलाश में कितने सफर किए हैं हमने।
कभी महसूस हो तुझे मेरी कमी, तो इसकी वजह भी खुद से तुम पूछ लेना!
वो पल कभी भूलाए नहीं जाते, जिसमें वक्त कम और लम्हें ज्यादा हो।
दिल की बस्ती बड़ी अजीब बस्ती है, यह रोज उजड़ती है और रोज बसती है।
और दिल की दौलत को खरीदने वालों, जितना तुम सोचते हो, यह उससे भी सस्ती है।
टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग दीवारों की तरह, जो खुद से ज्यादा किसी और से मुहब्बत करते हैं।
मौत का भी इलाज हो शायद, गम भरी जिंदगी का इलाज नहीं।
कोई तेरे साथ नहीं तो भी ग़म ना कर, दुनिया में ख़ुद से बढ़कर कोई हमसफर नहीं।
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालों ने ही, वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी!
मिले ना फूल तो कांटों से जख्म खाना है, उसी गली में मुझे बार-बार जाना है। मैं अपने खून का इल्जाम दूं तो किसको दूं, लिहाज ये है कि कातिल से दोस्ताना है।।
मुझे मंजू़र थे वक़्त के सब सितम मगर, तुमसे मिलकर बिछड़ जाना ये सजा ना दो।
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहा, पर क्या यार उसने मुझे ही गलत समझ लिया!
सोचा ही नहीं, जिंदगी में ऐसे भी फ़साने होंगे। रोना भी जरुरी होगा, आंसू भी छुपाने होंगे।।
और कैसे हो अकेले रहा करो मेरे दोस्त, यहां लोग मोहब्बत के बहाने हंसी छीन लेते हैं!
ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन, बेहद ही करीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोई।
चलो मान लिया मुझे इश्क करना नहीं आता, लेकिन जरा मुझे ये भी तो बताओ, कि.. तुम्हें दिल तोड़ना किसने सिखाया।
गुजर गया आज का दिन पहले की तरह, न उनको फुर्सत थी और न हमें ख्याल आया।
तुम पूछो मैं बताऊं ऐसे तो हालात नहीं, एक जरा सा दिल टुटा है और कोई बात नहीं।
कभी ना कभी ये एहसास होगा तुम्हें, कि कोई था जो बिना मतलब के चाहता था!
मोहब्बत की मिसाल में बस इतना ही कहूंगा, बेमिसाल सज़ा है किसी बेगुनाह के लिए।
दिल का ज़ख्म दिखाया नही जाता, गम का किस्सा बार बार सुनाया नहीं जाता। तुम जी भर के देख लेना इस चेहरे को, ये कफन बार बार हटाया नहीं जाता!
बहुत देर कर दी मेरी **धड़कनें महसूस करने में**,
वो दिल नीलाम हो गया जिसपे तुम्हारी हुकूमत थी।
कभी ग़र मौका मिले तो,
हम किस्मत से शिकायत जरूर करेंगे,
क्यों छोड़ जाते है वो लोग,
जिन्हें हम टूट कर चाह रहे होते हैं।।
जीवन से निराशा की सैड शायरी
हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं, कभी किस्मत से तो कभी लोग तोड़ जाते हैं।
ना पूछो अब वो किस्सा उल्फ़त.. वो तो एक लम्बी सी कहानी है। बस इतना जानो कि हमने बस बात मानी है।
लड़की लड़के को इसलिए नहीं समझ पाती, उसे गुरुर होता है उसे चाहने वाले बहुत हैं!
होठों की हँसी न समझ हक़ीकत ऐ जिंदगी, दिल में उतर के देख कितने टूटे हुए हैं हम।
वही छीन लेते हैं मुस्कान चेहरे की, जिन्हें बता दिए जाए की तुम जरूरी हो!
मैं इन शीशगरों से पूछता हूँ, टुटा दिल भी जोड़ा है क्या किसी ने।
बेलिबास आये थे इस दुनिया में ग़ालिब, सिर्फ एक क़फ़न के लिए इतना सफ़र कर गया!
सालों तक सोचा, हो क्या रहा था, बस दिल धोके में था और धोकेबाज दिल में था।
मत पूछ मेरे जागने की वजह ए चांद, कोई तेरा ही हमशक्ल है जो सोने नहीं देता!
