BEST LOVE SHAYARI FOR COUPLE
Love is a beautiful feeling that unites two hearts and makes a relationship special. When we can't express our love in words, love shayari for couples becomes a powerful way to express our emotions.In this post, we bring you 250+ of the best love shayari, especially for couples. These shayari are romantic, cute, and full of deep love, which you can send to your partner to express your love. So, let’s make your love even more special with these beautiful words! ❤️✨
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है। और वो भी सारा का सारा कैसे हो सकता है।। अगर तुझसे मिलकर भी उदासी कम नहीं होती। तो फिर तेरे बगैर गुजारा कैसे हो सकता है।।
चांदनी रात में बरसात बुरी लगती है, जब दिल में दर्द हो तो हर बात बुरी लगती है। तुम हमसे ना मिलो तो कोई बात नहीं, पर गैरों से तुम्हारी मुलाकात बुरी लगती है।।
आंखों को इंतजार की सौगात सौंपकर, मोहब्बत आराम से जाकर खुद कहीं सो जाती है। जिस्म करवट बदलता है रात भर अकेला, रूह तेरी गलियों की बंजारन हो जाती है।।
साड़ी के पल्लू को कमर में, यू न सरेआम दबाया कर। कमर का तो पता नही… दिल हमारा लचक जाता हैं।।
कभी लफ्ज़ भूल जाऊं कभी बात भूल जाऊं, तूझे इस कदर चाहूँ कि दिन रात भूल जाऊं। कभी उठ के तेरे पास से जो मैं चल दूँ, जाते हुए खुद को तेरे पास भूल जाऊं।।
एक सपने की तरह तुझे सजा के रखूं, चाँदनी रात की नजरों से छुपा के रखूं। मेरी तक़दीर में तेरा साथ नहीं है वरना, सारी उम्र तुझे अपना बना के रखूँ।।
गम में ख़ुशी की वजह बनी है मोहब्बत, दर्द में यादों की वजह बनी है मोहब्बत। जब कुछ भी ना रहा था अच्छा इस दुनिया में, तब हमारे जीने की वजह बनी है यह मोहब्बत।।
तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है, एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है, यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर। मगर सोते-सोते जागना और, जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।।
तेरे बगैर तो कुछ अच्छा लगता नहीं, सब कुछ पड़ा है सामने पर ये दिल लगता नहीं। कहां जाऊ क्या करू, मुझे तुम बिन अच्छा लगता नहीं।।
मुझे बाँहों में बिखर जाने दो, अपनी साँसों से महक जाने दो। मेरा दिल मचलता है और सांस रूकती है, अब तो अपने रूह को मुझे छू लेने दो।।
तोड़ दूँ सारी बंदिशे और, तुझसे लिपट जाऊं। सुन लूँ तेरी धड़कनों को, और तेरी बाँहों में लिपट जाऊं, छू लूँ मेरी सांसो से तेरी सांसो को , तेरी हर साँस में घुल जाऊं । तेरे दिल में उतर कर, तेरी रूह में मिल जाऊं।।
दिल तेरी हसरतों से खफा कैसे हो। तुझको भूल जाने की खता कैसे हो।। रूह बनकर समा गए हो मुझमे तुम। रूह फिर जिस्म से जुड़ा कैसे हो।।
तेरा नाम ही क्यों ये दिल रटता है, क्यों ये दिल सिर्फ तुझपे ही मरता है। ना जाने कितना नशा है तेरे इश्क़ में, अब तो तेरी याद में ही ये दिन कटता है।।
राहत भी अपनों से मिलती है, और चाहत भी अपनों से मिलती है। अपनों से कभी न रूठना, क्योंकि मुस्कराहट भी अपनों से मिलती है।।
शब्दों में क्या तारीफ करूं आपकी, आप शब्दों में कहाँ बंध पायेंगे। हमारी आँखों में झांक कर तो देखो, हज़ारों अल्फ़ाज़ खुद-ब-खुद बिखर जायेंगे।।
मेरे ख्वाबों में डूबी रहती है हर रात मेरी। तेरे ख्यालों से होती है हर सुबह की शुरुआत मेरी।। इस कदर बस गये हो मेरी रग रग में तुम कि; मेरे हर लफ्ज़ में होती है बस बात तेरी।।
क्यों मेरी साँसों की झंकार में तुम ही बसते हो, क्यों मेरी सुरमई यादों में तुम ही संवरते हो। ना जाने कैसा रिश्ता है मेरा और तुम्हारा, दिल में धड़कन बनकर, बस तुम ही धड़कते हो।।
उसने पूछा कहाँ से लाते हो ये खूबसूरत अल्फ़ाज़। मैंने भी तो हंसकर कह दिया, लिखना आ ही जाता है तुझे देखने के बाद।।
काश मेरी यादों में तुम कुछ ऐसे उलझ जाओ, यहाँ में तुम्हारे बारे में सोंचु और वहाँ तुम समझ जाओ।
हकीकत की भीड़ में कुछ गुमशुदा सपने ढूंढ रहे है। आज कल हम अपनों में कुछ अपने ढूंढ रहे है।।
किस खत में लिख कर भेजूं अपने इंतज़ार को तुझे। बेजुबान है इश्क़ मेरा और ढूंढता है ख़ामोशी से तुझे।।
पाया ही नहीं कभी तुझको, फिर भी खोने से ना जाने क्यों डर लगता है।
लाख दूरियां सही इस दरमियान, तेरे एहसास से मोहब्बत करते है।।
अपनी साँसों में महकता पाया तुझे, हर ख्वाब में हमने बुलाया तुझे। क्यों ना करें याद तुझ को जब खुदा ने हमारे लिए बनाया तुझे।।
दूरिया बहुत है पर इतना समझ लो, पास रहकर भी कोई रिश्ता ख़ास नहीं होता। तुम दिल के पास इतने हो कि, दूरियों का एहसास नहीं होता।।
ये बेकरारी ये कसक ये जुनून इश्क़ है। वो तेरी बाँहों का सुकून इश्क़ है।। वो मेरा मिलने को तरसना इश्क़ है। और तेरा खुल के बरसना इश्क़ है।।
वो सजदा ही क्या, जिसमें सर उठाने का होश रहे। इम्तेहान ऐ इश्क़ तो अब हो रहा है, जब आप खामोश रहे, और हम बेचैन रहें।।
बारिश की बूँदें हमें भिगोने लगी है। दिल में यादों का हार पिरोने लगी हैं।। सताती है हर पल तुम्हारी ही कमी। तुम्हारे दिल की धड़कन अब महसूस होने लगी है।।
अपना बना के हमें बाँहों में भर लो। कभी न हो जुदा ये वादा कर लो।। बिखर जायेंगे तुमसे दूर रहकर हम। कल का किसे पता, आज कुछ बातें कर लो।।
जो मोहब्बत तुम्हारे दिल में है, उसे जुबान पर लाओ। और बयां कर दो आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ।। हम बस सुने ऐसे बेजुबान कर दो।।
मैं वक़्त बन जाऊं तू बन जाना कोई लम्हा। मैं तुझमें गुजर जाऊं तुम मुझमें गुजर जाना।।
दिल की धड़कन और मेरी सदा है तूं। मेरी पहली और आखरी वफ़ा है तूं। चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़कर, मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।।
तुझको जान से भी प्यारा बना लिया, दिल का सुकून और आँखों का तारा बना लिया। अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्जी, हमने तो तुम्हे जिंदगी का सहारा बना लिया।।
आपने नज़र से नज़र कब मिला दी, हमारी जिंदगी झूम कर मुस्कुरा दी। जुबां से तो हम कुछ भी ना कह सके, पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी।।
निगाहों से दिल पे तेरा पैगाम लिख दूं। मोहब्बत वफ़ा का अंजाम लिख दू।। तुम चले आओ मेरे लबो पे सरगम बनके, मैं अपनी धड़कन क्या सातों जनम तेरे नाम कर दूं।।
ढाई अक्षर की बात कहने में, कितनी तकलीफ उठा रखी है। तूने आँखों में छुपा रखी है, मैंने होठों में दबा रखी है।
निगाहों से दिल पे तेरा पैगाम लिख दूं, मोहब्बत वफ़ा का अंजाम लिख दूं। तुम चले आओ मेरे लबो पे सरगम बनके, मैं अपनी धड़कन क्या सातों जन्म तेरे नाम कर दूं।
मिले जो आप तो कुछ खास मिला हमें। तन्हा जिंदगी में एक खूबसूरत साथ मिला हमें।। जिस प्यार की होती है, सबको जिंदगी में चाहत। बस वही प्यार का एहसास मिला हमें।।
छू जाते हो तुम मुझे, कितनी ही दफा ख्वाब बनकर। दुनिया तो खामखां कहती है, कि तुम मेरे नसीब में नहीं।।
वो पल में बीते साल लिखूं या सदियों लम्बी रात लिखूं। मैं तुमको अपने पास लिखूं या दूरी का एहसास लिखूं।।
तुमसे दुरी का एहसास सताने लगा, तेरे साथ गुज़रा हर पल याद आने लगा। जब भी कोशिश की तुझे भूलने की, तू और ज्यादा दिल के करीब आने लगा।।
इन मदहोश निगाहों में, इश्क़ की चाहत उभर आयी है। मोहब्बत तो छुपा लूँ दिल में, पर ये आँखे तो हरजाई है।।
याद रहेगा ये दौर भी हमको उम्र भर के लिए। कितना तरसे है जिंदगी में एक सख्स के लिए।।
छू लूँ तुझे या तुझमे बस जाऊँ। लफ्ज़ लिखू या खामोश हो जाऊँ।। करूं इश्क़ या करूँ मोहब्बत, थोड़ा सा तो दिखा प्यार; जिससे मैं तुझमे ही बस जाऊं।।
दिल चाहता है आज फिर एक पैगाम दे दूँ। मरते दम तक तुझे चाहने की जुबान दे दूँ।। ना कोई हसरत रखूं ना रखूँ कोई आरज़ू। बस तेरी ख़ामोशी को वफ़ा का नाम दे दूँ।।
चलो अपनी चाहतें नीलाम करते हैं। मोहब्बत का सौदा सरेआम करते हैं।। तुम अपना साथ हमारे नाम कर दो। हम अपनी जिन्दगी तुम्हारे नाम करते हैं।।
मेरी गलियों में आने जाने से। दुश्मनी हो गई तुम्हारी जमाने से।। सखियां दीदार दे रही हैं। मिलने आ जाओ किसी बहाने से।।
अजनबी हो आप फिर भी दिल लगा बैठे। मोहब्बत के बावजूद भी नाराज़गी जता बैठे।। आप हमारे कभी नहीं हो सकते, फिर भी आपको दिल में बसा बैठे।।
हमें ये दिल हारने की बिमारी ना होती; अगर आपकी यह दिल जीतने की अदा, इतनी प्यारी ना होती।।
जीने के लिए तेरा एक अरमान ही काफी है। दिल की कलम से लिखी ये दास्तान ही काफी है। तीर व तलवार की तुझे क्या जरूरत है ये हसीना! कत्ल करने के लिए तेरी मुस्कान ही काफी है।।
चाँद निकलेगा तो लोग दुआ मांगेंगे, हम भी अपने मुकद्दर का लिखा मांगेंगे। हम तलबगार नहीं दुनियाँ के दौलत के, हम रब से सिर्फ आपकी वफ़ा मांगेंगे।।
बहुत ही अच्छे निशानेबाज हो तुम, ठीक निशाने पर तुमने तीर मारा है। दुनिया से हर बाजी जीतने वाले, आज सिर्फ तुमसे अपना दिल हारा है।।
गुजर रहे जो पल मेरे, सहेजता वो कौन है, सुगन्ध के प्रेम को विखेर गया वो कौन है। छुपा के सबसे जो रखा, गुलाब वो किताब में, महक रहा है तन बदन, हवा बता वो कौन है।।
मिला है सबकुछ तो फ़रियाद क्या करें, दिल हो परेशान तो ज़ज़्बात क्या करें। तुम सोचते होंगे की आज याद किया नहीं, कभी भूले ही नहीं तो याद क्या करें।।
खिलाड़ी हम भी है बेहतर जनाब, बस दिल से खेलने का हुनर नहीं आता। नफरत नाराज़गी से शिकायत नहीं, बस मोहब्बत में हमें मिलावट नहीं भाता।।
वक़्त भर देता है जख्मों को ये माना यारो, वक़्त से तेज़ मगर प्यार असर करता है। हमसफ़र साथ जहां जख्म का मरहम लेकर, जख्म ऐसे में कहाँ देर बसर करता है।।
कुछ लोग किस्मत की तरह होते है, जो केवल दुआ से मिलते है। और कुछ लोग दुआ की तरह होते हैं, जो किस्मत बदल देते हैं।।
लिख बैठे तकदीर तुम्हें अब और ग़ज़ल फिर क्या देखें, तुम बसने लगी निगाहों में तस्वीर कोई हम क्या देखें। साँसों में नाम तुम्हारा है धड़कन की तरफ हम क्या देखें, बेचैन न कर इतना हमको बिन तेरे जिंदगी क्या देखें।।
दिल की हसरत जुबां पे आने लगी, तूने देखा और जिन्दगी मुस्कुराने लगी। ये इम्तेहान थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत में तेरी सूरत नज़र आने लगी।।
इश्क़ वही है जो एकतरफ हो, इज़हारे इश्क़ तो ख्वाहिश बन जाती है। है अगर इश्क़ तो आँखों में देखो, जुबां खोलने पे ये नुमाईश बन जाती है।।
आज फिर यादों ने दस्तक दी, और जेहन में उसका चेहरा छा गया। कुछ बीते लम्हे छू गए फिर से, और जुबां पे उसका नाम आ गया।।
आपकी याद ही मेरी जान है, शायद इस हक़ीक़त से आप अनजान हैं। मुझे खुद नहीं पता की मैं कौन हूँ, आपका प्यार ही मेरी पहचान है।।
हर रात को तुम इतना याद आते हो, हम भूल गए है कि ये रातें ख्वाबों के लिए होती है; या तुम्हारी यादों के लिए !
