इतनी शक्ति हमें देना दाता - प्रार्थना का परिचय
यह कालजयी प्रार्थना 1986 में आई प्रसिद्ध हिंदी फिल्म '**अंकुश**' से ली गई है। इस गीत को अपनी गहरी और अर्थपूर्ण पंक्तियों के लिए देशभर के स्कूलों में '**प्रार्थना**' के रूप में अपनाया गया।
- **गीतकार (Lyricist):** इस गीत के रचयिता सुप्रसिद्ध कवि और गीतकार **अभिलाष (Abhilash)** हैं।
- **संगीतकार (Composer):** इसे **कुलदीप सिंह** ने संगीतबद्ध किया है।
- **स्वर (Singers):** इस मूल गीत को *सुषमा श्रेष्ठ* और *पुष्पा पागधरे* ने गाया है।
- **विशेषता:** यह गीत ईश्वर से कोई भौतिक सुख-सुविधा नहीं, बल्कि मन की शक्ति और नेक रास्ते पर चलने का साहस मांगता है।
इतनी शक्ति हमें देना दाता (पूर्ण गीत)
इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना। हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना॥
दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तू हमें ज्ञान की रोशनी दे। हर बुराई से बचते रहें हम, जितनी भी दे, भली जिंदगी दे। बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन में बदले की हो ना। हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना॥
हम न सोचें हमें क्या मिला है, हम ये सोचें किया क्या है अर्पण। फूल खुशियों के बाँटें सभी को, सबका जीवन ही बन जाए मधुबन। अपनी करुणा का जल तू बहा के, कर दे पावन हर एक मन का कोना। हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना॥
हम अंधेरे में हैं रोशनी दे, खो ना दे खुद को ही दुश्मनी में। हम सज़ा पाएँ अपने किए की, मौत भी हो तो सह लें खुशी से। कल जो गुज़रा है फिर से ना गुज़रे, आने वाला वो कल ऐसा हो ना। हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना॥
इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना।
Meaning of the Prayer
इस प्रार्थना का मूल भाव आत्मा की शुद्धि और ईश्वर से आंतरिक शक्ति की मांग करना है। इसमें कवि कहता है कि हे ईश्वर, हमें इतनी आत्मिक शक्ति देना कि जीवन के कठिन समय में भी हमारा स्वयं पर से और सच्चाई पर से विश्वास डगमगाए नहीं। हम हमेशा नेकी के रास्ते पर चलें और हमसे अनजाने में भी किसी का अहित न हो।
यह गीत हमें सिखाता है कि अज्ञानता के अंधेरे को ज्ञान की रोशनी से मिटाना चाहिए। हमें दूसरों के प्रति मन में बैर या बदले की भावना रखने के बजाय क्षमा और प्रेम को अपनाना चाहिए। प्रार्थना की पंक्तियाँ हमें निस्वार्थ बनने की प्रेरणा देती हैं—हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें दुनिया से क्या मिला, बल्कि यह सोचना चाहिए कि हमने दूसरों को क्या दिया है।
इसमें कर्मों की जिम्मेदारी लेने का भी गहरा संदेश है। यदि हमसे कोई गलती हो, तो हम उसकी सजा स्वीकार करने का साहस रखें। यह प्रार्थना हमें एक ऐसा भविष्य बनाने की प्रेरणा देती है जो बीते हुए कल की बुराइयों से मुक्त हो और जहाँ हर मन पावन और निर्मल हो।
निष्कर्ष (Conclusion)
अंततः, 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' केवल एक फिल्मी गीत या स्कूली प्रार्थना नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची शांति और मानवता तभी संभव है जब हम अपने भीतर के विश्वास को जीवित रखें और हर परिस्थिति में नैतिकता का साथ न छोड़ें। यह प्रार्थना आज के तनावपूर्ण समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है और हमें एक बेहतर इंसान बनने की राह दिखाती है।