टूटा हुआ दिल भी धड़कता है, कभी किसी की याद में तो कभी फरियाद में।
मेरे ठोकरें खाने में लोगों को दिक्कत है, कहते है ये शख्स तजुर्बे से आगे निकल जायेगा!
दिल बेचैन हो जाता है सवाल करके, क्या गलत किया मैंने तुमसे प्यार करके।
एक मशला है उसे भुलाने में, कि उसके बदले में किसको याद करूं…!
जो दिल में आये वो करो, बस किसी से दिखावटी प्यार मत करना।
बदला बदला सा है मिजाज क्या बात हो गई, शिकायत हमसे है या किसी और से मुलाकात हो गई!
तुम दूर हो गये हमसे मजबूरी में,
हम तो टूट गए बस तेरी दूरी में।
अब तो ख्वाबों में आना छोड़ दो,
अब कहां हम साथ रहते हैं,
तुम्हारे साथ भी बर्बाद थे,
तुम्हारे बाद भी बर्बाद रहते हैं…!
यहाँ कोई टुटा हुआ है तो कोई रूठा हुआ है,
यह इश्क़ न जाने कितनों को तो लूटा हुआ है।
अदा कातिल निगा कातिल जुबां कातिल बयां कातिल, बता कातिल कहां जाऊं जहां जाऊं वहां कातिल!
सोचा उनसे इश्क करके बहुत खुश रहेगा,
पर क्या पता था इश्क़ के बाद टूट जायेगा ये दिल।
इश्क ने देखो कैसी तबाही मचा रक्खी है।
आधी दुनियां पागल तो आधी शायर बना रक्खी है!
काश की खुदा ने दिल शीशे के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथों में ज़ख्म तो आये होते।
बिछड़ा वो इस कदर कि रुत बदल गई,
एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया!
दिल टुटा है तो बस अपनी गलती से,
उसने कब कहा था कि मुझसे प्यार करो।
किसी को तो कभी रास आयेंगे हम भी,
कोई तो होगा जिसे सादगी पसंद आयेगी…!
बर्बाद होने के तो और भी रास्ते थे,
ना जाने मुझे मोहब्बत का ही ख्याल क्यों आया?
हम दोनों ही धोखा खा गए,
मैंने तुम्हें औरों से अलग समझा..
और तुमने मुझे औरों जैसा समझ लिया।
आज उसने रुलाया है मुझे,
जिसके साथ हमने मुस्कराना चाहा।
टूटे हुवे दिल से मुस्कुराना इश्क़ है, और
उसकी ख़ुशी के लिए उसे भूल जाना इश्क़ है।
जिनकी मोहब्बत सच होती हैं न,
उनके नसीब में दर्द ही लिखा होता हैं।
प्यार तो बेरोजगारी में होता है,
नौकरिया देखकर तो शादियाँ होती है।
अजीब जुर्म करती हैं तेरी यादें,
सोचूं तो बिखर जाऊं ना सोचूं तो किधर जाऊं!
इस टूटे दिल को ठोकर मार दूर किया तुमने,
इसीलिए तेरी जिंदगी से खुद को दूर किया हमने..!!
ना जवाब दे ना अब सवाल कर,
मुझे छोड़ दे मेरे इस हाल पर।
बीत गया जो तेरे संग वो पल बहुत हसीन था,
फासले बहुत थे मेरी जिंदगी में मगर..
कैफियत पूछोगे कभी, ये हमें यकीन था!
हमारे ऐब तो उजागर हैं साहब,
फिक्र वो करें जिनके गुनाह परदे में हैंं!
टूटे शीशे और टूटे लोगों से बचकर रहना,
लग जाए ग़र चोट तो फिर कुछ ना कहना!
बहुत जुदा है औरों से मेरे दर्द की कहानी,
जख्म का निशां नहीं और दर्द का इलाज नहीं!
कांच जैसा दिल था मेरा कहीं टूटा पड़ा होगा,
गम व दर्द के बादलों में कहीं छुपा पड़ा होगा!
बहुत मुश्किल से करता हूं तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम तो है पर गुजारा हो ही जाता है!
दिल टूटा पर उससे आवाज ही ना हुई,
चोट तो बहुत लगी पर लहू की बरसात ना हुई!
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है,
जहां कातिल ही पूछे कि तुम्हें हुआ क्या है!