आज फिर दिल की आरज़ू है, एक हँसीन गुनाह करने की। तेरी नज़रों से नज़रे मिला कर, मोहब्बत बेपनाह करने की।।
तन्हाई में मुस्कुराना भी इश्क़ है, इस बात को छुपाना भी इश्क़ है। यूँ तो रातों को नींद नहीं आती हमें, पर रातों में सोकर जाग जाना भी इश्क़ है।
प्यार करे तो हमेशा मुस्कुरा कर, किसी को धोखा न दे अपना बना कर। कर लो याद जब तक हम जिन्दा हैं, फिर ना कहना चले गए दिल में यादें बसा कर।।
चाहता है तुमसे इश्क़ भरी बातें हों, चाँद तारे हों लम्बी रातें हों। एहसास हो और तुम्हारा साथ हो, यही सिलसिला तमाम रात तुम्हारे साथ हो।।
मेरी हर अदा का आइना तुझसे है, मेरी हर एक मंज़िल का रास्ता तुझसे है। कभी दूर ना होना मेरी जिंदगी से, मेरी हर ख़ुशी का वास्ता तुझसे है।।
तुम्हें देखते ही ये दिल बेकरार होने लगता है, तेरी चाहत पर मुझे इक़रार होने लगता है।। ना चाहो हमें इतना चाहतों से डर लगता है। ना आओ इतने करीब जुदाई से डर लगता है।
मोहब्बत भरी नज़रो में ख्वाब मिलेंगे, कहीं कांटे तो कहीं गुलाब मिलेंगे। मेरे दिल की किताब पढ़के तो देखो। कही आपकी याद तो कहीं खुद आप मिलेंगे।।
मैं तुम्हे कभी पूरा लिखू कभी अधूरा लिखूं, मैं रातो में बैठकर तुम्हें सवेरा लिखूं। मैं जब भी लिखूं बस इतना लिखूं , मुझे तेरा और तुझे मेरा लिखू।।
महक उठते है अल्फ़ाज़ तुम्हें ख्वाबो में सोच कर। दिल के एहसास में डूबी एक प्यारी सी नज़्म हो तुम।।
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है। खामोशियों की आदत सी अब हो गयी है।।
ना सुबह की ख्वाहिश ना शाम की चाहत है, बस तुम जिस पहर मिलो; हमे तो बस उस पहर से मोहब्बत है।
नहीं है ख्वाहिश की इस जहाँ या उस जहाँ में पनाह मिले, बस इतना करम कर ऐ खुदा कोई ऐसा; मिलें जिससे प्यार बेपनाह मिले।।
दिल का एहसास जानना हो तो प्यार करके देखो, अपनी आँखों में किसी को उतार कर तो देखो। चोट उन्हें लगेगी दर्द तुम्हें होगा, जरा अपना दिल एक बार लगा के तो देखो।।
करीब इतना रहो कि रिश्तों में प्यार रहे, दूर भी इतना ही रहो कि आने का इंतज़ार रहे। रखो उम्मीद रिश्तो के दरमियान इतनी कि, टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरकरार रहें।
महफूज़ है मोहब्बत तुम्हारी मेरा अल्फाज़ो में, नहीं हर रोज़ तुम्हें लफ्ज़ों में उतारा करते हैं।।
लहरों की रवानी हूँ मैं, तू मेरा किनारा बन जा। एक अनकही सी कहानी मैं, तू मेरा इशारा बन जा।। कुछ पल की ये जिंदगी कहीं ऐसे न बीत जाए। अब और ना चल सकेंगे तू मेरा सहारा बन जा।।
इश्क़ में बढ़ रही है बेचैनियां, थोड़ी सी शरारत करने दो। छुपा के रख लो अपने दिल में, या फिर मोहब्बत बेसुमार करने दो।।
तड़प के देखो किसी की चाहत में, तो पता चले इंतज़ार क्या होता है। मिल जाये अगर कोई बिना तड़पे, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है।।
मैंने कब कहा कि मुझे गुलाब दे, या फिर मुझे मोहब्बत से नवाज़ दे। पर आज बहुत उदास है दिल मेरा, गैर बनकर ही सही मुझे आवाज़ दे।।
इश्क़ ने हमे बेनाम कर दिया, हर ख़ुशी से हमे अंजान कर दिया। हमने तो कभी नहीं चाहा कि हमे भी मोहब्बत हो, लेकिन आपकी एक नज़र ने हमें गुलाम कर दिया।।
सिर्फ इशारों में होती मोहब्बत अगर, इन अल्फाज़ो को खूबसूरती कौन देता। बस पत्थर बनकर रह जाता ताजमहल, अगर इश्क़ इसे अपनी पहचान ना देता।।
रूह वही रहती है, ठिकाना बदल जाता है। इश्क़ नहीं बदलता, ये जमाना बदल जाता है।।
आँचल में सजा लेना कलियाँ, जुल्फों में सितारे भर लेना। ऐसे में कभी जब शाम ढले, तुम याद हमें भी कर लेना।।
सच कहूँ तो जब तक आपसे बात नहीं होती, मेरे दिन की शुरुआत नहीं होती। जिंदगी में कभी हमसे खफा मत होना, आपके बिना इस चेहरे पर मुस्कराहट नहीं होती।।
ख़फ़ा भी करते हैं वफ़ा भी करते हैं। अपने प्यार को वो नज़रों से बयां भी करते हैं। ना जाने कैसी नाराज़गी है उनकी हमसे, हमें खोना भी चाहते है और पाने की दुआ भी करते हैं।।
दिल तेरी हसरतों से ख़फ़ा कैसे हो। तुझको भूल जाने की खता कैसे हो।। रूह बनकर समां गए हो मुझमें तुम। रूह फिर जिस्म से जुदा कैसे हो।।
सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है, और सिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है। हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है, और एक वो है जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।।
बिन तेरे जीने में क्या रखा है, अब खोने को कुछ बाकि नहीं रखा है। जिन्दा हूँ सिर्फ तुझे पाने के लिए, वरना जहर पीने में क्या रखा है।।
जब खामोश आँखों से बात होती है, ऐसे ही मोहब्बत की शरुवात होती है। तुम्हारे ही खयालों में खोयी रहती हूँ, पता नहीं कब दिन कब रात होती है।।
मन करता है तुझे नज़रों में बसा लूँ। औरो की नज़रों से तुझे बचा लूँ।। चुरा ना ले तुझे मुझसे कोई, आ तुझे अपनी धड़कनों में छुपा लूँ।।
बस यही फर्क है हम दोनों में, वो हमें फुर्सत में याद करते हैं। और हमें उनकी यादों से फुर्सत नहीं।
फिर चाँद खिला फिर रात थमी, फिर दिल ने कहा तेरी कमी है। फिर यादों के झोखे महक गए, फिर पागल अरमां बहक गए। फिर जन्नत सी लगे ये जमीं, फिर दिल ने कहाँ तेरी कमी है।।
मिले जो आप कुछ ख़ास मिला हमें, तनहा जिंदगी में एक खूबसूरत साथ मिला हमें। जिस प्यार की होती है इस जिंदगी में सबको चाहत, बस वही प्यार का एहसास मिला हमें।।
करो वादा दोस्ती आप भी निभाओगे, बिन पुकारे ही चले आओगे। दिल में महसूस करना हमें भी, तुम अपने आस पास हमें ही कहीं पाओगे।।
मोहब्बत की इन्तेहाँ न पूछिये, इस प्यार की वजह ना पूछिये। हर सांस में समाये रहते हो, कहाँ बसे हो तुम जगह ना पूछिए।।
वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं, वो मोहब्बत ही क्या जिसमे यादें नहीं। वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं, वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नहीं।।
तुम नहीं पास हो मगर तन्हा रात वही है। वही है चाहत, यादों की बारात वही है। हर ख़ुशी भी दूर है मेरे आशियाने से, खामोश लम्हो में दर्दे हालात वही है।।
तेरी चाहत में हम जमाना भूल गये, किसी और को हम अपनाना भूल गए। तुमसे मोहब्बत है सारे जहान को बताया, बस एक तुझे ही बताना भूल गए।।
आँखों की गहराई को हम समझ नहीं सकते, होठो से हम कुछ कह नहीं सकते। कैसे बयां करें हम आपको ये दिल-ऐ-हाल, कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।।
इंतज़ार रहता है तुम्हारा, कभी सबर से तो कभी बेसब्री से।
किरायेदार नहीं है हम, हिस्सेदार है तुम्हारी मोहब्बत के।।
हिम्मत इतनी तो नहीं मुझमे, कि तुझे दुनियाँ से छीन लूँ। लेकिन मेरे दिल से कोई तुझे निकाले, इतना हक़ तो मैंने खुद को भी नहीं दिया।।
तेरे ख्वाबों का भी है शौक, तेरी यादों में भी है मज़ा। अब सोकर दीदार करूं, या जागकर तुम्हें याद करुँ। मन करता है तुम्हें नज़रों में बसा लूँ। औरो की नज़रों से तुझे बचा लूँ।। चुरा न ले कोई मुझसे तुझको। आ तुझे अपनी धड़कनों में छुपा लूँ।।
मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता हूँ, आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता हूँ। सुना है मुझे बहुत चाहती है वो मगर, मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता हूँ।।
सुना है उनको सूखन के उसूल आते हैं। कमाल है उनकी तो बातों से फूल आते हैं।। सुना है उनके पढ़ाने में है मिठास ऐसी। बुखार हो भी तो बच्चे स्कूल आते हैं।।
माना की आपका वक़्त है कीमती, कभी दो पल हमें भी याद कर लीजिये। माना कि अनमोल तो हम बहुत कम हैं, फिर भी हमारी कभी कभी फरियाद कर लीजिये।।
मोहब्बत से करो आगाज़ तो, अजनबी भी करीब आते है, मोहब्बत है एक रूहानी मंज़िल, जहाँ फरिश्ते भी सर झुकाते हैं।
वो सजदा ही क्या जिसमें सर उठाने का होश रहे, इज़हारे इश्क़ का मज़ा तो तब है, जब मैं खामोश रहूं और तूं बेचैन रहे।
मेरी आँखों में झाकने से पहले, जरा सोच लीजिये ऐ हुज़ूर। जो हमने पलकें झुका ली तो क़यामत होगी, और हमनें नज़रें मिला ली तो मोहब्बत होगी।
तरसती निगाहों ने आपको हर पल ऐसे माँगा, जैसे हर अमावश में चाँद माँगा। रूठ गया वो खुदा भी हमसे, जब हमने हर दुआ में आपको माँगा।।
