Top Desh Bhakti shayari
देशभक्ति एक ऐसा भाव है जो हर नागरिक के दिल में बसता है। यह केवल एक भावना नहीं, बल्कि अपने वतन के प्रति प्यार, सम्मान और समर्पण का प्रतीक है। जब हम देशभक्ति से ओत-प्रोत शायरी पढ़ते हैं, तो हमारे दिल में देशप्रेम की ज्वाला और तेज हो जाती है। आइए, ऐसी देशभक्ति शायरियों को पढ़ते हैं, जो आपके दिल में जोश भर देंगी।
हमारी पहचान तिरंगा है, हमारा सम्मान तिरंगा है,
जिएं या मरें, हर हाल में हमारा अभिमान तिरंगा है।
बलिदानों की ज्वाला जलाए रखना,
लहराता तिरंगा यूं ही उठाये रखना।
जान जाए तो जाये अब कोई गम नहीं,
देश पर कुर्बानियों का मातम ना कर,
मौत के बाद भी खुद को मुस्कराए रखना।।
न झुकने देना कभी इसके मान को,
न मिटने देना कभी इसकी शान को।
चाहे कुर्बान करनी पड़े जान को।।
अपने सीने से इसको लगाए रखना
ये तिरंगा यूं ही उठाये रखना।।
बनाना है हमें अब अपने हाथों क़िस्मत को,
हमें अपने वतन का बेड़ा पार करना है।
इन रंगों में बलिदानों का रंग तुम्हें मिल जायेगा,
ओढ़ तिरंगा निकलोगे जब अहसास तुम्हें हो जाएगा।
कितनों ने इसके खातिर खुद को सूली चढ़ा दिया,
यह इतिहास के पन्नों में पढ़ने को मिल जायेगा।।
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है।
काश मरने के बाद भी वतन के काम आता,
शहीदों के दुनिया में अपना भी नाम आता।
हंस के लुटा देते जान इस वतन के खातिर,
कोई फिक्र नहीं होती ग़र ऐसा मुकाम आता।।
हमसे हमारी अब हसरत ना पूछो, बाँध रखा सर पर तिरंगा कफ़न के लिए।।
हर देशभक्त की यही पहचान हो, सीने में आग और हाथ में तिरंगा हो।
वतन की मिट्टी हम सर झुकाकर सलाम करते,
इस पर कुर्बान हम हर अपनी सांस करते।
हम भी तिरे बेटे हैं ज़रा देख हमें भी,
ऐ ख़ाक-ए-वतन तुझ से शिकायत नहीं करते।
चाहे जान चली जाए तिरंगा न झुकने देंगे, इस देश की शान को हमेशा बनाए रखेंगे।
देशभक्तों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी, भारत माता की जय हर गली में गूंजेगी।
Best desh bhakti shayari
सौ जन्मों तक उनके अहसानों को भुला नहीं सकते,
हम सर कटा सकते हैं पर झुका नहीं सकते।
खींच दी हैं लकीरें जो अपने जिगर के लहू से,
लाख कोशिश कर लो पर इसे मिटा नहीं सकते।।
हर जर्रा कह रहा है, ये मिट्टी हमारी है, खुदा से भी प्यारी, ये धरती हमारी है।
दुख-सुख में हर हालत में भारत दिल का सहारा है,
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से प्यारा है।
जब भी देश पुकारेगा, हम तैयार खड़े होंगे, खून से भी मातृभूमि को सींचने को आगे बढ़ेंगे।
देशप्रेम की हर गाथा, प्रेरणा देती जाती है, शहीदों का लहू हमें भारत माता कहकर बुलाती है।
जो मिट गया वतन के लिए, वो अमर हो गया, शहीदों का लहू, तिरंगे की शान हो गया।
हम वो चिराग हैं, जो हर तूफान में जलेंगे, भारत मां की आन पर, हम हर बार मरेंगे।
सीमा पर जो खड़े हैं, उनका कर्ज चुकाएंगे कैसे? उनके बिना ये सवेरा हम पाएंगे कैसे?