तुमसे इश्क करके गुनाह किया हमने,
तुमने दिल तोड़ कर धोखा दिया हमें!
उठाकर फूल की पंखुडी नजाकत से मसल डाली,
इशारे से कहा कि हम ऐसा ही हाल करते हैं!
क्या मिलता है तुम्हें टूटे दिलों को जोड़कर
बिखर जाते है वो जब लोग जाते है छोड़कर!
कोशिश तो बहुत करता हूं खुश रहने की पर,
नसीब में ही खुशियां ना लिख तो क्या करूं!
छोटा बड़ा ही सही मगर एक वादा टूटा है।
तुम्हारा कम पर मेरा हिस्सा ज्यादा टूटा है..!
चूमकर मेरे कफन को उसने क्या खूब कहा,
नया कपड़ा क्या पहन लिया अब बात भी नहीं करते!
किसी के दिल में साथ रहने का इरादा ही झूठा है।
इसीलिए मैं तुझसे तू मुझसे आज तक रूठा है!
लगाके इश्क की बाजी सुना है रूठ बैठे हो,
मोहब्बत मार डालेगी अभी तो तुम फूल जैसे हो!
यहां कोई टूटा हुआ है कोई रूठा हुआ है,
यह इश्क न जाने कितनों को लूटा हुआ है!
मुझे तो इसलिए बनाया उस भगवान ने,
क्योंकि वो देखना चाहते थे;
इंसान किस हद तक दर्द सह सकता है!
उसकी मोहब्बत में सब कुछ खोकर आया हूं,
अपने सारे गम और खुशी वहीं छोड़ आया हूं!
किस्मत हमारी कुछ ऐसी थी कि
चैन से जीने की हिम्मत ना हुई,
जिसको चाहा वो तो मिला नहीं,
जो मिला उससे मोहब्बत ही ना हुई!
बिखरे हुए सपने और टूटा अरमान देखा,
जब मैंने अपने ही अंदर झांककर देखा !
मैं गुनहेगर भी हूं तो बस खुद का हूं,
मैनें अपने सिवा किसी को बर्बाद नही किया…!
भर गए जख्म मेरे अभी उसके निशा बाकी हैं,
तेरी मुहब्बत के अभी कितने अरमान बाकी हैं!
घड़ी की टिक टिक को यूं मामूली ना समझो,
ज़िंदगी के दरख़्त पर कुल्हाड़ी के वार हैं…!
टूटा जब यह दिल तो आईना हुआ चकनाचूर,
एहसास ख्वाब और अरमान सब हुआ चूर-चूर!
राह देखेंगे तेरी ही चाहे ज़माने लग जाएं,
या तू आ जाए या हम ही ठिकाने लग जाएं!
हम तो बिखरे हैं चूर हुआ है सारा मंजर,
एक नदी की तलाश में प्यासा है समंदर.!
बस चार दिन आंखो में नमी होगी,
मैं मर भी जाऊं तो क्या खाक कमी होगी!
बड़ी मदहोश थी महफिल की वह भीड़,
कोई टूटा हुआ था, कोई बिखरा हुआ था!
खाकर ठोकर ज़माने की,
फिर लौट आए हम मैखाने में,
मुझे देख कर मेरे गम बोले,
बड़ी देर लगा दी तूने आने में…!
जान बनकर जब से जिंदगी में आए हो तुम,
जान जान कह कर सीधे दिल पर वार किये!
तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी एतबार है,
देखते है पहले हमें कौन मिलता है,
हमें तो अब दोनो का इंतजार है…!
उन्हें हमसे दूर जाने का बहाना मिल गया।
दिल तोड़कर रहने का जो ठिकाना मिल गया!
एक अजीब सी जंग है मुझमें,
कोई मुझसे ही तंग है मुझमें…!