महक उठती है मेरी हर सुबह, एक तेरे एहसास से। अगर इसको इश्क़ कहते है तो, मुझे इश्क़ है इस एहसास से।।
जिंदगी की हर तमन्ना हो पूरी, आपकी कोई आरज़ू ना रहे अधूरी। करते हैं हाथ जोड़ के माँ दुर्गा से विनती। आपकी हो हर मनोकामना पूरी।
इश्क़ में बढ़ रही है बेचैनियां, थोड़ी सी शरारत करने दो। छुपा के रख लो अपने दिल में, या फिर मोहब्बत बेशुमार करने दो।।
सुनो !! मुझे कुछ नहीं चाहिए तुमसे, बस कभी रो दूं तो तुम्हारा रुमाल, परेशांन रहूं तो तुम्हारा ख्याल।
काश जिंदगी इतनी आसान होती, मैं सपना और तुम एक उड़ान होती। मैं ढूंढता अगर मंज़िल अपनी, तुम मेरा आखिरी निशान होती।।
इन झील सी आँखों में क्यों काजल लगा लिया, हसीन रेशमी जुल्फों को क्यों बादल बना दिया। हम तो दीवाने हो गए थे आपके, चाँद सा चेहरा दिखा के क्यों पागल बना दिया।।
एक बार मोहब्बत भी जरुरी है जिंदगी में। जिंदगी को समझना आसान हो जाता है।।
ख़ुशी, दर्द, तन्हाई, बेकरारी, इंतज़ार, जो हर चीज़ की अहमियत बता दे वही है प्यार।।
तड़प रही है मेरी साँसे तुम्हें महसूस करने को, रूबरू हो दीदार की रस्म पूरी करो तो बात बने।
बेपनाह मोहब्बत तुमसे तो पनाह होने से क्या डरना, तेरी चाहत में कुर्बान हुए तो फ़ना होने से क्या डरना। इश्क़ किया तुमसे तो हद से गुज़रने से क्या डरना।।
रख सको तो एक निशानी हैं हम, भूल जाओ तो एक कहानी हैं हम। ख़ुशी की धुप हो या गम के बादल, दोनों में जो बरसे जो, वो पानी हैं हम।।
नहीं है आरजू किसी को भुलायें हम, न तमन्ना किसी को रुलायें हम। बस दुआ रहे ऊपर वाले से इतनी कि, आपको जितना याद करते है, उतना ही आपको याद आयें हम।
भले ही मत पकड़ो हाथ मेरा, बस साथ तुम चलते रहो। जिंदगी सांस बस लेती रहे, तुम बन कर हवा बहते रहो।।
तुम ख़ास ही नहीं कि हर सांस में हो रूबरू, नहीं पर हर एक एहसास में हो। मिलोगे पता नहीं पर हर तलाश में हो, तलाश पूरी हो न हो पर हर आस में हो।।
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो, दिल मेरा था और धड़क रहा था वो। प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है, आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।।
खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है, तन्हाईयों में भी एक गहरा राज़ है। मिलते नहीं सबको अच्छे दोस्त, यहाँ आप जो मिले हो तो हमें खुद पर नाज़ है।।
खुशबू बनकर तेरी साँसों में समां जायेंगे, सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे। महसूस करने की कोशिश तो कीजिये, दूर रहते हुए भी पास नज़र आएंगे।।
फिर आज कोई ग़ज़ल तेरे नाम न हो जाये, कहीं लिखते लिखते शाम न हो जाये। जो कर रहे हैं इंतज़ार तेरी मोहब्बत का, इसी इंतज़ार में जिन्दगी तमाम न हो जाये।।
ये माना की बड़े ही बदनाम हैं हम, कर जाते हैं शरारत क्योकि इंसान हैं हम। लगाया ना करिये हमारी बातों को, दिल से आपको तो पता है कितने नादान हैं हम।।
खुशबू बनकर तेरी साँसों में समां जायेंगे, सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे। महसूस करने की कोशिश तो कीजिये, दूर रहते हुए भी पास नज़र आएंगे।।
यादें रूकती नहीं रोक पाने से, दिल मानता नहीं किसी के समझाने से। रुक जाती है धड़कने आपको भूल जाने से, इसलिए आपको याद करते है जीने के बहाने से।।
मोहब्बत और मयकशी में हिसाब नहीं देखे जाते, हों जहां दिल के नाते तो वहाँ, अदब ओ आदाब नहीं देखे जाते।।
इश्क़ को आग होने दीजिये, फिर दिल को राख होने दीजिये। तब जा के पकेगी बेपनाह मोहब्बत जो भी हो रहा है बेहिसाब होने दीजिये।।
महफ़िलों का शौक हो जिन्हें, किसी की तन्हाई का दर्द क्या जानेगे। घुंघरूओं का शौक हो जिन्हें, वो पायल का मर्म क्या जानेंगे।।
गुलशन की बहारों पे सर-ए-शाम लिखा है। फिर उसने किताबो पे तेरा नाम लिखा है।। ये दर्द इसी तरह मेरी दुनियाँ में रहेगा, कुछ सोच के उसने मेरा अंजाम लिखा है।।
देखि है हज़ारो महफ़िल, पर ये फ़िज़ा कुछ और है। देखे हैं हज़ारो जलवे, पर तेरी अदा कुछ और है।। यूँ तो बहुत देखी है, गहराई समुन्द्र की मैंने। पर तेरी आँखों में डूबने का मज़ा ही कुछ और है।।
एक अनाम सा रिश्ता है तुम्हारे और मेरे बीच, शब्दों की सीमा में जिसे बांधा नहीं जा सकता।
चाँद के लिए सितारें अनेक हैं, लेकिन सितारों के लिए चाँद एक है। आपके लिए हज़ारों होंगे, लेकिन हमारे लिए आप ही एक है।।
बस एक बार तेरे रूबरू होने की तमन्ना है, तुमसे कुछ कहने और कुछ सुनने की तमन्ना है। तेरी निगाहों से दूर बहुत दूर रह लिए हम, कुछ पल अब तेरी पनाहों में रहने की तमन्ना है।।
सुख दुःख में हम तुम हर पल साथ निभाएंगे, एक नहीं सातो जन्म पति-पत्नी बनकर आएंगे।
वो दिल ही क्या जो वफ़ा न करे, तुझे भूल के जिए कभी खुदा न करे। रहेगी तेरी मोहब्बत मेरी जिंदगी बनके, वो बात और है अगर जिंदगी बेवफ़ा न करे।।
मंज़िल भी तुम हो तलाश भी तुम हो, उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो। इश्क़ भी तुम हो जुनूँन भी तुम हो, एहसास तुम के साथ साथ प्यास भी तुम हो।।
माना साँसों के लिए हवा, दिल के लिए धड़कन जरुरी है। ये दोनों यूँ ही चलती रहे, इसके लिए तेरा होना जरुरी है।।
आज फिर यादों ने दस्तक दी, और जहन में उसका चेहरा छा गया। कुछ बीते लम्हें छू गए फिर से और आज उसका नाम आ गया।।
तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा, तेरे ख्यालों में हमने सितारों को देखा। हमें पसंद था बस तेरा दीदार, वरना इन आँखों ने हज़ारों को देखा।।
फूलों की हसीं तो एक गुलाब है। पढ़ने के लिए जरुरी तो एक किताब है।। इस दुनियाँ में हर सवाल का जवाब है। जब भी कोई हमारे बारे में पूछे, तो कहना वो सच में लाजवाब है।।
आज फिर यादों ने दस्तकत दी, और जहन में उसका चेहरा छा गया। कुछ बीते लम्हें छू गए फिर से, और जुबां पे उसका नाम आ गया।।
ऐसा कोई जिंदगी से वादा तो नहीं था, तेरे बिना जीने का इरादा तो नहीं था। कहाँ टूटी डोर मेरा ख्वाबों की कि ख्वाब से जागेंगे सोचा तो नहीं था।।
कोई हमारी तरह चाहे तो बता देना, कोई हमारी तरह सताये तो बता देना। मोहब्बत तो कर लेगा कोई भी आपसे, कोई हमारी तरह निभाये तो बता देना।।
लफ्ज़ों की तरह वो मुझे किताबों में मिला, बन के महक मुझको वो गुलाबो में मिला।। पर जब भी मुझको उसकी याद आयी। वो बन कर आँसू बस मेरी आँखों में मिला।।
तुम दिल से दूर हो और पास भी, तुम लवों की हँसी हो, और आँसू भी। तुम दिल का सुकून हो, और बेचैनी भी, तुम हमारी अमानत हो, और एक सपना भी।।
तू चाँद मैं सितारा होता, आसमान में एक आशियाँ हमारा होता। लोग तुझे दूर से देखा करते और, सिर्फ पास रहने का हक़ हमारा होता।।
इश्क़ ऐसा करो की धड़कनों में बस जाये, सांस भी लो तो खुशबू उसी की आये। प्यार का नशा आँखों पे छा जाये, बात कुछ भी ना हो पर नाम उसी का आये।।
आग के पास कभी मोम लाकर देखूँ, हो .. इज़ाज़त.. तो तुझे हाथ लगाकर देखूं। कभी चुपके से चला आऊँ तेरी ख़लवत में, और तुझे तेरी निगाहों से बचाकर देखूं।।
ये मोहब्बत जो तुम्हारे दिल में है, उसे जुबां पे लाओ और बयां कर दो। आज तुम कहो और कहते ही जाओ, हम बस सुने ऐसे बेजुबां कर दो।।
कशिश आपकी चाहत की, हम बेहद शिद्दत से महसूस करने लगे हैं। इंतेहा दूरियाँ है हम दोनों में फिर भी, हर लम्हा हम आपके पास महसूस करने लगे हैं।।
हर ख्याल से पहले तेरा ख्याल आता है, ख्याल अब मुझमें कुछ कमाल लाता है। सोचता हूं जब भी जरुरत से ज्यादा तुम्हें, खुदा कसम जिंदगी में कुछ हसीं बवाल आता है।।
बिन बादल बरसात नहीं होती, सूरज डूबे बिना रात नहीं होती। अब कुछ ऐसे हालात है हमारे की, आपको देखे बगैर दिन की शुरुआत नहीं होती।।
आपकी धड़कन से रिश्ता है हमारा, आपकी सांसो से नाता है हमारा। भूलकर भी कभी भूल ना जाना, आपकी यादों के सहारे जीवन है हमारा।।
मोहब्बत में नशा तेरे इंतज़ार का है, दिल में नशा तेरे दीदार का है। होश में न ला, मुझे मदहोश ही रहने दे, मेरी इन आँखों में नशा तो तेरे प्यार का है।।
अरमानों की गिनती तो मुझे भी आती है, पर दिल का एक ख्याल आपसे कह दूँ। अगर पानी की हर बूँद प्रेम बन जाये, तो तोहफे में आपको सारा समंदर दे दूँ ?