दिल में बसी है भारत मां की सूरत, इस माटी में ही है मेरी जन्नत।
हमारी सांसों में है तिरंगे का रंग, मिट जाएं पर ना होगा कभी अपमान।
भारत के वीरों ने लिख दी कहानी, उनकी शहादत है हमारी निशानी।
नफरत मिटा कर देखो, वतन से प्यार करके देखो, हर दिल में भारत बसता है, महसूस करके देखो।
जो सैनिक है हमारे देश की शान, उन पर है हमें गर्व हर सुबह और शाम।
अब है तुम्हारा फर्ज इसे आगे लेकर जाना है,
इस झंडे को दुश्मन की छाती पर फहराना है।
राज तिलक और भगत गुरु ने लहू से अपने सींचा है,
तब जाकर हरा-भरा अपना आज बगीचा है ।।
देश का हर कोना बोले, जय हिंद का नारा, हर दिल गाए, वंदे मातरम दोबारा।
तिरंगा लहराते रहना चाहिए हर दम, ताकि हर कोई कहे, वंदे मातरम।
लहू मेरे जिगर का कुछ काम तो आया,
शहीदों में सही लवों पर नाम तो आया।
जाँ से प्यारा वतन इसकी शान के खातिर,
जब मरे तो इस दिल को आराम तो आया।।
Best Desh Bhakti Shayari in Hindi
देशभक्ति शायरी वह भावनात्मक लहर है जो हमारे दिलों में अपने देश के प्रति प्रेम और गर्व को प्रकट करती है। यह शायरी न केवल स्वतंत्रता संग्राम की गाथाएँ बयाँ करती है, बल्कि देश की संस्कृति, विविधता और अस्मिता के प्रति सम्मान और श्रद्धा को भी उजागर करती है।
शायरी की इस विधा में शब्दों के माध्यम से हम अपनी मातृभूमि के प्रति अपने अटूट प्रेम, निष्ठा और बलिदान की भावना को व्यक्त कर सकते हैं। चाहे वह राष्ट्रीय पर्व हो या कोई विशेष अवसर, देशभक्ति शायरी हर समय हमें अपने देश की महानता की याद दिलाती है और हमें एकजुटता की ओर प्रेरित करती है। इस लेख में, हम देशभक्ति शायरी की सुंदरता और कुछ शायरी प्रस्तुत करेंगे।
बेहतरीन देशभक्ति शायरी
जो अब तक ना खौला वो खून नहीं वो पानी हैं
जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं !
किसी भी बात पर होती शिकायत हो तो हो जाए।
जो ठाना है करेंगे हम हिमाकत हो तो हो जाए।।
न गद्दारी ना गद्दार अब मंजूर है हमको।
सलामत देश हो मेरा बगावत हो तो हो जाए।।
आन देश की, शान देश की, देश के हम संतान हैं।
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी यही पहचान है !
गूँज रहा है दुनिया में भारत का नगारा,
चमक रहा आसमान में हमारे देश का सितारा।
आज़ादी के दिन आओ मिलके करें आगाज,
बुलंदी पर लहराता रहे यह तिरंगा हमारा !
अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए तो मेरा भारत महान है !
आज सलाम है उन वीरों को,
जिनके कारण ये दिन आता है।
वो माँ भी खुशनसीब होती है,
बलिदान जिसके बच्चों का देश के काम आता है !
देशभक्तों से ही देश की शान है,
देशभक्तों से ही देश का मान है।
हम उस देश के फूल हैं यारों,
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है !
मर मिटेंगे हम अपने वतन के लिए,
जान कुर्बान है प्यारे चमन के लिए।
हमसे हमारी हसरत ना पूछा करो,
बाँध रखा है सर पर तिरंगा कफ़न के लिए !
चीर के बहा दूं लहू दुश्मन के सीने का,
यही तो मजा है फौजी होकर जीने का !
बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना।
लहूँ देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना !
ये जोश कभी कम नहीं होगा,
यह वीरों के बलिदानों से आया है।
कितनों वीरों ने लहू बहाया है
तब जाकर तिरंगा पाया है !
अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं !
तिरंगा है आन हमारी तिरंगा ही है शान हमारी,
तिरंगा रहे सदा ऊँचा, इसीसे है धरती महान हमारी !
वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे हैं,
मरेंगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं !
बलिदानों की ज्वाला जलाए रखना,
लहराता तिरंगा यूं ही उठाये रखना।
जान जाए तो जाये कोई गम नहीं,
देश पर कुर्बानियों का मातम ना कर,
मौत के बाद भी खुद को मुस्कराए रखना !
न पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान सिर्फ ये है कि हम हिन्दुस्तानी हैं !
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है।
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है !
मुझे न तन चाहिए, न धन चाहिए,
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए।
जब तक जिंदा रहूँ, इस मातृ-भूमि के लिए,
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये !
सरहद तुम्हें पुकारे तुम्हें आना ही होगा,
कर्ज अपनी मिट्टी का चुकाना ही होगा।
दे करके कुर्बानी अपने जिस्मो-जान की,
तुम्हें मिटना भी होगा मिटाना भी होगा !
Top Desh Bhakti Shayari in Hindi
लिख रहा हूँ मैं अंजाम कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा !
सलाम है तिरंगे को जिसमें मेरे देश की शान है,
ऊंचा रहेगा तिरंगा जब तक मेरे लहू में जान है !
जब आँख खुले तो धरती हिंदुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो धरती हिंदुस्तान की हो।
हम मर भी जाए तो कोई गम नहीं लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिंदुस्तान की हो !
खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा, रहने दो।
लाल हरे रंग में ना बांटों हमको,
मेरे छत पर बस एक तिरंगा रहने दो !
चाहे जान की बाजी लगा देंगे हम,
दुश्मनों को वतन से मिटा देंगे हम।
है कसम इस तिरंगे की वतन के लिए,
ये तिरंगा उनके सीने पर लहरा देंगे हम !
आजादी की कभी शाम ना होंगे देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे।
बची है लहू की ग़र एक बूँद भी रगों में,
तब तक भारत मां का आँचल नीलाम ना होने देंगे!
सींच दू खून से अगर इस चमन के काम आए,
काश मेरा लहू भी मेरे वतन के काम आए।
न जाने कौन सी घडी आख़िरी हो हमारी,
ये तन मन धन फिर वतन के काम आए !
भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मों से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं
भारत का वीर जवान हूँ मैं !
हिमालय से उंचा रहे सर हमने दिल में ठाना है,
रंग दो बसंती चोला मेरा हमको सरहद पर जाना है।
कोई नजर न इसकी ओर उतरे ऐसी पहरेदारी हो,
दुश्मन की छाती पर तिरंगा फिर से लहराना है !
आज के दिन उस मंज़र को याद करे,
शहीदो की देश भक्ति को याद करे।
जब मिली थी आजादी हमको खून के बदले,
आओ उन देश प्रेमियो को याद करें !
जाँ से प्यारा वतन है हमारा,
हम तो इसके पहरेदार रहेंगे।
सौ जनम भी लुटा दें इसके लिए,
तब भी हम इसके कर्जदार रहेंगे !
सुना है, कुछ मक्कार हमारी वीरता का सबूत मांगते हैं। ज़रा भेजो तो उन्हें सरहद पर, सिरफिरे खुद के लिए ताबूत माँगते हैं!
दुनिया में महकता हुआ चमन चाहता हूँ,
शान्ति उन्नति से भरा गगन चाहता हूँ।
जान जाए इसके खातिर कोई गम नहीं,
बाद मरने के बस तिरंगा कफ़न चाहता हूँ !
देखा जो शहीदों ने वो मंजर हैं तिरंगा,
हर धर्म से हर जात से ऊपर हैं तिरंगा।
मैं लोकतंत्र देश और मेरा नाम हैं भारत,
आजादी मेरी जान हैं, मेरा सर हैं तिरंगा !