दिल से रोए मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे,
वो हमे एक लम्हा ना दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिए जिंदगी लुटा बैठे।
दूसरों को खुश रखने की कोशिश में,
अक्सर कम खुद को उदास कर लेते है।
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,
बरबाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता।
असफलता और निराशा की शायरी
नसीब में जो लिखा है उसे मिटाना नहीं आता,
किस्मत में जो है वो छुपाना नहीं आता,
चाहे सब कुछ कर लूँ हासिल,
मगर बिना मेहनत कुछ भी पाना नहीं आता।
अमीरों शहर से ऊंचा वक़ार रखता हूं,
गरीब होकर के भी दिल मालदार रखता हूं।
मिले जो वक्त तो कर्जें वफ़ा चुका देना,
जा तुझपे मैं अपनी मोहब्बत उधार ऱखता हूं।।
घाव गहरा बहुत था पर दिखता नहीं था,
दिल भी बहुत दुखता पर कोई समझता नहीं था।
बाद में सब कहते तो हैं कि हमसे कह सकते थे,
पर जब कहना चाहा तो कोई सुनता नहीं था।।
खुदा जाने क्यूं अब वो उदास रहता है।
नजर से दूर मगर दिल के पास रहता है।।
मुझसे तो जुदा हुआ है बड़े शौक से लेकिन;
शायद बिछड़के उसे अब अहसास रहता है।।
नजर से नजर मिलाकर क्यूं बात नहीं करते।
क्या हो गया है मुझसे मुलाकात नहीं करते।।
चाहत तुम्हारे दिल में होती अगर जो मेरी।
ऐसे तो कभी तुम मेरे हालात नहीं करते।।
हमने अपने इस संग्रह में विभिन्न प्रकार की SAD SHAYARI को शामिल किया है ताकि हर एक व्यक्ति अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त कर सके। चाहे वह प्रेम में मिला धोखा हो, जीवन की कठिनाइयाँ हों, या फिर असफलता का दर्द हो। हर एक शायरी में एक अलग एहसास है जो आपके दिल को छू जाती है।
Emotional Sad Shayari
Emotional Sad Shayari in Hindi brings together heartfelt verses that mirror the quiet moments of longing, loss, and reflection many of us face. If you are feeling low or missing someone, this collection offers simple, relatable lines that speak your language — both literally and emotionally.
Reading these shayari can help you feel understood, because each couplet is crafted to echo the small, honest truths of a saddened heart and provide a safe space for those emotions.
These emotional sad shayaris aren’t meant to deepen sorrow but to comfort and heal — a gentle reminder that feeling sad is human and that you are not alone. Take your time with each line: pause, breathe, and let the words hold you for a moment.
If a verse resonates, save it, share it with a friend, or return to it when you need solace — little acts like these can be comforting steps toward feeling a bit lighter. Let’s get started…
Emotional sad shayari Love
सितम ग़र ऐसा देखा ना हमने कहीं जमाने में,
द़गा ऐसी भी होती है मोहब्बत के फसाने में।
कोई महबूब रोए या रिहाई मांगे उल्फ़त की,
मांगे भीख ना मिलती मोहब्बत के ठिकाने में।।
पाने से ज्यादा तो खोने में मज़ा ही कुछ और है। बंद आंखों से रोने में मज़ा ही कुछ और है।। आंसू बने लफ्ज़.. और लफ्ज़ बने ग़ज़ल, और इस ग़ज़ल में तो तेरे होने का मज़ा ही कुछ और है।
उसके बाद तो हमने मुस्कुराना छोड़ दिया, दिल ऐसा टूटा की दिल लगना छोड़ दिया। और ओ ढूंढ रहे हैं जमाने में मुझसे बेहतर, जिसकी खातिर हमने तो जमाना छोड़ दिया।।
एक पल आके जो गुजर जाए; वो एक हवा का झोंका है और कुछ नहीं।
कहती है सारी दुनिया मोहब्बत जिसे; ओ एक रंगीन धोखा है और कुछ नहीं।। नसीब वालों को मिलता है ऐसा हमसफ़र.. जो दूर रहकर भी भरोसा ना तोड़े!!
पाने से ज्यादा तो खोने में मज़ा ही कुछ और है। बंद आंखों से रोने में मज़ा ही कुछ और है।। आंसू बने लफ्ज़.. और लफ्ज़ बने ग़ज़ल, और इस ग़ज़ल में तो तेरे होने का मज़ा ही कुछ और है।
सिला भी खूब उल्फत का दिया है दिलरुबा ने ही, जहर पहले ही दिया है मेरी बेवफा ने ही। लाख मन्नतें मांगी, फिर भी तुम ना तरस लाए, तबाह करके गऽला माऽरा है, वो बेहया ने ही।।
काग़ज़ पे नहीं लिखते हम राज़ मोहब्बत के, पल भर में बिखर जाते हैं अल्फ़ाज़ मोहब्बत के। हमने तो उन्हें टूट कर चाहा लेकिन, आज खुद ही बदल दिए वो अंदाज़ मोहब्बत के।।
दर्द ने दर्द में रोने का हक छीन लिया। रिश्तों ने रिश्तों को तोड़ने का हक छीन लिया। किसी तरह जी तो हम रहे थे जिन्दगी; पर किस्मत ने तो हमसे जीने का हक छीन लिया।
धोखा दे जाती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक,
हर चमकते टुकड़े कहीं हीरे नहीं होते!