इस दिल को अगर तेरा एहसास नहीं होता, तू दूर भी रहकर यूँ पास नहीं होता। इस दिल ने तेरी चाहत कुछ ऐसे बसा ली है, एक लम्हा भी तुझ बिन कुछ ख़ास नहीं होता ।।
टुटा हुआ फूल खुश्बू दे जाता है, बीता हुआ पल यादें दे जाता है। हर शख्स का अपना अपना अंदाज़ होता है, कोई जिंदगी में प्यार तो कोई प्यार में जिंदगी दे जाता है।।
दीवाना हर शख्स को बना देता है इश्क़, सैर जन्नत की यहीं करा देता है इश्क़। मरीज़ हो अगर दिल के तो कर लो इश्क़, क्योंकि धड़कना दिलों को सीखा देता है इश्क़।।
ये तेरे इश्क़ का कितना हसीं एहसास है, लगता है तू हर पल मेरे पास है। मोहब्बत तेरी दीवानगी बन चुकी है मेरी, अब जिंदगी की आरज़ू बस तुम्हारा साथ है।।
ऐसा लगता है कि दुनियाँ का खज़ाना मिल गया, मुझको जब से आपके दिल में ठिकाना मिल गया। जिंदगी में अब कोई हसरत नहीं ख्वाहिश नहीं, तुम मुझे जब मिल गए सारा जमाना मिल गया।।
तुम्हारे ना होते हुए भी तुम्हारा होना प्रेम है, तुमसे दूर होते हुए भी तुम्हारा करीब रहना प्रेम है। लाखों चेहरे को देखने के बाद भी तुम्हें मिस करना प्रेम है, उम्मीदें टूट जाने पर भी सिर्फ तुमसे उम्मीदें करना प्रेम है। तुमपे मरते हुए भी तुम्हारे लिए जिये जाना प्रेम है।।
आता नहीं था हमें इंकार करना, ना जाने कैसे सीख गये प्यार करना। रुकते नहीं थे दो पल कभी किसी के लिए, ना जाने कैसे सीख गये इंतेज़ार करना।।
जिस पल आप दिल से मुस्कुराओगे, अपनी हंसी में हमारी झलक पाओगे। यह ना समझना कि साथ छोड़ देंगे हम, पलट कर देखोगे तो हर राह में हमें पाओगे।।
आंखों में आशिकी चमक रही है, लबों पर मोहब्बत महक रही है। देख कर तेरे प्यार का जादू, मेरी हर धड़कन अब बहक रही है।
जिंदगी और मौत का मतलब, तुमको पाना है तुमको खोना है। इतना डरना भी क्या है दुनिया से, जो भी होना है वह तो होना है।।
छुपा लूं तुझको अपनी बाहों में इस कदर कि, हवा भी गुजरे तो इजाजत मांगे। मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस कदर कि, होश भी आने में इजाजत मांगे।।
छू रही थी तुम्हारी नजरें मुझको बड़ी दूर से.... बड़े ही जालिम एहसास है...तेरे इश्क की राह में। हसरत-ए-मोहब्बत दिल में जबसे जगने लगी। आंखों में तस्वीर उसकी काजल की तरह बसने लगी।।
हो गई शाम किसी के इंतजार में, ढल गई रात उसी के इंतजार में। फिर होगा सवेरा उसी इंतजार में, इंतजार की आदत पड़ गई है इंतजार में।।
कल ना हम होगे ना गिला होगा, सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिलसिला होगा। जो लम्हें हैं चलो हंसकर बिता लें, जाने जिंदगी का क्या फैसला होगा।।
तनहा गुजर रहा वक़्त तो क्या हुआ, तेरी यादों का हुजूम मेरे साथ आज भी है। अकेला हूँ मैं अभी तक, तो क्या हुआ; तेरी धड़कनों का साज़ मुझे याद आज भी है।।
ख़फा भी रहते है वफ़ा भी करते है, अपने प्यार को वो आँखों से बयां भी करते हैं। ना जाने कैसी नाराज़गी है उसकी हमसे, हमें खोना भी और पाने की दुआ भी करते हैं।।
चेहरे पे तेरे सिर्फ मेरा ही नूर होगा, उसके बाद तू ना कभी मुझसे दूर होगा। जरा सोच के देख क्या ख़ुशी मिलेगी, जिस पल मेरे माँग में तेरे नाम का सिन्दूर होगा।।
आँखे ऊँची उठी तो दुआ बन गयी, आँखे नीची हुई तो हया बन गयी। जो झुक के उठी तो खता बन गयी, उठकर झुकी तो अदा बन गयी।।
वो मुलाकात कुछ अधूरी सी लगी, पास होकर भी कुछ दूरी सी लगी। होठो पे हँसी और आँखों में नमी थी, पहली बार किसी की चाहत जरुरी सी लगी।।
ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो, तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हो। कुछ यूँ उतरें तेरे लिए रहमतो का मौसम, कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो।।
जिंदगी मोहताज़ नहीं मंज़िलो की, वक़्त हर मंज़िल दिखा देता है। मरता नहीं कोई किसी से जुदा होकर, वक़्त सबको जीना सीखा देता है।।
वक़्त कहता है मुझे गवाना मत, दिल कहता है मुझे लगाना मत। प्यार कहता है मुझे आज़माना मत, और हम कहते है हमें भूल जाना मत।।
वो शमां की महफ़िल ही क्या, जिसमें दिल ख़ाक ना हो। मज़ा तो तब है चाहत का, जब दिल तो जले पर राख ना हो।।
हर बला से खूबसूरत तेरी शाम कर दूं, प्यार अपना मैं तेरे नाम कर दूं। मिल जाये अगर दोबारा यह जिंदगी, तो हर बार ये जिंदगी तेरे नाम कर दूं।।
चल किसी रोज़ हम भी ये करके देखेंगे, चल हम भी कभी तेरा बनकर देखेंगे। लड़कर ज़माने की रस्म ए रिवाज़ो से, तुम्हें अपना बनाकर भी देखेंगे।। है इश्क़ तोहमत अगर जिस जिस की नज़र में, हर उस शख्स से नज़र मिलाकर हम भी देखेंगे।।
हिचकी दिला कर ये कैसी उलझन बढ़ा रहे हो, आँखे बंद है फिर भी नज़र आ रहे हो। बस इतना बता दो मुझे मेरे हमदम, मुझे याद कर रहे, या अपनी याद दिला रहे हो।।
आ जाओ किसी रोज़ तुम्हारी रूह में उतर जाऊं, साथ रहू मैं तुम्हारे किसी और को न नज़र आऊँ। चाह कर भी कोई छू ना सके कोई, इस तरह तुम कहो तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊं।
आज आइने को क्या हुआ, क्यूँ तेरी शकल दिखा रहा है। ये इश्क़ की कौन सी मंज़िल है, कि हर तरफ तू ही नज़र आ रहा है।।
तुम दूर हो मगर दिल में एक एहसास होता है, कोई है जो हर पल दिल के आस पास होता है। याद तो सबकी आती है मगर, तुम्हारी याद का एहसास ही कुछ खास होता है।।
नज़राना मोहब्बत का अपने महबूब को क्या दूं, जो खुद बेशकिमती है मुझे उसको तोहफ़ा क्या दूं। इश्क़ की किताब पर बस तुमको ही लिखा है, अपने प्यार की इबादत को शब्दों का आशियाना क्या दूं।।
अलफ़ाज़ की शक्ल में एहसास लिखा जाता है, यहाँ पानी को तो प्यास लिखा जाता है। मेरे जज़्बात से वाकिफ है मेरी कलम भी, जो कुछ भी लिखू तो तेरा नाम लिख जाता है।।
गीत लिखे भी तो ऐसे जो सुनाये ना गये, जख्म यूँ लफ्ज़ों में उतरे की दिखाये ना गये। और वो आज तक रखे हैं पछतावे की अलमारी में, एक दो वादे जो दोनों से निभाए ना गये।
इस दिल फरेब की निगाहों में बस जायेंगे, हर लम्हें में आपके शामिल हो जायेंगे। जब नहीं होंगे तो ढूंढोगे हमको तुम, इस हद तक आपके दिल में उतर जायेंगे।।
कभी तुम ये साथ नहीं छोड़ना, कुछ सोचकर कदम ना मोड़ना। बहुत प्यार करते है हम तुमसे, इस उम्मीद को तुम कभी मत तोडना।
सपना कभी साकार नहीं होता, मोहब्बत का कोई आकार नहीं होता। सब कुछ हो जाता है इस दुनियाँ में, मगर दोबारा किसी से सच्चा प्यार नहीं होता।।
कोई ख्वाहिश तेरे लिए अधूरी ना रहे, चाहे जिसे तू उससे दूरी ना रहे। खुशिओं के फूल इतने खिलें तेरे जीवन में, कि हमारी याद भी तेरे लिए जरुरी ना रहे।
बेइंतेहा वफ़ा का भी क्या करियेगा जनाब, हर किसी की किस्मत में मोहब्बत नहीं होती।।
याद रूकती नहीं रोक पाने से, दिल मानता नहीं किसी के समझाने से। रुक जाती है धड़कन आपको भूल जाने से, इसलिए आपको याद करते है जीने के बहाने से।।
इन निगाहों से ओझल मत होना, मेरे दिल की इबादत हो तुम। तुम ही तुम हो मेरे दिल की हर धड़कन में, इन धड़कनों की चाहत हो तुम।।
लफ्ज़ो से होता नहीं इज़हार हमसे प्यार का, बस मेरी आँखों में देखकर खुद को पहचान लो। जैसे तरसता है सेहरा शबनम छूने को, कभी वैसे रब से तुम भी मुझे मांग लो।।
प्यार तो वो है जो ज़ज़्बात को समझे, मोहब्बत तो वो है जो एहसास को समझे। मिलते हैं बहुत ज़माने में अपना कहने वाले, पर अपना वो है जो बिन कहे हर बात को समझे।।
जो तुझसे प्यार है वो बहुतो को चुभता है, जैसे सुर्ख गुलाबी फूल संग काँटों के उगता है। जतन कितनी भी कर ले ये मगर मालूम नहीं, मैं वो मुसाफिर हूँ जो बस मंज़िल पर रुकता है।।
अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का, शिकवा खुद के खामोश रह जाने का। दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी, आज भी इंतज़ार है तेरे आने का।।
दिल है पर धड़कना नहीं जानता, आशिक मिला पर इश्क़ करना नहीं जानता। मैं ही गलती कर दी उनसे प्यार करके, मेरा दिल जिसे चाहता उसे छोड़ना नहीं जानता।।