फ़िज़ा में महकती शाम हो तुम, प्यार में झलकता हुआ जाम हो तुम। सीने में छुपाये फिरते हैं हम याद तुम्हारी, इसीलिए मेरी जिंदगी का तो दूसरा नाम हो तुम।।
मोहब्बत की शम्मा जला कर तो देखो, जरा दिल की दुनियाँ सज़ा कर तो देखो। तुम्हें हो ना जाये मोहब्बत तो कहना, तुम जरा हमसे नज़रें मिला कर तो देखो।।
थोड़ी मोहब्बत तो उसे भी हुई होगी मुझसे, दिल तोड़ने के लिए इतना वक़्त कौन बर्बाद करता है।
बहुत रोका मगर रुक न सका, इश्क़ तो बढ़ता ही गया, गुनाहों की तरह !
वो दर्द के बिस्तर पर सुलाकर के गयी है, आंखों से मेरी नींद चुराकर के गयी है।
खुलती ही नहीं आंख गये दिन को, ना जाने वो कौन सी दवा पिलाकर के गयी है।
तेरे साथ को तरसे और तेरी बात को तरसे, तेरे होकर भी तेरी एक मुलाकात को तरसे?
Emotional sad shayari 2 line
वो दिल ही क्या जो तेरे मिलने की दुआ ना करे. मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ, कभी खुदा ना करे।
सर झुका कर तो.. बात की है साहब.. अब खुद को.. मिट्टी में ही मिला दूं क्या..??
तू ना समझ मेरे इसारे ..तुमको गुमराह हम ना करें.. शादी शुदा भी उलझ जाये तो तुम क्या चीज़ हो कुंवारे!
वास्ता ही नहीं रखना तो नज़र क्यूँ रखते हो.. किस हाल में ज़िंदा हूँ मैं, ये खबर क्यूँ रखते हो!
जो बीत गया है वो अब दौर ना आयेगा, इस दिल में शिवाय तेरे कोई और ना आयेगा।
सपने फूंक दिया हमने, अब राख उठानी है, जिन्दगी और कुछ नहीं, बस तेरी मेरी कहानी है।
है अगर इश्क़ एक तलब तो तलबगार मैं भी हूं। है गर इश्क़ गुनाह तो फिर गुनहगार मैं भी हूं।।
चाहत थी तुम्हारी.. तलब बनने की..। मलाल ये है कि तुम्हारी.. लत लग गयी..।।
दिल में छिपी यादों से सवारु तुझे, तू देखे तो अपनी आँखों मे उतारूं तुझे।
तेरे नाम को लबों पर ऐसे सज़ाना है, सो भी जाऊं तो ख्वाबों में आकर पुकारूं तुझे।।
फासले मिटाने की कोशिश ने तो फासले बढ़ा दिए, मैंने कदम बढ़ाना चाहा तो, तुमने पीछे हटा लिए।।
Top Emotional Sad Shayari
दिल की धड़कन और मेरी अदा है वो, मेरी पहली और आखिरी व़फा है वो।
चाहा है उसे चाहत से भी बढ़कर.., मेरी चाहत और चाहत की इंतेहा है वो।।
कुछ दुआ रही, कुछ मोहब्बत रही.. और कुछ इबादत सी हो गयी। उनसे मिलने के बाद तो अब.. ये जिन्दगी उनकी अमानत सी हो गयी।
संसार की सबसे बड़ी हकीकत.., लोग आपके बारे में अच्छा सुनने पर शक करते हैं, लेकिन बुरा सुनने पर तुरंत यकीन कर लेते हैं!