दीवानगी में कुछ ऐसा कर जायेंगे, मोहब्बत की सारी हदें पार कर जायेंगे। वादा है तुमसे दिल बनकर तुम धड़को, और सांस हम बन जाएंगे।।
जब कुछ सपने अधूरे रह जाते है, तब दिल के दर्द आँसू बन कर बाह जाते है। जो कहते है हम सिर्फ आपके है, पता नहीं वो कैसे अलविदा कह जाते है।।
सफर वहीं तक जहाँ तक तुम हो, नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो।। वैसे तो हज़ारों फूल खिलते है गुलशन में, मगर खुशबू वहीं तक जहाँ तक तुम हो।।
दिल की हसरत जुबां पे आने लगी, तुमने देखा और जिंदगी मुस्कुराने लगी। ये इश्क़ की इन्तेहां है या दीवानगी मेरी, हर सूरत में तेरी सूरत नज़र आने लगी।।
आपकी इस दिल्लगी में हम अपना दिल खो बैठे, कल तक ऊपर वाले के थे आज आपके हो बैठे। सुना तो था की प्यार दीवाना कर देता है सबको, करके जो देखा खुद तो हम भी होश खो बैठे।।
तेरी चाहत और मेरी मोहब्बत में, बस फर्क है इतना। मैं तेरे थोड़े से हिस्से में हूँ, जबकि तूं मेरे कतरे कतरे में है।।
दर्द लिखूं तो तेरी शिकायत होती है, मोहब्बत लिखूं तो मेरी नुमाईश होती है। वो लफ्ज़ तू खुद आकर लिख जा, जिसमें मुकम्मल इश्क़ की गुंजाईश होती है।।
यूँ मुस्कुराया ना कर तू अपनी ही गली में, मेरी यादें तुझे बेमतलब ही बदनाम कर देंगी। अभी तो खुश है तू मुझे याद करके, मेरे जाते ही ये तेरा जीना हराम कर देंगी।।
मोहब्बत ना रस्म है ना रिवाज है, ये तो अनछुआ सा इक एहसास है। जिससे भी हो जाये वही बस ख़ास है, वही धड़कन और वही विश्वाश है।।
हम पर इलज़ाम है की इकरार नहीं करते, खुलेआम मुहब्बत का इज़हार नहीं करते। हमारी ख़ामोशी से वो समझते है, के हम तो उनसे प्यार नहीं करते।।
एक दिल है बेजुबान जो कुछ कह नहीं सकता, किसी की जुदाई ये कभी सह नहीं सकता। काश वो समझ जाये दिल की आवाज़, कि कोई है जिसके बिना ये दिल रह नहीं सकता।।
तेरी आरज़ू में हम दीवाने हो गए, तुझे अपना बनाते बनाते बेगाने हो गए। कर ले एक बार याद अपने दिल से, तेरे दिल की आवाज़ सुने ज़माने हो गये।।
कुछ नहीं चाहिए आपकी एक मुस्कान ही काफी है, आप दिल में बसे रहोगे ये अरमान ही काफी है। हम ये भी नहीं कहते की हमारे पास आ जाओ, बस हमें याद रखना; ये एहसास ही काफी है।।
उनसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है, कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है। था किसी के मनाने का अंदाज़ ऐसा की, एक बार फिर रूठ जाने को दिल चाहता है।।
ये हालत हमारी हो गयी तुमसे मिलने के बाद, जिंदगी प्यारी हो गयी तुमसे मिलने के बाद। हर चीज़ में अलग रंग है मोहब्बत का, हर चीज़ प्यारी हो गयी तुमसे मिलने के बाद।।
जी लेने दे तेरे एहसासो में, कि जिन्दगी मेरी तू है। इंतज़ार मेरा मुकद्दर ही सही, आरज़ू मेरी तू है।।
जीवन के सफर में आपके साथ चलना चाहते है, आपकी हर बात पे हम ऐतबार करना चाहते है। आप एक बार हमारे प्यार पे विश्वास करके देखो, जिंदगी का हर लम्हा आपके साथ जीना चाहते हैं।।
मोहब्बत क्या है ? समझो तो एहसास, देखो तो रिश्ता। कहो तो लफ्ज़, चाहो तो जिंदगी, निभाओ तो वादा और मिल जाये तो जन्नत।।
शायद तू साथ हो और वक़्त थम जाये, ये आदतें तुझे चाहने की शायद कभी बदल ना पाये। हो सकता है रास्ते अलग हो, मंज़िले एक हो जाये, या शायद जब तक साँसे है हम तेरे कहलाये।।
उम्र अपनी हसीन ख्वाबों की, मैंने तो तेरे प्यार को दे दी। नींद जितनी थी मेरी आँखों में, सब तेरे इंतेज़ार को दे दी।।
मेरी मोहब्बत है वो, कोई मज़बूरी तो नहीं। मुझे चाहे या मिल जाये जरुरी तो नहीं।। ये कुछ कम है कि बसा है मेरी सांसो में वो, सामने हो मेरी आँखें ये जरुरी तो नहीं।।
फ़साने तुम्हारे भुलाये कहाँ है, कभी दिल पे ताले लगाये कहाँ है। देखो जब जहाँ भी हुआ दिल जवां है, मोहब्बत की है तुमसे, तुम्हें भुलाये कहाँ है।।
फूल खिलते है बहारों का समां होता है, ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है। दिल की बातों को होठो से नहीं कहते, ये फ़साना तो निगाहों से बयां होता है।।
हम इश्क़ नहीं लिखते अदा लिखते है, जब देखते है तुम्हें तो दुआ लिखते है। गर देख ले तुझे मेरी आँखों से, कोई जान जायेंगे की हम किसे वफ़ा लिखते है।।
इस बार भी तुमसे मिलने पर, तुम्हें जी भर के देखना छूट गया। तुम्हारी आवाज़ की चाह में, ख़ामोशी सुंनना छूट गया।।
आपको मेरी नज़र से नज़र ना लगे, कोई पराया भी अच्छा इस कदर ना लगे। आपको देखा है हमेशा उस नज़र से, जिस नज़र से आपको हमारी नज़र ना लगे।।
हमसे इश्क़ कर बैठे हो ये गलती है आपकी, ख्याल करना अब कही, नींद खतम हो ना जाये रात की।।
तुझ पर ख़तम हो मंज़िल फिर कोई रास्ता ना हो, तेरी निगाहों में मेरे सिवा कोई दूसरा ना हो। तेरे इश्क़ में ऊपर वाला करे फ़िदा हो जाऊ मैं, फिर तेरी खूबसूरत बाहों के बाद मेरा पता ना हो।।
वो जिसके होने से मुझे होने का गुमान हो, वो हमसफ़र वो दिल उस साथ की तलाश है। क्यों मंद है ये धड़कने क्यों द्वन्द सा मचा है, दे दिल को जो तस्सली उस सुकून की तलाश है।।
खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है, तन्हाईयों में भी एक गहरा सा राज़ है। मिलते नहीं सबको अच्छे दोस्त यहाँ आप, जो मिले जाएं हमें तो खुद पर नाज़ है।।
इश्क़ में बढ़ रही है बेचैनियां, थोड़ी सी शरारत करने दो। छुपा के रख लो अपने दिल में या, फिर मोहब्बत बेसुमार करने दो।।
उसके याद की गुलाबी साल ओढ़कर, इस गुलाबी सी सर्दी में उसका एहसास करती हूँ। उसके चाहत की तपिश आज भी बरकरार है, तभी तो आज तक उसका इंतज़ार करती हूँ।।
कागज़ में नहीं लिखते हम राज़ मोहब्बत के, पल भर में बिखर जाते है अलफ़ाज़ मोहब्बत के। तुझे टूट कर चाहा है और उम्र भर चाहेंगे, ऐसे ही है सनम मेरे अंदाज मोहब्बत के।।
उठती नहीं है आँखें किसी और की तरफ, पाबन्द कर गयी है किसी की नज़र मुझे। ईमान की तो ये है कि ईमान अब कहाँ, काफिर बना गयी तेरी काफिर नज़र मुझे।।
आपसे दूर जाने का इरादा तो नहीं था, साथ साथ रहने का वादा भी तो नहीं था। तुम याद आओगे ये जानते थे हम, पर इतने याद आओगे अंदाज़ा ही नहीं था।।
दिल की हसरत जुबां पे आने लगी है, तूने देखा तो जिंदगी मुस्कुराने लगी है। ये इश्क़ की इंतेहा थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत में तेरी सूरत नज़र आने लगी है।।
BOYFRIEND - GIRLFRIEND LOVE SHAYARI
आँखों की चमक पलकों की जान हो तुम, चेहरे की हँसी, लबों की मुस्कान हो तुम। धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू में, फिर कैसे न कहु हमारी जान हो तुम।।
महसूस किया है मैंने तुमको सांसो की तरह, भरपूर जिया है मैंने तुमको बचपन की तरह। यादों को तुम्हारी मैने हर सांस में पिरोया है, मन बाँध लिया तुमसे मैंने धड़कन की तरह।।
शाम ढलते ढलते इंतज़ार और बढ़ गया, उनके किये वादों पर एतबार और बढ़ गया। आखिर वो आये हसीं लम्हो को साथ लेकर, अब उन पर मेरा प्यार और बढ़ गया।।
तू ज़रा सी बात पर आँसू बहाता है। फूल काँटों में भी रहकर मुस्कुराता है।। हाथ में लेकर चल टूटे हुये दिल को। यहां कौन है जो ज़ख्म पर मरहम लगाता है ।।
हर चीज़ में अलग रंग है मोहब्बत का, हर चीज़ प्यारी हो गयी तुमसे मिलने के बाद।।
जब धड़कनों को थाम लेता है कोई, जब ख्यालों में नाम हमारा लेता है कोई। याद तब और यादगार बन जाती है, जब हमें हमसे बेहतर जान लेता है कोई।।
वो घूँघट में भी चमकता हुआ माहताब लगती है, झुकी पलकें जरा उठा दे तो आफ़ताब लगती है। देखकर उसको नशा यूँ चढ़ता है, कि उसके आगे तो फीकी हर शराब लगती है।।
नाराज़गी खत्म हो जाएगी रूठने से होगा क्या, याद तो फिर भी आएगी भूल जाने से होगा क्या। रिश्ता तो फिर भी रहेगा छूट जाने से होगा क्या, अगर साथ लिखा होगा जिंदगी में सफर, किस्मत फिर ढूढ़ लाएगी दूर जाने से होगा क्या।।
इंतजार करते करते साल बदल गये, तुझे याद करते करते हाल बदल गए। उधर दे ना सके तुम मेरे इश्क़ का जवाब, इधर मेरी जिंदगी के सवाल बदल गये।।
अंत का भी अंत होता है, यहॉं कुछ भी कहाँ अनंत होता है। पतझड़ भी एक घटना है, बारह महीने कहाँ बसंत होता है।।
**COUPLE LOVE SHAYARI IN HINDI**
रात क्या ढ़ली सितारे चले गये, गैरो से क्या शिकायत जब हमारे चले गये।। जीत सकते थे हम भी इश्क़ की बाज़ी, पर उनको जिताने की धुन में हम हारे चले गये।।
दफ़न करो अपने सपनो को, हमने तुमको अपनी मंज़िल बनायीं है। अब यूँ ना मुँह मोड़ो मुझसे, हमने तेरे संग जीने-मरने की कसम खाई है।।
तेरी जुदाई का बदला मैं दुसरों से लेती हूँ, तू मेरी किस्मत में नहीं ये दिलासा मैं खुद को देती हूँ। इस दिल को तो चाहनेवाले अभी भी हमें मिलते है, पर अब प्यार की राहों से खुद को मोड़ लेती हूँ।।
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है, सिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है। कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते है, और एक वो है जिन्हे ये सब मज़ाक लगता है।।
एक अदा आपकी दिल चुराने की, एक अदा आपके दिल में बस जाने की। चेहरा आपका चाँद सा और, हसरत है एक हमारी बस आपको पाने की।।
खुशबू तेरे प्यार की मुझे महका जाती है, तेरी हर बात मुझे बहका जाती है। सांसे तो बहुत वक़्त लेती है आने जाने में, हर सांस से पहले तेरी याद दिल को धड़का जाती है।।
ख़ामोशी की जुबां समझ लेते हो, हमारी शाम को तुम संवार देते हो। तुम चाहे गुजारिश ना करो इस बात की, हमे भी एतियात है तुम हमसे इश्क़ कर बैठे हो।।
तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे, मेरे प्यार की तकदीर में मुस्कान लिख दे। न मिले जिंदगी में कभी भी दर्द उसको, चाहे उनकी किस्मत में मेरी जान लिख दे।।
दिल के दर्द को छिपाना कितना मुश्किल है, टूट कर फिर मुस्कुराना कितना मुश्किल है। किसी के साथ दूर तक जाकर तो देखो, अकेले लौट के फिर आना कितना मुश्किल है।।
अब तो ख़ता करने को जी चाहता है, किसी पे मर मिटने को ये दिल चाहता है। कुछ उनको भी हमपे एतबार अगर हो जाये, दो कदम साथ चलने को जी चाहता है।।
गा सकू मैं आपका नगमा वो साज कहाँ से लाऊं, सुना सकू मैं आपको वो अंदाज़ कहाँ से लाऊं। यूँ तो चांदनी की तारीफ करना आसान है, कर सकूं आपकी तारीफ वो अंदाज़ कहाँ से लाऊं।।
उसने मोहब्बत मोहब्बत से ज्यादा की थी, हमने मोहब्बत उससे भी ज्यादा की थी। अब वो किसे कहेंगे मोहब्बत की इंतेहाँ, हमने शुरुआत ही इंतेहाँ से ज्यादा की थी।।
जख्म देने का अंदाज़ कुछ ऐसा है, जख्म देकर पूछते है अब हाल कैसा है। किसी एक से गिला, क्या करना यारों, सारी दुनियाँ का तो मिज़ाज़ एक जैसा है।।
प्यार करो तो हमेशा मुस्कुरा के, किसी को धोखा ना दो अपना बना के। कर लो याद जब तक हम जिन्दा है, फिर ना कहना चले गये दिल में यादें बसा के।।
उम्मीदें तैरती रहती है कश्तियाँ डूब जाती है, कुछ घर सलामत रहते है अँधियाँ जब भी आती है। बचा ले जो हर तूफ़ान से उसे आशा कहते है, विश्वास मजबूत है जो धागा हमेशा दिल से आती है।।
महसूस होता है तेरा इश्क़ जब भी, ये दिल किसी का हो नहीं पाता है। हम खुद ही रहते है नाराज़ खुद, और तू भी तो वापस नहीं आता है। साथ निभाने के महज़ किये वादे थे, पर ये दिल भूल ही तो नहीं पाता है।।
सांसो से गुफ्तगू, धड़कनों में जुस्तजू कर लूं, आज मैं पूरी अपनी हर एक आरज़ू कर लूं। तुझको ही बसा कर हमदम अपनी हसरतों में, उम्र भर के लिये तुझे अपने दायें बाजू कर लूँ।।
प्यार में प्यार को आज़माया नहीं जाता, आज़मा कर प्यार कभी पाया नहीं जाता। प्यार पाने के लिए विश्वास की जरुरत है, बिना विश्वास प्यार कभी निभाया नहीं जाता।।
मिट जाये कुछ लकीर तो बेहतर है, मुकम्मल न हो तकदीर तो बेहतर है। मुस्कुराने से तुम्हारे शुरू होती थी मेरी कहानी, यूँ ही मुस्कुराते रहो हरदम तो बेहतर है।।
करूं तेरा जिक्र या एहसासों में रहने दूँ, करूं तुझे महसूस या धड़कनों में बहने दूँ। तुझे सामने से देखूं या सपनो में रहने दूँ, तुझे लफ्ज़ों में बयां करू या फिर पूजा में ही रहने दूँ।।
मेरी आरज़ू मेरा मुकाम तुम हो, मेरी मंज़िल मेरा अंजाम तुम हो। तुमसे ही हासिल मेरी हर ख़ुशी है, मेरी तो हर सुबह और शाम तुम हो।।
अगर तुम्हें पाना ही मोहब्बत है, तो मुझे तुमसे मोहब्बत नहीं। लेकिन तुम्हें खुश देखना मोहब्बत है, तो मुझे तुमसे बेपनाह मोहब्बत है।।
जब तक खुद गुजरते नहीं दर्द की राहों से, तब तक किसी की तड़फ का एहसास नहीं होता। कहने को तो बहुत कुछ होता है पास अपने, बस एक सुनने वाला ही कोई पास नहीं होता।।
दिल की किताब में गुलाब उसका था। रात की नींदों में ख्वाब उसका था।। कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा। मर जायेंगे तुम्हारे बिन ये जवाब उसका था।।
Beautiful Love Shayari for Girlfriend
ऑनलाइन ही मेरा दिल बेकरार हो गया था, एक हसीना की आंखों से पार हो गया था। दिल करता था उसके खातिर जान भी दे दूं मैं, फोन फोन पर इतना ज्यादा प्यार हो गया था।।
चेक करके देख लीजिए मेरी सारी डिग्रियां, और फिर बोलिए कि इसमें कोई जाली है क्या। मैं ग्रेजुएट मोहब्बत के बड़े कॉलेज का हूं, आपके दिल में कोई वैकेंसी खाली है क्या।।
तुम्हारी मासूम सी मुस्कान हम देखते ही रह गये। भोली सूरत आँखों में शान हम देखते ही रह गये। लिखवाने आये थे शिकबे शिकायत बहुत सारी। पर लफ़्ज़ हो गये बेजान, हम सोचते ही रह गये।
चलो तुम साथ ना देना, मुझे बेशक भुला देना। नये सपने सज़ा लेना, नये रिश्ते बना लेना।
भुला देना सभी वादे, सभी कसमें सभी नाते। तुम्हें जाने की इज़ाज़त है, जो दिल चाहे वो सब करना। मगर अब तुम किसी से अधूरा प्यार मत करना।
लेके चले थे तूफान ठोकर का डर ना था। संग था कारवाँ, बिछड़ने का गम ना था। आरज़ू थी साथ रहे उम्र भर मगर। मिलने का वक़्त नाथ कोशिश तो बहुत की। मगर नजरे मिलाने का दम ना था।
मेरी हर दुआ में शामिल तुम होने लगे। मेरी उदासी में खुशियाँ तुम बन ने लगे। हवा से बुझते दिये सी थी जिन्दगी हमारी। तुम आये और जीने की वजह बनने लगे।
मेरी चाहत को अपनी मोहब्बत बना कर देख लो। मेरी हँसी को अपने होठों पे सज़ा कर देख लो। ये मोहब्बत तो हसीन तोहफा है एक। कभी तो मोहब्बत की तरह निभा कर देख लो।
हर सांस में आबाद किया तुझको ऐ मेरी जाना। बहुत याद किया तुझको मेरी जिंदगी में। तुम नहीं तो कुछ भी नहीं अपनी जिन्दगी से। बढ़ कर प्यार किया तुझको।
तुम्हारी हर अदा मोहब्बत सी लगती हैं हर पल की जुदाई मुद्दत सी लगती हैं। कहना तो नहीं चाहते फिर भी कहते हैं मेरे हर लम्हे में आपकी जरूरत सी लगती हैं।
भूल जाने का बहाना ना बना देना दूर जाने की बस एक वज़ह बता देना हम खुद चले जायेंगे आपकी जिन्दगी से पर जहाँ तेरी याद ना आये वो जगह बता देना।
तेरी धड़कन ही जिन्दगी का किस्सा है मेरा, तू जिन्दगी का एक अहम हिस्सा है मेरा। मेरी मोहब्बत तुझसे सिर्फ लफ़्ज़ों की नहीं, तेरी रूह से मेरी रूह तक का रिश्ता है मेरा।।
परवाह करते हैं तुम्हारी बस जताते नहीं हैं.. जरूरी हो तुम बहुत बस बताते नहीं हैं। ख्याल रखते हैं तुम्हारा बस दिखाते नहीं हैं.. रोज देख लेते हैं तुम्हे नजर आते नहीं हैं।।
क्या मांगू खुदा से तुझे पाने के बाद, किसका करू इंतेज़ार तेरे आने के बाद। क्यों इश्क़ में जान लुटा देते हैं लोग, मैंने ये जाना तुमसे इश्क़ करने के बाद।।
होश में आने दो हमें... हम पर तेरे ख्यालों का असर हैं मदहोश किया हैं... तुमने ये तुमको भी कहां खबर हैं!
सितारे आसमाँ से फिर ज़मी तक झिलमिलायेंगे। फ़रिश्ते भी दुआओं में मुक़द्दर को सजायेंगे।। कभी जुगनू चमकते हैं कभी सूरज चमकता है। लिखो महताब ग़र मुझको, ग़जल हम गुनगुनायेंगे।।
एक बात बोलूं तुम मानो या ना मानो, पर तुम्हारे सिवा कहीं दिल नही लगता..!!