जिंदगी में ऐसे लोग भी मिलते हैं, जो वादे तो नहीं करते, लेकिन निभा बहुत कुछ जाते हैं।
अक्सर वही रिश्ते लाजवाब होते हैं, जो एहसानों से नहीं, एहसासों से बनते हैं।
तेरी जरूरत तेरा इंतज़ार और ये कश्मकश, थक कर मुस्कुरा देते हैं हम जब रो नहीं पाते।
जो नहीं आता उसका इतना इंतेज़ार क्यों? किसी के लिए अपना ये हाल क्यों?
वैसे तो इस दुनिया में बहुत सी चीज प्यारी हैं, पर जो नहीं मिलता उसी से इतना प्यार क्यों?
अगर कुछ रिश्ते उम्र भर नाम ही रहें तो अच्छा है, केवल आँखों ही आँखों में कुछ पैगाम रहें तो अच्छा है।
है दफ़न मुझमें, कितनी रौनके, मत पूछ! हर बार उजड़ के भी बस्ता रहा, वो 'शहर' हूं मैं!
ज़िंदगी कहाँ, बसर कहाँ, एक तेरा ही ख्याल बाकी हैं,
वो शमा की महफ़िल ही क्या जिसमें दिल ख़ाक ना हो, मज़ा तो तब है चाहत का, जब दिल तो जले, पर राख ना हो।
पहले अपनी तलब बढ़ाओ, फिर हमसे प्यार करना। इश्क जब ना सम्हले, तब हमसे इजहार करना।।
आज आँखों में चमक फिर लौट आई है, आप के ख़ातिर गली, दिल की सजाई है। मैं बनूँ बाती तब तुम दीप बन जाना, प्रेम की ये लौ सदा दिल में जलाई है।।
कठपुतली के दर्द इस जहाँ में किसी ने नहीं जाना, डोर नचाती है हमको इशारों पर ठुमके लगाते हम, ख़ुश होता जमाना है, तर होती हैं हमारी अखियां, विरासत में मिली है हमको ये दुनिया, रंगमंच ही हमारा ठिकाना, हमारा दर्द भला किसने जाना।।
मीत मन का मिले तो चमत्कार है, प्रीत जैसे ये सावन की बौछार है।
तुम दुआओं में मेरी सदा ही रहो, साथ मिल जाये तुम्हारा, यही तो उपहार है।।
आईना देखोगे तो मेरी याद आयेगी, साथ गुजारी वो मुलाकात याद आयेगी
पल भर के लिए वक्त ठहर जायेगा, जब आपको मेरी कोई बात याद आयेगी।।
सताने वाले के नाम बदलते गये, जैसे मयखाने में जाम बदलते गये। मैंने भी छोड़ दी पैरवी इस दिल की, जब मुझ पर लगे इल्ज़ाम बदलते गये।।
क्या कभी पढ़ पाओगे तक़दीर को, इन लकीरों में छुपी तस्वीर को। बाँध पाओगे न इक पल को कभी, वक़्त तोड़ेगा कभी तो इस जंजीर को।।
झूठ पर एतवार क्या करना, हद से ज्यादा दुलार क्या करना। प्रेम के बदले प्रेम ही देना हमें, आपका नाम से उधार क्या करना।।
मुक़द्दर से नहीं लड़ता, लकीरें खुद बनाता है। मिली है मुफ़लिसी फिर भी, बड़ी शिद्दत उठाता है।।
जमाने को नहीं दिखता पसीना क्यों, गरीबों का। मिले दो वक्त की रोटी तभी तन को जलाता है।।
बेबस हो जाती हैं धड़कनें, जब तुम ख्यालों में मुस्कराते हो।
कलम एहसास लिखती है, और काग़ज़ पर तुम उतर आते हो।।
कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं, इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं। झुठ बोलता होगा कभी चाँद भी, इसलिए तो रूठ कर तारे टूट जाते हैं।।
मस्त नज़रों से ही देख लेता, अगर तमन्ना थी आजमाने की। हम तो बेहोश यूँ ही हो जाते, क्या जरुरत थी मुस्कराने की।।
खुद को इतना भी ना बचाया कर, बारिश हो कभी तो भीग जाया कर। चाँद लाकर कोई नहीं देगा तुझे, अपने चेहरे को खुद से तूं चमकाया कर।।
दर्द हीरा है, मोती है, दर्द आँखों से मत बहाया कर, काम ले कुछ हसीन होठों से भी; बातों बातों पर तूं भी मुस्कुराया कर।।