मैं तोड़ लेता अगर तूं गुलाब होती, मैं जवाब बनता अगर तूं सवाल होती। सब जानते हैं कि मैं शराब नहीं पीता मगर, मैं पी भी लेता अगर तूं शराब होती।
दिल में और धड़कन में थोड़ी दूरी है, कोई ख्वाहिश यानी अभी अधूरी है। सारे काम कहां होते हैं दौलत से, इज्जत का होना भी बहुत जरूरी है।।
आज मुझे ये बताने की इजाजत दे दो, आज मुझे ये शाम सजाने की इजाजत दे दो। अपने इश्क़ में लो मुझे क़ैद कर लो, आज जान तुझपे लुटाने की इजाजत दे दो।।
कबूल हो गयी हर ख्वाहिश हमारी, पा लिया जो हमने चाहत हमारी। अब नहीं दुआ, दिल में हमारे कुछ, जब से मिल गयी है जिंदगी हमारी।।
गा सकूँ आपका नगमा वो साज़ कहाँ से लाऊं, सुना सकू कुछ आपको वो कहाँ से लाऊं। यूँ तो चांदनी की तारीफ करना आसान है, कर सकू तारीफ, वो अलफ़ाज़ कहाँ से लाऊं।।
तन्हा खुद को कभी होने मत देना, आँखों को कभी तुम रोने मत देना। बहुत खास हो आप मेरे लिए, इस एहसास को खुद से जुदा होने मत देना।।
सूख गये फूल पर बहार वही है, दूर रहते है पर प्यार वही है। जानते हैं हम मिल नहीं पा रहे हैं आपसे, मगर आंखों में मोहब्बत का इज़हार वही है।
रास्ता चाहे जो भी हो मंज़िल सिर्फ तुम हो, गुस्सा चाहे जितना भी हो मोहब्बत सिर्फ तुम हो। और दर्द कितना भी क्यूँ ना हो, ख़ुशी की वजह सिर्फ तुम हो।।
राख हो जाती है हर खामी और खूबी, यार किस गुमान में है तू अभी। बस प्रेम लुटाये जा फ़िज़ाओं में, सुना है बोझ कम होता है गर्म हवाओं में।
ख्यालों ने की है तेरी गुज़ारिश, एक लम्हें के लिए ख्याल बन जाओ। हर ख्याल पर हो तेरी ही दस्तक, ख्यालों में भी तुम ही याद आओ।।
प्यार वो दरियां है, जिसका साहिल नहीं होता। हर कोई मोहब्बत के काबिल नहीं होता।। रोता वो भी है जो डूबा हो प्यार के दरियां में, रोता वो भी है जिसे प्यार हासिल नहीं होता।।
शिकायतें वही शोर करेंगी जहाँ रिश्ते रखने की चाह हो, रिश्ते खत्म होने के बाद तो, शिकायतें अपने आप खतम हो जाती है।।
नज़रे करम मुझपे इतना ना कर, कि तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं। मुझे इतना ना पिला इश्क़ ऐ जाम, कि मैं इश्क़ के ज़हर का आदि हो जाऊं।
सारी उम्र बचाया मैंने अपना दामन, इश्क़ से जब बाल सफ़ेद हुए। तब इश्क़ ने रंगना सीखा दिया।।
वो जो अपने होने का दावा करते है, मुझे पता है वो दिखावा करते हैं। पीठ पीछे तो मेरी करते है बुराई, और मेरे मुँह भरोसे की वादा करते हैं।।
खबर तो उनको होती है, जो जोश में है। हम तो उनके प्यार में मदहोश है। अब जाके लगता है हम जिंदगी हैं, और ज़िन्दगी हमारे आगोश में है।।
आओ तो यहाँ सनम ये मौसम सुहावना हो जाये, मिलाओ तो हमसे निगाहें, इश्क़ हमारा भी सूफियाना हो जाये। ख्वाहिश इतनी सी हैं, तेरे दिल में हमारा आशियाना हो जाये।
न तुम कुछ कहो न मैं कुछ कहूँ, आँखों की बात आँखों को कहने दो। क्या फर्क पड़ता है मैं तुम्हें चाहू या तुम मुझे चाहो, धड़कनों का झगड़ा धड़कनों को सुलझाने दो।।
मेरे प्यार की चाहत में अब बह जाओ तुम, अपने दिल की हर बात आज कह जाओ तुम। एक बार तुम मेरे करीब आओ, मुझको रख लो या मुझमे रह जाओ तुम।।
ना करूं तुझको याद तो, खुद की साँसों में उलझ जाती हूँ मैं, समझ में नहीं आता की जिंदगी, सांसो से है या तेरी यादों से।
बड़ी हो जाती है रहने में रूठने से तेरे, मगन हो जाता है दिल बस पास होने से तेरे। मत सोचो मत बोलो दूर जाने की बात मुझसे, आँखों से अश्क़ बहने लगता है, दूर जाने की बात होने से तेरे।।
इश्क़ वही है जो एकतरफा हो, इज़हारे इश्क़ तो ख्वाहिश बन जाती है। है अगर इश्क़ तो आँखों में देखो, खोलने में ये नुमाईश बन जाती है।।
तेरे ख्याल से खुद को छुपा कर देखा, दिल और नज़र को तड़पा कर देखा। तू नहीं तो कुछ भी नहीं है, तेरी कसम! मैं तुझे कुछ पल भुला के देखा।।
दीवाने तो हम तेरे हैं इस बात से इंकार नहीं, कैसे कहें की हमें आपसे प्यार नहीं। कुछ तो कसूर है आपकी निगाहों का, हम अकेले भी तो यहाँ गुनेहगार नहीं।।
तुम्हारी आशिकी ने मुझे इस कदर बाँधा है, दूर जाऊ तो दिल तड़पता है, पास आऊँ तो साँसे थम जाती है।।
छू गया जब कभी भी ख्याल तेरा, दिल मेरा देर तक धड़कता रहा। कल तेरा जिक्र छिड़ गया था घर में, और घर देर तक महकता रहा।।
तन्हाई में मुस्कुराना भी मोहब्बत है, इस बात को सबसे छुपाना भी मोहब्बत है। यूँ तो रातों को नींद नहीं आती है हमें, पर रातों को सो कर जाग जाना भी मोहब्बत है।।
नज़र मिली और फ़साना हो गया है। दिल तुम्हारी चाहत का दीवाना हो गया है।। जब से आये हो तुम मेरी जिंदगी में। अंदाज़ हमारा शायराना हो गया है।।
ब्वायफ़्रेंड गर्लफ्रेंड लव शायरी
खूबसूरत था वो एहसास जब तू था मेरे पास, खुशनसीब हम भी कम ना थे। तुम साथ थे पल दो पल कुछ ख्वाब अधूरे थे, जो पुरे हो गये थे। कुछ पल ही सही हम जिंदगी को खुल के जी लिए थे।।
परछाई आपकी हमारे दिल में है। यादें आपकी हमारी आँखों में है।। कैसे भुलाये हम आपको। प्यार आपका हमारी साँसों में है।।
पलकों को झुका के सलाम करते है, दिल की हर दुआ आपके नाम करते है। कबूल हो तो बस मुस्कुरा देना, हम तो मुस्कराहट पर जिंदगी कुर्बान करते हैं。
खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है, जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। कुछ लोग जिंदगी में मिलते है ऐसे, जिनसे ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।।
एक फूल कभी दो बार नहीं खिलता, ये जनम बार-बार नहीं मिलता। जिंदगी में मिल जाते तो हैं हज़ारो लोग, मगर दिल से चाहने वाला हर बार नहीं मिलता।।
मेरे वजूद में काश तू उतर जाये, मैं देखूं आईना और तू नज़र आये। तू हो सामने और ये वक़्त ठहर जाये, और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुजर जाये।।
दिखावे की मोहब्बत तो ज़माने को है हमसे, पर ये दिल तो वहाँ बिकेगा जनाब.. जहाँ जज्बातों की कदर होगी ..!
खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है, जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। कुछ लोग जिंदगी में मिलते है ऐसे, जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।।
प्यार करो तो हमेशा मुस्कुरा के, किसी को धोखा न दो अपना बनाके। कर लो याद जबतक हम जिन्दा है, फिर ना कहना चले गए दिल में यादें बसा के।।
मत पढ़ा देना मेरी शायरियां तुम और किसी को, जिसने मुझे देखा ही नहीं, वो भी मुझसे मोहब्बत कर बैठेंगे।।
ना तुम दूर जाना न हम दूर जायेंगे, अपने अपने हिस्से की दोस्ती निभाएंगे। अच्छा लगेगा जिंदगी का सफर जब, आप वहाँ याद करना हम यहाँ मुस्कुरायेंगे।।
इश्क़ वही है जो एक तरफ़ा हो, इज़हारे ऐ इश्क़ तो ख्वाहिश बन जाती है। है अगर इश्क़ तो आँखों में देखो, जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।।
दीवाना हर एक सख्स को बना देता है, इश्क़ सैर जन्नत की करा देता है। मरीज़ हो अगर दिल के तो कर लो इश्क़, क्योंकि इश्क धड़कना दिलों को सीखा देता है।।
ना कोई राह आसान चाहिए, ना ही हमें कोई पहचान चाहिए। एक ही चीज़ मांगते है भगवान् से, आपके चेहरे पे बस प्यारी सी मुस्कान चाहिए।।
तेरे शहर में आके बेनाम हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान को खो गये। डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे, जैसे तेरी आशिकी के गुलाम हो गए।।
मुझसे मिलने की आस उसे भी थी, मेरे दीदार की प्यास शायद उसे भी थी। आरसे बाद हुआ उसे एहसास इश्क़ का, सावन की पहली बारिश ख़ास उसे भी थी।।
सुकून मिलता है जब उनसे बात होती है, हज़ार रातो में वो एक रात होती है। निगाह उठा कर जब वो देखते है मेरी तरफ, मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है।।
उसने मुझसे न जाने क्यों दूरी कर ली, बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर ली। मेरे मुक़द्दर में दर्द आया तो क्या हुआ ? खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।।
मेरा तो हर एक पल खूबसूरत है, दिल में जो सिर्फ तेरी ही सूरत है। कुछ भी कहे ये दुनियाँ गम नहीं, दुनियाँ से ज्यादा हमें तेरी जरुरत है।।
दिल की किताब में गुलाब उसका था, रात की नींद में ख्वाब उसका था। कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा, मर जायेंगे तुम्हारे बिना ये जवाब उसका था।।
प्यास दरिया की निगाहों में छुपा रखीं है, एक बादल से बड़ी आस लगा रखीं है। तेरी आँखों की कशिश कैसे तुझे समझाऊं, इन चिरागों ने मेरी नींद उड़ा रखी है।।
हम हर एक पल हंस के जिया करते है, आप से दिल की बातें किया करते है। आप बहुत ख़ास हो हमारे लिए, तभी तो हर वक़्त आपको याद किया करते हैं।।
हम वो नहीं जो तुम्हें गम में छोड़ देंगे, हम वो नहीं जो तुमसे नाता तोड़ देंगे। हम वो है जो तुम्हारी साँसे रुकी तो, अपनी साँसे छोड़ देंगे।।
सुकून मिलता है जब उनसे बात होती है, हज़ार रातों में वो एक रात होती है। निगाह उठाकर जब वो देखते है मेरी तरफ, मेरे लिए वही पल पूरी कायनात होती है।
कपल्स लव शायरी इन हिन्दी
तू जो आये नज़र तो अपनी आँखों में उतार लूँ, तू कहे तो दिल की हर धड़कन से संवार लूं।
तुझे मिला दे इस कदर अपनी साँसों को, मेरी सांस की हर आहट पर तेरा नाम लेके पुकार लूं।।
वादा ये है हमारे प्यार की दास्तान ख़ास रहेगी, आप कहीं भी हो सूरत हमेशा दिल के पास रहेगी। नहीं भूलेंगे हम आपको और हसीं अंदाज़ को, जब तक दिलो में धड़कन और साँसों में जान रहेगी।।
जिंदगी का राज़ राज़ रहने दो, जो भी हो एतराज़ एतराज़ रहने दो। जब भी दिल दिल से मिलना चाहे साथी, तब ये मत कहना की आज रहने दो।।
जिक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा, गिरते है आँसू बहता है नाम तेरा। किसी और को क्यों देखे ये आँखे, जब दिल पे लिखा है सिर्फ नाम तेरा।।
तुम्हारे दिल में प्यार की ऐसी बुनियाद रखेंगे, खुद को कैद और तुमको आज़ाद रखेंगे। हो ना जाये कोई गुस्ताखी मोहब्बत में, इसलिए हम अपने कदम तुम्हारे कदमों के बाद रखेंगे।
छू ना सकूं मैं आसमां तो कोई गम नहीं, बस छू जाऊं दोस्तों के दिल को। ये भी तो आसमां से कम नहीं।
मेरा हर लम्हा चुराया आपने, आँखों को एक ख्वाब दिखाया आपने। हमें ज़िंदगी भी दी और, फिर प्यार में जीना सिखाया आपने।।
नज़रे तुम्हें देखना चाहें, तो आँखों का क्या कसूर। हर पल याद तुम्हारी आये, यादों का क्या कसूर।। वैसे तो सपने पूछ कर नहीं आते, पर सपने तेरे ही आये, तो रातों का क्या कसूर।।
तुम हसो तो खुशी मुझे होती है। तुम रूठो तो आँखें मेरी रोती हैं।। तुम दूर जाओ तो बेचैनी मुझे होती है। महसूस करके देखा मोहब्बत ऐसी होती है।।
दीवानगी में कुछ ऐसा कर जायेंगे। मोहब्बत की सारी हदें पार कर जायेंगे।। वादा है तुमसे दिल बन कर तुम धड़कोगे; और सांस बन कर हम आयेंगे।।
बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में। बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में।। कभी ये दिल तोड़कर मत जाना। हमने तो उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में।।
आदत नहीं है मुझे किसी का इंतेज़ार करने की। पर तेरा इंतेज़ार करना अच्छा लगता है।। बहुत खास हो मेरी जिंदगी में तुम। तुमसे बात करना बहुत अच्छा लगता है।।
लम्हों में क़ैद कर दे जो सदियों की चाहतें... हसरत रही कि ऐसा कोई अपना भी तलबगार हो।
माना की तुम जीते हो ज़माने के लिए। एक बार तो जी कर देखो हमारे लिए।। दिल की क्या औकात आपके सामने। हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिए।।
तमन्ना थी जो कभी अब हसरत बन गयी, कभी दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गयी। कुछ इस तरह शामिल हुए तुम जिंदगी में, तुझे सोचते रहना मेरी आदत बन गयी।।
आँसू की बूँद को नूर कर दिया, तन्हा जीने को मज़बूर कर दिया। ये कैसा खेल खेला तकदीर ने मेरे साथ, जो दिल के करीब था उसे भी मुझसे दूर कर दिया।।
खता हो गई तो फिर सजा सुना दो। दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो।। देर हो गई याद करने में जरूर। पर आपको भूला दें, ये ख्याल मिटा दो।।
तेरे हर ग़म को अपनी रूह में उतार लूं। जिंदगी अपनी तेरी चाहत में संवार दूं।। मुलाकात हो तुमसे इस कदर मेरी। सारी उम्र केवल एक मुलाकात में गुजार लूं।।
उदास आंखों में अपने करार देखा है। पहली बार उसे बेकरार देखा है।। जिसे खबर ना होती थी मेरे आने जाने की। उसकी आंखों में आज इंतजार देखा है।।
ना दुआ माँगा ना कोई गुजारिश की, ना कोई फ़रियाद ना कोई नुमाईश की। पर जब भी झुका सर उस भगवान् के आगे, हमने ऐ सनम बस आपको पाने की ख्वाहिश की।।
दिल ऐसे धड़कता है मेरा तेरे शहर से गुजरते वक़्त, मीठा सा दर्द होता है जैसे ज़ख्म के भरते वक़्त।
सावन में हम बारिश बनकर बरस जायेंगे, पतझड़ में पत्ते गिरकर बिखर जायेंगे। क्या हुआ जो हम आपको परेशान करते हैं, इन लम्हों के लिए आप भी कभी तरस जायेंगे।।
इश्क़ का तेरे यकीन बन जाऊं, दर्द में तेरे सुकून बन जाऊं। तुम रखो कदम जिस जगह भी खुदा करें, मैं वो जमीन बन जाऊं।।
तुम्हारी यादों को रोक पाना मुश्किल है, रोते हुए दिल को मना पाना मुश्किल है। ये दिल आपको कितना याद करता है, ये किसी को बता पाना कितना मुश्किल है।।
मौसम है सावन का और याद तुम्हारी आती है, बारिश के हर कतरे से आवाज़ तुम्हारी आती है। बादल जब गरजते हैं दिल की धड़कन बढ़ जाती है, दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ तुम्हारी आती है।।
मेरी एक तमन्ना थी जो अब हसरत बन गयी, कभी तुमसे दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गयी। कुछ इस तरह शामिल हुए तुम जिंदगी में की, तुम्हें सोचते रहना मेरी आदत सी बन गयी।।
क्यों दस्तक देते रहते हो मेरे दिल की दहलीज़ पर, कम्बख्त ये तो यूँ ही तुम्हारे नाम से धड़कता है। ये आईना क्या दे सकेगा तुम्हें तुम्हारी सख्सियत की खबर, कभी हमारी आँखों से पूछो, कितने लाजवाब हो तुम।।
उसके इंतज़ार के मारे हैं हम, बस उसकी यादों के सहारे हैं हम। दुनिया जीत के करना क्या है अब, साथ जिसके दुनियाँ से जितना था, आज उसी से हारे हैं हम।।
चूम लेते हैं अक्सर उस आईने को, जिसमें तेरा अक्स नज़र आता है। बोलना तो चाहते हैं दिल की बातें, मगर बोले तो थोड़ा दिल घबराता है।।
तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा, तेरे ख्यालों में हमने सितारों को देखा। पसंद था बस आपका साथ, वरना इन आँखों ने तो हज़ारों को देखा।।
धड़कते दिलों का करार हो तुम, सजी हुई महफ़िल की बहार हो तुम। तरसती हुई निगाहों का इंतज़ार हो तुम, मेरी जिंदगी का पहला और आखिरी प्यार हो तुम।।
तुम्हारी चाहत में हम ज़माना भूल गए, किसी और को हम अपनाना भूल गए। तुमसे मोहब्बत है सारे जहां को बताया, बस एक तुमको ही बताना भूल गये।
खड़े खड़े साहिल पे हमने शाम कर दी, अपना दिल और दुनियाँ आपके नाम कर दी। ये भी ना सोचा कैसे गुजरेगी जिंदगी, बिना सोचे समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।।
इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया, हर ख़ुशी से हमे अंजाम कर दिया। हमने तो कभी नहीं चाहा कि हमें भी मोहब्बत हो, पर आपकी एक नज़र ने हमें नीलाम कर दिया।।
आंखों को इंतजार की सौगात सौंपकर, मोहब्बत खुद आराम से कहीं सो जाती है। जिस्म करवट बदलता है रात में अकेला, रूह तेरी गलियों की बंजारन हो जाती है।।
मैं इश्क/जंग में जीत के आने के लिए काफी हूं, मैं अकेला ही जमाने के लिए काफी हूं। मेरी हर हकीकत को ख्वाब समझने वालों, मैं अकेला ही तुम्हारी नींद उड़ाने के लिए काफी हूं।।
इश्क़ है या इबादत, कुछ भी समझ नहीं आता; एक खूबसूरत ख्याल हो तुम, जो दिल से नहीं जाता।
झुकाकर सर तेरे सज़दे में सुनो इज़हार करते हैं। छुपाकर इश्क़ ये सबसे निग़ाहें चार करते हैं ।। कभी बिंदी कभी चूड़ी, कभी पायल बनो मेरी। सजा दो हाथ मेंहदी से, चलो श्रंगार करते हैं।।
पास बैठो ज़रा तुम घड़ी दो घड़ी, मेरी नज़रों में तो ठहरो घड़ी दो घड़ी।। प्रेम का सार तो तुमको ही लिखती रही। ग़र मन से पढ़ो तो तुम घड़ी दो घड़ी।।
ना मैं प्रेम की मूरत, ना नफ़रत मुझसे है हारी। रखूँगी मान जो सबका तभी सबकी हुई प्यारी।। हवा हूँ, धूप हूँ पानी कभी बिजली के जैसी हूँ। लडूंगी खुद अकेले ही, क्योंकि हूं मैं आज की नारी ।।
ना जाने कैसा फसाना सुना गयी मुझको, हवा जरा सी चली तो रुला गयी मुझको। उसी के ख्वाबों में दिन रात खोए रहते हैं, वो एक निगाह जो पागल बना गयी मुझको।।
हमारी गलतियों से कहीं टूट ना जाना; हमारी शरारत से कभी रूठ ना जाना। तुम्हारी चाहत ही जिन्दगी है हमारी; इस प्यार के बंधन को कहीं भूल ना जाना।।
कुछ रहे ना रहे, तेरी मोहब्बत का सहारा रहे; प्यार में डूबा ये दिल हमारा रहे। खुशियाँ तेरी, सारे गम मेरे हों दुआ यही है; इन आँखों में सदा चेहरा तुम्हारा रहे।।
डिजिटल दौर की मज़ाहिया शायरी
<p class="hi">आज का दौर इंटरनेट और मोबाइल का है, और अब इश्क़ भी पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। दिल टूटने की आह भी अब ईमेल में जाती है, और चिलमन की जगह ले चुका है स्काइप। मोहब्बत के पुराने एहसासात जब नए ज़माने की टेक्नोलॉजी से टकराते हैं, तो जो तस्वीर बनती है, वह है हँसी से लोटपोट कर देने वाली यह शानदार शायरी।</p>
<p class="hi">"नेट ईजाद हुआ हिज्र के मारों के लिए..." से शुरू होकर "तू नहीं तो और सही..." तक, यह नज़्म न सिर्फ़ ऑनलाइन इश्क़ की हक़ीक़त बयान करती है, बल्कि उस तन्हाई, सर्च इंजन मोहब्बत और फेसबुक मोहब्बत को भी उजागर करती है, जिसमें आज की पीढ़ी उलझी हुई है।</p>
<p class="hi">अगर आप भी कभी डिजिटल प्यार में पड़े हैं या इंटरनेट इश्क़ का शिकार हुए हैं, तो यह शायरी ज़रूर पढ़िए — हँसी भी आएगी और कुछ यादें भी ताज़ा होंगी।</p>
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<p class="csl hi">नेट ईजाद हुआ हिज्र के मारों के लिए।
सर्च इंजन है बड़ी चीज़ कुँवारों के लिए।। जिसको सदमा शब-ए-तन्हाई के अय्याम का है। ऐसे आशिक़ के लिए नेट बहुत काम का है।।
नेट फ़रहाद को शीरीं से मिला देता है। इश्क़ इंसान को गूगल पे बिठा देता है।। काम मक्तूब का माउस से लिया जाता है। आह-ए-सोज़ाँ को भी अपलोड किया जाता है।।
टेक्स्ट में लोग मोहब्बत की ख़ता भेजते हैं। घर बताते नहीं ऑफ़िस का पता भेजते हैं।। आशिक़ों का ये नया तौर नया टाइप है। पहले चिलमन हुआ करती थी अब इस्काइप है।।
इश्क़ कहते हैं जिसे इक नया समझौता है। पहले दिल मिलते थे अब नाम क्लिक होता है।। दिल का पैग़ाम जब ईमेल से मिल जाता है। मेल हर चौक पे फ़ीमेल से मिल जाता है।।
इश्क़ का नाम फ़क़त आह-ओ-फ़ुग़ाँ था पहले। डाकख़ाने में ये आराम कहाँ था पहले।। आई-डी जबसे मिली है मुझे हम-साई की। अच्छी लगती है तवालत शब-ए-तन्हाई की।।
नेट पे लोग जो नव्वे से पलस होते हैं। बैठे रहते हैं वो टस होते हैं न मस होते हैं।। फेसबुक कूचा-ए-जानाँ से है मिलती-जुलती। हर हसीना यहाँ मिल जाएगी हिलती-जुलती।।
ये मोबाइल किसी आशिक़ ने बनाया होगा। उसको महबूब के अब्बा ने सताया होगा।। टेक्स्ट जब आशिक़-ए-बर्क़ी का अटक जाता है। तालिब-ए-शौक़ तो सूली पे लटक जाता है।।
ऑनलाइन तिरे आशिक़ का यही तौर सही। तू नहीं कोई और सही, कोई और नहीं तो कोई और सही।।
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