धूप भी मायूश होकर लौट जाती होगी, छत पर कपड़े भी तो सुखाने आया कर।।
और कौन कहता है दिल मिलाने को, कम से कम हमसे हाथ तो मिलाया कर।।
लम्हें ये सुहाने साथ हो ना हो, कल में आज जैसी बात हो न हो। आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा, चाहें भले ही पूरी उम्र मुलाकात हो ना हो।।
रात जब किसी की याद सताये, हवा जब आकर बालों को सहलायें। कर लो आँख बंद और सो जाओ, क्या पता जिसका है ख्याल वो ख्यालों में आ जाये।।
तेरे साथ तो संवर गयी जिन्दगी हमारी, हमारे लिए सब से बढ़ कर हैं, खुशियाँ तुम्हारी। और ना कोई तमन्ना है, ना चाहत है, बस तुम साथ रहो, यही ख्वाहिश है हमारी।।
करोगे याद तुम भी गुजरे जमाने को, तरसोगे हमारे साथ, एक पल बिताने को। फिर आवाज़ दोगे हमें, वापस बुलाने को, और हम कहेंगे! दरवाजा नहीं है कब्र से बाहर आने को।।
वो दिल ही क्या जो कभी वफा ना करे, तुझे भूल कर जीना हो, कभी खुदा ना करे। रहेगी तेरी मोहब्बत मेरी जिन्दगी बन कर, वो बात तो और है, अगर जिन्दगी द़गा ना करे।।
कुछ ज़िंदगी ही मिली थी ऐसी की, चैन से जीने की सूरत ना हुई.. जिसे चाहा, उसे पा न सके.... ना जाने उसी से मोहब्बत क्यों हुई।।
अपने किरदार पे वफ़ादारी का लिबास रखती हूँ, खुद भी खास हूँ और दोस्त भी खास रखती हूँ।
तेरे हर एक गम को अपनी रूह में उतार लूं, अपनी ये जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूं। मुलाकात हो तुझसे कुछ इस तरह मेरी.., सारी उम्र बस एक मुलाकात में गुजार लूं।।
रह जाता इश्क़ जिंदा दोनों के बीच, अगर कुछ उन्होंने बोल दिया होता! ना दूर वो होते ना हम तड़प रहे होते, अगर राज दिल का ये खोल दिया होता!
मिले वफा मोहब्बत में अब वो दौर नहीं, अब इश्क़ महज़ खेल हैं कुछ और नहीं। वक़्त गुजरता रहा पर साँसें थमी सी थी, मुस्कुरा रहे थे हम, पर आँखों में नमी सी थी।
साथ हमारे ये जहाँ था सारा, पर.. ना जाने क्यों तुम्हारी कमी सी थी।
चल चलें ऐसी जगह जहां कोई न तेरा न मेरा हो, इश्क़ की रात हो और बस मोहब्बत का सवेरा हो!
मैं ख्वाहिश बन जाऊँ, और तू रूह की तलब, बस यूँ ही जी लेंगे दोनों, मोहब्बत बनकर!
तु एक ख्याल सा दिल में समा जाता है, तू ही बस मेरे दिल को बहुत भा जाता है।
तेरी आँखों से मैं देखती हुँ दुनियाँ सारी, अब तो हर तरफ बस तू ही नज़र आ जाता है।
पूछा जाने किस-किस से लेकिन तेरा पता कहीं मिला नहीं,लेकिन, जब मिला तेरा पता; तब मुझे दुनिया में खुद का भी पता नहीं..!!
किसी को उनसे मिलकर इश्क़ हुआ, किसी को उनको देखकर इश्क़ हुआ। एक हम ही थे जो उनको देखे ना मिले, हमको तो उनसे हुई बातों से ही इश्क़ हुआ।।
फिर कोई, जुदा नहीं कर पायेगा हमें, हम अगली बार तुम्हें, लकीरों में लिखवा के लायेंगे।
कुछ दुआ रही, कुछ मोहब्बत रही, और कुछ यादें ज़िन्दगी भर बरकरार रही।
ख्वाब कहाँ, नजर कहाँ, अब मुझे अपनी खबर कहाँ।
Sad Shayari in Hindi
Sometimes, just two lines are enough to express a lifetime of pain. Sad Shayari gives words to those emotions which remain silent in our hearts — broken trust, lost love, lonely nights, and the harsh reality of life.
These 2 line sad shayari in Hinglish are written for those who feel deeply but speak less. Read them slowly, feel every word, and let your heart connect with their truth.
Dil Chhu Lene Wali 2 Line Sad Shayari
Heart-touching Hinglish sad shayari that speaks the pain of love, loneliness, and life.
"Khamoshi bhi agar bol pade, toh shor macha deti hai, Hum toh chup rahe, par tanhai har roz suna deti hai." Sad Shayari
"Humne toh sirf sacha pyaar kiya tha, Galti shayad ye thi ki humne umeed zyada rakhi thi." Sad Shayari
"Jo apna tha wahi door chala gaya, Aur jo door tha wahi yaadon mein bas gaya." Sad Shayari
"Rona bhi us din aasan ho gaya, Jis din hasne ki wajah chali gayi." Sad Shayari
"Log kehte hain waqt sab theek kar deta hai, Par sach toh yeh hai, waqt sirf aadat bana deta hai." Sad Shayari
"Dil tootne ka dard shabd samajh nahi pate, Jo guzarta hai, wahi is khamoshi ko jaanta hai." Sad Shayari
"Hum uske bina bhi jee lete hain, yeh duniya ko dikha dete hain, Bas raat ko tanhaayi mein apna haal chhupa lete hain." Sad Shayari
"Woh har roz naye bahaane banata raha, Aur hum har roz apni galti dhoondhte rahe." Sad Shayari
"Kisi ko khona dard deta hai, yeh sab jaante hain, Par kisi ka hote hue bhi akela rehna, yeh koi nahi samajhta." Sad Shayari
"Humne chaha tha zindagi bhar saath nibhaana, Usne samjha hi nahi ki hum dil se nibhaane aaye the." Sad Shayari
2 Line Shayari on Sadness
शर्मिंदगी में उम्र बसर कर रहे हैं हम।। यह काम तुम्हारा था मगर कर रहे हैं हम।।
मैं तो वो शुक्र गुजार हूं बुरे वक्त का.... । जिसने मुझे हर मुनाफिक का चेहरा दिखाया।।
उसने कहा सब हुस्न पर मरते हैं।। मैंने कहा - जब ढल जाए तब आना।।
तोड़ कर यकिन मेरा वो किनारे हो गये।। कल जो बनते थे हमारे वो तुम्हारे हो गये।।
लगी है प्यास चलो रेत निचोड़ी जाए।। अपने हिस्से में अब समंदर नहीं आने वाला।।
Heart Touching Sad Shayari
किस उम्र में आकर मिले हो सनम..? अब हाथों की मेंहदी बालों में लगी है।।
सौ दुश्मन बने हमारे तो किसी ने कुछ ना कहा।। एक हमसफ़र क्या बनाया लोगों ने अंगुलियां उठा दी।।
तेरे ना होने का मलाल एक तरफ़।। तूं मेरा क्यों ना हुआ यह मलाल एक तरफ़।।
अब घायल ना कर सकेगी तेरी हंसी मुझको।। अब मैं वो हूं जो मोहब्बत को मानता ही नहीं।।
😔 Feeling Sad Shayari
ये पूछिए मत कि उसने देखा है किस नजर से।। हम जैसे लड़के को उसने देखा यही बहुत है।।
लड़का जो कल तक बात करने से डरता था।। गजब के शेर कहने लगा है इश्क में देखो।।
मैं जिस्मों कि लज्जत से नावाकिफ लड़का।। महबूब गंवा बैठा निकाल की लालच में।।
सोचकर बाजार गया था अपने कुछ आंसू बेचने।। पता चला अपनों के तोहफे बाजार में नहीं बेचते।।
🥀 अकेलेपन पर शायरी
ना मुंह छुपाकर और ना सिर झुकाकर जिओ।। ग़र हो गमों का दौर तो भी मुस्कुराकर जिओ।।
ख्वाब का रिश्ता हकीकत से न जोड़ा जाए।। आइना है इसे पत्थर से ना तोड़ा जाए।।
यह जो जनाजे में भीड़ है इसके।। यह शख़्स तन्हाई के खौफ से मर गया।।











